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बारकोड स्कैन करा कर डॉक्टर के खाते से उड़ाए 98 हजार रुपये
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साइबर ठग ने परिचित व्यक्ति बन कर डॉक्टर खाते में रुपये भेजने का झांसा देकर बारकोड स्कैन करा लिया। इसके बाद दो बार में डॉक्टर के खाते से 98 हजार रुपये काट लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित डॉक्टर ने मामले की शिकायत एसपी से की। उनके निर्देश पर साइबर सेल मामले की जांच में जुट गई है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के करनपुर माफी गांव में नौबहार सिंह पुत्र जगपाल सिंह का परिवार रहता है। पेशे से डॉक्टर नौबाहर सिंह गांव में ही क्लीनिक चलाते हैं। मंगलवार की सुबह उनके चाचा महिपाल सिंह के मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को पड़ोस के गांव भगवानपुर निवासी राहुल बताया। राहुल नाम का व्यक्ति भगवानपुर गांव में महिपाल सिंह का परिचित भी है। ऐसी स्थिति में महिपाल सिंह ने फोन करने वाले व्यक्ति पर राहुल होने का भरोसा कर लिया। आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके फोन पर 40 हजार रुपये डलवाने की बात कही थी, लेकिन महिपाल सिंह फोन पे या गूगल पे नहीं चलाते हैं, इसलिए वह अपने भतीजे डॉक्टर नौबहार सिंह के पास आये और फोन करने वाले व्यक्ति को उनका नंबर दे दिया। तभी साइबर ठग में डॉक्टर नौबहार के व्हाट्सएप नंबर पर एक बार कोड भेजा, जिस पर 49 हजार रुपये लिखे थे। फोन करने वाले व्यक्ति ने उनसे गूगल पर के माध्यम से बाहर कोड को स्कैन करने के लिए कहा। जैसे ही डॉक्टर नौबहार सिंह ने बारकोड स्कैन किया, तो उनके अकाउंट से 49 हजार रुपये कट गए। जब नौबहार सिंह ने फोन करने वाले व्यक्ति से रुपए कटने की बात कही तो उसने गलती मानते हुए रुपये वापस करने का झांसा दिया।
कहा कि बारकोड को फोन पे के माध्यम से दोबारा स्कैन करेंगे तो उनके रुपये वापस आ जाएंगे। इस बार भी नौबहार सिंह ने जैसे ही बारकोड स्कैन किया तो दोबारा भी उनके खाते से 49 हजार रुपये कट गए। ठगी का अहसास होने पर नौबहार सिंह ने फोन काट दिया। आनन-फानन में बैंक जाकर खाते पर रोक लगवाई। पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक गूगल पे पर आरोपी का नाम पवनेश कुमार आ रहा है। उसके बाद पीड़ित डॉक्टर नौबहार सिंह ने एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। एसपी के आदेश पर साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के करनपुर माफी गांव में नौबहार सिंह पुत्र जगपाल सिंह का परिवार रहता है। पेशे से डॉक्टर नौबाहर सिंह गांव में ही क्लीनिक चलाते हैं। मंगलवार की सुबह उनके चाचा महिपाल सिंह के मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को पड़ोस के गांव भगवानपुर निवासी राहुल बताया। राहुल नाम का व्यक्ति भगवानपुर गांव में महिपाल सिंह का परिचित भी है। ऐसी स्थिति में महिपाल सिंह ने फोन करने वाले व्यक्ति पर राहुल होने का भरोसा कर लिया। आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके फोन पर 40 हजार रुपये डलवाने की बात कही थी, लेकिन महिपाल सिंह फोन पे या गूगल पे नहीं चलाते हैं, इसलिए वह अपने भतीजे डॉक्टर नौबहार सिंह के पास आये और फोन करने वाले व्यक्ति को उनका नंबर दे दिया। तभी साइबर ठग में डॉक्टर नौबहार के व्हाट्सएप नंबर पर एक बार कोड भेजा, जिस पर 49 हजार रुपये लिखे थे। फोन करने वाले व्यक्ति ने उनसे गूगल पर के माध्यम से बाहर कोड को स्कैन करने के लिए कहा। जैसे ही डॉक्टर नौबहार सिंह ने बारकोड स्कैन किया, तो उनके अकाउंट से 49 हजार रुपये कट गए। जब नौबहार सिंह ने फोन करने वाले व्यक्ति से रुपए कटने की बात कही तो उसने गलती मानते हुए रुपये वापस करने का झांसा दिया।
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कहा कि बारकोड को फोन पे के माध्यम से दोबारा स्कैन करेंगे तो उनके रुपये वापस आ जाएंगे। इस बार भी नौबहार सिंह ने जैसे ही बारकोड स्कैन किया तो दोबारा भी उनके खाते से 49 हजार रुपये कट गए। ठगी का अहसास होने पर नौबहार सिंह ने फोन काट दिया। आनन-फानन में बैंक जाकर खाते पर रोक लगवाई। पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक गूगल पे पर आरोपी का नाम पवनेश कुमार आ रहा है। उसके बाद पीड़ित डॉक्टर नौबहार सिंह ने एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। एसपी के आदेश पर साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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