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Amroha News: भंडार गृह के पूर्व गोदाम प्रबंधक समेत दो से होगी 90 लाख की वसूली
Thu, 27 Nov 2025 02:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 27 Nov 2025 02:39 AM IST
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गजरौला। राज्य भंडार गृह के औद्योगिक क्षेत्र स्थित गोदाम के सात साल प्रबंधक रहे मोहम्मद राशिद व गोदाम कीपर से 90 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। राशिद अब बुलंदशहर में तैनात है। राशिद के गजरौला के कार्यकाल के दौरान कम हुए तीन हजार क्विंटल अनाज की जांच कर रही यूपी राज्य भंडार निगम की लखनऊ की विजिलेंस टीम ने गड़बड़ी पाए जाने की पुष्टि की है।
नगर के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित उत्तर प्रदेश राज्य भंडार निगम के राज्य भंडार गृह में भारतीय खाद्य निगम ने 20 हजार टन अनाज रखने के लिए गोदाम को किराए पर ले रखा है। इसमें गेहूं व चावल दोनों रखे जाते हैं। साल 2015 से जुलाई 2022 तक मोहम्मद राशिद गोदाम के प्रबंधक रहे। जुलाई 2022 में उनका बुलंदशहर स्थानांतरण कर दिया गया। वह सात साल गजरौला में बतौर गोदाम प्रभारी रहे। उनके बाद मनोज कुमार को गजरौला का गोदाम प्रबंधक बनाया गया।
राशिद ने जाते समय मनोज कुमार को चार्ज सौंपा था। दोनों ने अपने सामने गोदाम में रखे चावल व गेहूं को बाहर निकलवाया और उसकी तौल कराई। तौल में गोदाम में रखा अनाज साढ़े चार लाख क्विंटल पाया गया। यह 4.53 लाख क्विंटल होना चाहिए था। एफसीआई का रखा अनाज तीन हजार क्विंटल कम निकला। इसकी कीमत 90 लाख थी। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची। निगम ने लखनऊ में विजिलेंस को इस प्रकरण की जांच सौंपी। जांच में तीन हजार क्विंटल अनाज कम पाया जाने की बात सामने आई। इसके बाद रिपोर्ट निगम के अफसरों को सौंप दी जिसके बाद निगम ने मोहम्मद राशिद और गोदाम कीपर अनिल यादव से तीन हजार क्विंटल अनाज की कीमत वसूल करने के आदेश जारी किए।
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22 साल पूर्व बना था 60 हजार क्विंटल की क्षमता का भंडार गृह
साल 2001 में गजरौला औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य भंडार निगम ने राज्य भंडार गृह बनवाया। इसकी 60 हजार टन अनाज रखने की क्षमता है। गोदाम को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), कृभको व इफ्को ने किराए पर ले रखा है। इसमें एफसीआई 20 हजार टन अनाज रखता है, जबकि 80 हजार क्विंटल इफको व चार हजार क्विंटल कृभको रासायनिक खाद रखती हैं। इसके अलावा चीनी मिलें भी चीनी आदि रखने के लिए गोदाम को किराए पर लेती हैं जिससे भंडार निगम को अच्छी खासी आमदनी होती है। मगर इस बार चीनी मिलों ने गोदाम को किराए पर नहीं लिया।
- अनाज कम पाया जाने पर गोदाम कीपर से वसूली की उनको जानकारी है, लेकिन उनसे भी अभी वसूली की जाएगी, यह जानकारी नहीं है। - मोहम्मद राशिद, पूर्व गोदाम प्रबंधक भंडार गृह गजरौला
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नगर के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित उत्तर प्रदेश राज्य भंडार निगम के राज्य भंडार गृह में भारतीय खाद्य निगम ने 20 हजार टन अनाज रखने के लिए गोदाम को किराए पर ले रखा है। इसमें गेहूं व चावल दोनों रखे जाते हैं। साल 2015 से जुलाई 2022 तक मोहम्मद राशिद गोदाम के प्रबंधक रहे। जुलाई 2022 में उनका बुलंदशहर स्थानांतरण कर दिया गया। वह सात साल गजरौला में बतौर गोदाम प्रभारी रहे। उनके बाद मनोज कुमार को गजरौला का गोदाम प्रबंधक बनाया गया।
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राशिद ने जाते समय मनोज कुमार को चार्ज सौंपा था। दोनों ने अपने सामने गोदाम में रखे चावल व गेहूं को बाहर निकलवाया और उसकी तौल कराई। तौल में गोदाम में रखा अनाज साढ़े चार लाख क्विंटल पाया गया। यह 4.53 लाख क्विंटल होना चाहिए था। एफसीआई का रखा अनाज तीन हजार क्विंटल कम निकला। इसकी कीमत 90 लाख थी। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची। निगम ने लखनऊ में विजिलेंस को इस प्रकरण की जांच सौंपी। जांच में तीन हजार क्विंटल अनाज कम पाया जाने की बात सामने आई। इसके बाद रिपोर्ट निगम के अफसरों को सौंप दी जिसके बाद निगम ने मोहम्मद राशिद और गोदाम कीपर अनिल यादव से तीन हजार क्विंटल अनाज की कीमत वसूल करने के आदेश जारी किए।
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22 साल पूर्व बना था 60 हजार क्विंटल की क्षमता का भंडार गृह
साल 2001 में गजरौला औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य भंडार निगम ने राज्य भंडार गृह बनवाया। इसकी 60 हजार टन अनाज रखने की क्षमता है। गोदाम को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), कृभको व इफ्को ने किराए पर ले रखा है। इसमें एफसीआई 20 हजार टन अनाज रखता है, जबकि 80 हजार क्विंटल इफको व चार हजार क्विंटल कृभको रासायनिक खाद रखती हैं। इसके अलावा चीनी मिलें भी चीनी आदि रखने के लिए गोदाम को किराए पर लेती हैं जिससे भंडार निगम को अच्छी खासी आमदनी होती है। मगर इस बार चीनी मिलों ने गोदाम को किराए पर नहीं लिया।
- अनाज कम पाया जाने पर गोदाम कीपर से वसूली की उनको जानकारी है, लेकिन उनसे भी अभी वसूली की जाएगी, यह जानकारी नहीं है। - मोहम्मद राशिद, पूर्व गोदाम प्रबंधक भंडार गृह गजरौला