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Amroha News: दुल्हन को गोली मारने के दोषी को 7 साल की सजा
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अमरोहा। दस साल पहले शादी के दिन दुल्हन को गोली मारने के दोषी को न्यायालय ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वह जमानत पर बाहर था। न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के मनोटा पुल पर 24 फरवरी 2013 की रात को हुई थी। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भीकनपुर निवासी रोहताश कुमार हसनपुर में डॉक्टर नजमा के यहां कंपाउंडर था। यहां पर मनोटा गांव के रहने वाले पीतम सिंह की बेटी पुष्पा भी काम करती थी। रोहतास पुष्पा से एकतरफा मोहब्बत करता था, लेकिन पुष्पा इससे अनजान थी। इसी बीच पुष्पा की शादी तय हो गई। 24 फरवरी 2013 को बरात आनी थी। इस बीच रोहताश ने पुष्पा से शादी करने की बात कही तो उसने इंकार कर दिया था। शादी वाले दिन पुष्पा अपनी ममेरी बुआ कुसुम और गांव के ही युवक तनसुख के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर हसनपुर में ब्यूटी पार्लर पर मेकअप कराने आई थी। शाम को करीब सात बजे मेकअप कराने के बाद तीनों घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक मनोटा पुल पर पहुंची तभी रोहताश अपने कुछ साथियों के साथ पहुंच गया और बाइक रुकवा कर पुष्पा की कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही पुष्पा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना को अंजाम देकर आरोपी रोहताश मौके से भाग निकला। मामले में पीड़िता के पिता पीतम सिंह की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला करने और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (एससी एसटी एक्ट) तृप्ता चौधरी की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज सक्सेना और निजी अधिवक्ता पवन कुमार वर्मा पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य व सबूतों के आधार पर आरोपी रोहताश को दोषी करार दिया।
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ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के मनोटा पुल पर 24 फरवरी 2013 की रात को हुई थी। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भीकनपुर निवासी रोहताश कुमार हसनपुर में डॉक्टर नजमा के यहां कंपाउंडर था। यहां पर मनोटा गांव के रहने वाले पीतम सिंह की बेटी पुष्पा भी काम करती थी। रोहतास पुष्पा से एकतरफा मोहब्बत करता था, लेकिन पुष्पा इससे अनजान थी। इसी बीच पुष्पा की शादी तय हो गई। 24 फरवरी 2013 को बरात आनी थी। इस बीच रोहताश ने पुष्पा से शादी करने की बात कही तो उसने इंकार कर दिया था। शादी वाले दिन पुष्पा अपनी ममेरी बुआ कुसुम और गांव के ही युवक तनसुख के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर हसनपुर में ब्यूटी पार्लर पर मेकअप कराने आई थी। शाम को करीब सात बजे मेकअप कराने के बाद तीनों घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक मनोटा पुल पर पहुंची तभी रोहताश अपने कुछ साथियों के साथ पहुंच गया और बाइक रुकवा कर पुष्पा की कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही पुष्पा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना को अंजाम देकर आरोपी रोहताश मौके से भाग निकला। मामले में पीड़िता के पिता पीतम सिंह की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला करने और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (एससी एसटी एक्ट) तृप्ता चौधरी की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज सक्सेना और निजी अधिवक्ता पवन कुमार वर्मा पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य व सबूतों के आधार पर आरोपी रोहताश को दोषी करार दिया।
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