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Amroha News: बारिश में 44 जर्जर भवन बने काल, मंडरा रहा हादसे का खतरा
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अमरोहा। लगातार बारिश के बीच शहर के 44 जर्जर भवन लोगों की जान पर खतरा बने हुए हैं। इन खस्ताहाल भवनों के आसपास से गुजरने वालों पर भी हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। नगर पालिका ने बरसात से पहले भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अधिकांश भवन अब भी जस के तस खड़े हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इन भवनों को नहीं गिराया गया तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर पालिका के सर्वे के अनुसार सबसे अधिक सात जर्जर भवन मोहल्ला कुरेशी में हैं। इसके अलावा बाजार रज्जाक में तीन, मंडी चौक में दो तथा लकड़ा और घेर पच्छैया में एक-एक भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। वहीं कूचा खत्रियान, मोहल्ला चौक, राजू सराय, शफातपोता, मोहल्ला सद्दो, शाही चबूतरा, बगला, नौबतखाना और मोहल्ला कोट समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी खस्ताहाल भवन चिह्नित किए गए हैं।
पालिका की ओर से भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक ध्वस्तीकरण नहीं हो सका है। ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि यदि भवन स्वामी स्वयं जर्जर भवन नहीं गिराते हैं तो नगर पालिका अपने स्तर से कार्रवाई करेगी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इन भवनों को नहीं गिराया गया तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर पालिका के सर्वे के अनुसार सबसे अधिक सात जर्जर भवन मोहल्ला कुरेशी में हैं। इसके अलावा बाजार रज्जाक में तीन, मंडी चौक में दो तथा लकड़ा और घेर पच्छैया में एक-एक भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। वहीं कूचा खत्रियान, मोहल्ला चौक, राजू सराय, शफातपोता, मोहल्ला सद्दो, शाही चबूतरा, बगला, नौबतखाना और मोहल्ला कोट समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी खस्ताहाल भवन चिह्नित किए गए हैं।
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पालिका की ओर से भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक ध्वस्तीकरण नहीं हो सका है। ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि यदि भवन स्वामी स्वयं जर्जर भवन नहीं गिराते हैं तो नगर पालिका अपने स्तर से कार्रवाई करेगी।
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