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Amroha News: नौकरी लगवाने का झांसा देकर हड़प लिए 3.70 लाख
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अमरोहा। विकास भवन में प्रधानमंत्री मातृ वंदना के तहत डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा से देकर 3.75 लाख हड़प लिए। इतना ही नहीं फर्जी नियुक्तिपत्र भी दे दिया गया। धोखाधड़ी का आरोप डिग्री कॉलेज व इंग्लिश मीडियम स्कूल चलाने वाले दंपती और उनके बेटे पर है। न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अमरोहा नगर के मोहल्ला शफातपोता में मोहम्मद कामिल का परिवार रहता है। उनके द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के रायपुर खुर्द के रहने वाले महताब कमर और उनके पति समशुल कमर से अच्छे ताल्लुकात थे। महताब कमर और समशुल कमर डिग्री कॉलेज व इंग्लिश मीडियम स्कूल के मालिक भी हैं। दोनों का स्कूल कॉलेज के काम के लिए लखनऊ आना जाना रहता है।
आरोप है कि महताब कमर ने कामिल को विकास भवन में संविदा पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर के पद पर नौकरी लगवानी की बात कही। साथ ही उन्होंने लखनऊ तक पहुंच बताने की बात करते हुए 30 दिसंबर 2024 को तीन लाख रुपये ले लिए। इसके बाद महताब कमर ने पीड़ित मो. कामिल का प्रधानमंत्री मातृ वंदना में डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर पद पर रजिस्ट्रेशन कराया और 30 दिसंबर 2024 को एक नियुक्तिपत्र दे दिया। लेकिन, मो. कामिल की नौकरी नहीं लगी। इसके बाद मो. कामिल ने महताब कमर से अपने रुपये वापस मांगे तो महताब कमर के पति समशुल कमर ने 70 हजार रुपये और देने पर नौकरी लगने की बात कही।
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इसके बाद पीड़ित मो. कामिल ने समशुल कमर के द्वारा दिए गए बारकोड पर 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह बारकोड किसी गुलाम वारसी के नाम से था। 31 सितंबर 2025 की दोपहर महताब कमर, समशुल कमर और उनका बेटा मो. मेहरान मीटिंग करने के इरादे से आए। इस दौरान मो. कामिल ने अपने रुपये मांगे तो आरोपियों ने लौटने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं तीनों ने बदतमीजी की और मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा, उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर महताब कमर, समशुल कमर और मो. मेहरान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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अमरोहा नगर के मोहल्ला शफातपोता में मोहम्मद कामिल का परिवार रहता है। उनके द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के रायपुर खुर्द के रहने वाले महताब कमर और उनके पति समशुल कमर से अच्छे ताल्लुकात थे। महताब कमर और समशुल कमर डिग्री कॉलेज व इंग्लिश मीडियम स्कूल के मालिक भी हैं। दोनों का स्कूल कॉलेज के काम के लिए लखनऊ आना जाना रहता है।
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आरोप है कि महताब कमर ने कामिल को विकास भवन में संविदा पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर के पद पर नौकरी लगवानी की बात कही। साथ ही उन्होंने लखनऊ तक पहुंच बताने की बात करते हुए 30 दिसंबर 2024 को तीन लाख रुपये ले लिए। इसके बाद महताब कमर ने पीड़ित मो. कामिल का प्रधानमंत्री मातृ वंदना में डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर पद पर रजिस्ट्रेशन कराया और 30 दिसंबर 2024 को एक नियुक्तिपत्र दे दिया। लेकिन, मो. कामिल की नौकरी नहीं लगी। इसके बाद मो. कामिल ने महताब कमर से अपने रुपये वापस मांगे तो महताब कमर के पति समशुल कमर ने 70 हजार रुपये और देने पर नौकरी लगने की बात कही।
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इसके बाद पीड़ित मो. कामिल ने समशुल कमर के द्वारा दिए गए बारकोड पर 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह बारकोड किसी गुलाम वारसी के नाम से था। 31 सितंबर 2025 की दोपहर महताब कमर, समशुल कमर और उनका बेटा मो. मेहरान मीटिंग करने के इरादे से आए। इस दौरान मो. कामिल ने अपने रुपये मांगे तो आरोपियों ने लौटने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं तीनों ने बदतमीजी की और मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा, उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर महताब कमर, समशुल कमर और मो. मेहरान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।