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जिले में 45 दिन में बुखार से 35 मौतें
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अमरोहा। नवंबर का पहला हफ्ता चल रहा है लेकिन अभी तक जिले पर चढ़ी बुखार की डिग्री नहीं उतरी है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी बुखार से तप रहे हैं। जिले में बुखार से हाहाकार मचा हुआ है। जिले में करीब 45 दिनों में 35 मौतें हो चुकी हैं। लेकिन सेहत महकमा इन मौतों को बुखार से होना नहीं मान रहा है। सरकारी आंकड़ों बुखार से सिर्फ तीन मौतें दर्ज हैं। इसके अलावा तेरह मौतों को बुखार के साथ दूसरी बीमारी होना बता रहा है। यही नहीं जिले में में फैले डेंगू के डंक भी सरकारी आंकड़े में सिर्फ 18 मरीजों को लगा है जबकि डेंगू आशंकित मरीजों की संख्या 81 बताया जा रहा है।
हसनपुर क्षेत्र में 45 दिनों में बुखार से 16 मौतें
हसनपुर। क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। आए दिन किसी न किसी की जिंदगी को बुखार लील रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानलेवा बुखार पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही। जिससे क्षेत्र के लोगों में बुखार व डेंगू को लेकर दहशत का माहौल है। पिछले डेढ़ माह में हसनपुर तहसील क्षेत्र में सोलह लोगों की मौत बुखार की वजह से हो चुकी है। जबकि बीस से अधिक लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। पंद्रह दिन पूर्व गंगवार के प्रधानपति मोमिन अहमद को डेंगू की पुष्टि मेरठ में हुई थी, बुरावली, मटीपुरा के चार लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। गांव झकड़ी में प्रधान के परिवार के पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। गांव भदौरा निवासी किसान संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा के बेटे विमल शर्मा समेत पांच लोगों को दो दिन पूर्व नगर के निजी अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई थी। जबकि रविवार को तरौली निवासी भारतीय किसान यूनियन असली के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद नागर को निजी अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई। लगातार डेंगू पैर पसारता जा रहा है, लेकिन इस तरफ विभागीय अफसर कोई ध्यान नहीं दे रहे। उधार, बुखार व डेंगू की वजह से पैंतालीस दिनों में करीब सोलह लोगों की जान जा चुकी है।
धनौरा क्षेत्र में 15 दिन में बुखार से तीन मौत
मंडी धनौरा। नगर व क्षेत्र में 15 दिन में बुखार की वजह से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दो की मौत डेेंगू बुखार की वजह से होनी बताई गई है। सोमवार को तीन रोगियों को खून की जांच में डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। 17 अक्तूबर को क्षेत्र के गांव लाडनपुर निवासी व एक स्कूल में शिक्षक नीशू की बुखार से मौत हुई है। बताया जाता है कि नीशू को डेंगू बुखार था। 21 अक्तूबर को पड़ोसी गांव पपसरा बंगर में 16 साल के किशोर चंद्रभान की भी बुखार की वजह से मौत हो गई थी। परिजन उसे मेरठ ले गए थे। 23 अक्तूबर को नगर के मुहल्ला हीरानगर में रहने वाले कुलदीप उम्र 25 साल की भी बुखार की वजह से मौत हो गई थी। इसके अलावा बड़ी तादाद में लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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डेंगू की जांच का कोई इंतजाम नहीं
मंडी धनौरा। सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। रोगियों को मजबूरी में निजी पैथोलोजी लेबोरेटरी में जाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि निजी प्रयोगशाला में डेंगू बुखार की जांच लगभग 850 रुपये में हो रही है। लोग सामान्य बुखार होने पर भी संदेह के आधार पर डेंगू बुखार व प्लेटलेटस की जांच करा रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थय केंद्र परडेंगू बुखार की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। सरकारी अस्पताल में मौजूद चिकित्सक एके राजौरिया ने बताया यहां के लिए मात्र 10 किट भेजी गई थी। जो काफी पहले समाप्त हो गई है। अब निजी पैैथोलोजी से खून की जांच करानी पड़ रही है। उनका कहना था कि ओपीडी में रोजाना आने वाले 70 फीसदी रोगी बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
गजरौला में आठ दिन में छह मौतें
अमरोहा। अकेले गजरौला क्षेत्र में आठ दिन में बुखार से तीन मौतें हो चुकी है। गजरौल क्षेत्र के सलेमपुर गोसाई में 31 अक्तूबर को तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई थी। इसके अलावा तीन और लोग भी बुखार के शिकार हुुए थे। लेकिन विभाग ने मौत की वजह अन्य बीमारी बताई।
अमरोहा-जोया ब्लॉक में दस मौतें
अमरोहा। अमरोहा, जोया और गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र में 45 दिनों में बुुखार से करीब दस मौतें हो चुकी है। वहीं जोया ब्लॉक के असगरीपुर और ढकिया चमन में डेेंगू का प्रकोप रहा। यहां डेंगू के सबसे अधिक केस पाए गए। डीएम ने ढकिया चमन का दौरा भी किया था।
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हसनपुर क्षेत्र में 45 दिनों में बुखार से 16 मौतें
हसनपुर। क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। आए दिन किसी न किसी की जिंदगी को बुखार लील रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानलेवा बुखार पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही। जिससे क्षेत्र के लोगों में बुखार व डेंगू को लेकर दहशत का माहौल है। पिछले डेढ़ माह में हसनपुर तहसील क्षेत्र में सोलह लोगों की मौत बुखार की वजह से हो चुकी है। जबकि बीस से अधिक लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। पंद्रह दिन पूर्व गंगवार के प्रधानपति मोमिन अहमद को डेंगू की पुष्टि मेरठ में हुई थी, बुरावली, मटीपुरा के चार लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। गांव झकड़ी में प्रधान के परिवार के पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। गांव भदौरा निवासी किसान संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा के बेटे विमल शर्मा समेत पांच लोगों को दो दिन पूर्व नगर के निजी अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई थी। जबकि रविवार को तरौली निवासी भारतीय किसान यूनियन असली के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद नागर को निजी अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई। लगातार डेंगू पैर पसारता जा रहा है, लेकिन इस तरफ विभागीय अफसर कोई ध्यान नहीं दे रहे। उधार, बुखार व डेंगू की वजह से पैंतालीस दिनों में करीब सोलह लोगों की जान जा चुकी है।
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धनौरा क्षेत्र में 15 दिन में बुखार से तीन मौत
मंडी धनौरा। नगर व क्षेत्र में 15 दिन में बुखार की वजह से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दो की मौत डेेंगू बुखार की वजह से होनी बताई गई है। सोमवार को तीन रोगियों को खून की जांच में डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। 17 अक्तूबर को क्षेत्र के गांव लाडनपुर निवासी व एक स्कूल में शिक्षक नीशू की बुखार से मौत हुई है। बताया जाता है कि नीशू को डेंगू बुखार था। 21 अक्तूबर को पड़ोसी गांव पपसरा बंगर में 16 साल के किशोर चंद्रभान की भी बुखार की वजह से मौत हो गई थी। परिजन उसे मेरठ ले गए थे। 23 अक्तूबर को नगर के मुहल्ला हीरानगर में रहने वाले कुलदीप उम्र 25 साल की भी बुखार की वजह से मौत हो गई थी। इसके अलावा बड़ी तादाद में लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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डेंगू की जांच का कोई इंतजाम नहीं
मंडी धनौरा। सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। रोगियों को मजबूरी में निजी पैथोलोजी लेबोरेटरी में जाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि निजी प्रयोगशाला में डेंगू बुखार की जांच लगभग 850 रुपये में हो रही है। लोग सामान्य बुखार होने पर भी संदेह के आधार पर डेंगू बुखार व प्लेटलेटस की जांच करा रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थय केंद्र परडेंगू बुखार की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। सरकारी अस्पताल में मौजूद चिकित्सक एके राजौरिया ने बताया यहां के लिए मात्र 10 किट भेजी गई थी। जो काफी पहले समाप्त हो गई है। अब निजी पैैथोलोजी से खून की जांच करानी पड़ रही है। उनका कहना था कि ओपीडी में रोजाना आने वाले 70 फीसदी रोगी बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
गजरौला में आठ दिन में छह मौतें
अमरोहा। अकेले गजरौला क्षेत्र में आठ दिन में बुखार से तीन मौतें हो चुकी है। गजरौल क्षेत्र के सलेमपुर गोसाई में 31 अक्तूबर को तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई थी। इसके अलावा तीन और लोग भी बुखार के शिकार हुुए थे। लेकिन विभाग ने मौत की वजह अन्य बीमारी बताई।
अमरोहा-जोया ब्लॉक में दस मौतें
अमरोहा। अमरोहा, जोया और गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र में 45 दिनों में बुुखार से करीब दस मौतें हो चुकी है। वहीं जोया ब्लॉक के असगरीपुर और ढकिया चमन में डेेंगू का प्रकोप रहा। यहां डेंगू के सबसे अधिक केस पाए गए। डीएम ने ढकिया चमन का दौरा भी किया था।