{"_id":"5b82f84642c792465274b21d","slug":"191535309894-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहनों की भीड़ के आगे हांफ गई रोडवेज बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहनों की भीड़ के आगे हांफ गई रोडवेज बसें
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजरौला। रक्षाबंधन के चलते बसों और ट्रेनों में काफी भीड़ रही है। रोडवेज बसे तो बहनों की भीड़ के आगे हांफ गई। मुफ्त सफर कराने वाली बसों में बहनों को जगह तक नहीं मिली। बसों के आने का इंतजार करते करते थक जाने पर डग्गामार वाहनों से सफर करना गंवारा समझा।
रविवार को सवेरे से ही सभी चौपला चौराहा और बस स्टैंड पर यात्रियों की खासी भीड़ थी। रोडवेज बसें पीछे से ही फुल आ रही थी। गजरौला में तो कुछेक महिलाओं को ही रोडवेज में चढ़ने का मौका मिला। गौरतलब है कि रक्षाबंधन को लेकर रोडवेज में बहनों का सफर फ्री था। वहीं त्यौहार के मद्देनजर रोडवेज ने भी बसों के फेरे बढ़ा दिए थे। भीड़ के आगे रोडवेज के सारे इंतजाम धरे रह गए। बस में चढ़ने के लिए महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों को फुल देख कुछ बहनों ने डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर अपनी यात्रा पूरी की। क्योंकि दोपहर होने से पहले सभी को अपने भाईयों के घर पहुंचना था, इस जल्दबाजी में बसों में यात्रियों का दवाब बढ़ गया। सीट मिलना तो दूसर की बात रोडवेज बसों में खड़े होने तक के लिए जगह नहीं थी। ट्रेनों में भी भीड़ का बुरा हाल रहा।
विज्ञापन
रविवार को सवेरे से ही सभी चौपला चौराहा और बस स्टैंड पर यात्रियों की खासी भीड़ थी। रोडवेज बसें पीछे से ही फुल आ रही थी। गजरौला में तो कुछेक महिलाओं को ही रोडवेज में चढ़ने का मौका मिला। गौरतलब है कि रक्षाबंधन को लेकर रोडवेज में बहनों का सफर फ्री था। वहीं त्यौहार के मद्देनजर रोडवेज ने भी बसों के फेरे बढ़ा दिए थे। भीड़ के आगे रोडवेज के सारे इंतजाम धरे रह गए। बस में चढ़ने के लिए महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों को फुल देख कुछ बहनों ने डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर अपनी यात्रा पूरी की। क्योंकि दोपहर होने से पहले सभी को अपने भाईयों के घर पहुंचना था, इस जल्दबाजी में बसों में यात्रियों का दवाब बढ़ गया। सीट मिलना तो दूसर की बात रोडवेज बसों में खड़े होने तक के लिए जगह नहीं थी। ट्रेनों में भी भीड़ का बुरा हाल रहा।
विज्ञापन