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भागवत कथा को सुनने से खुलता है मोक्ष का रास्ता
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:16 AM IST
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गजरौला। श्रीकृष्ण कुंज में गुरुवार को श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्घालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्मलाभ उठाया। वहीं भक्तिप्रद भजनों की प्रस्तुति ने माहौल भक्तिमय बना दिया।
तिगरी के श्रीकृष्ण कुंज में पूजा अर्चना के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा वाचक आचार्य विजय स्वरुप जी महाराज ने कथा के सुनने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि कथा का श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं भागवत कथा से संकट दूर हो जाते हैं। खुद भगवान श्रीकृष्ण के संकट को दूर करने के लिए उनके पिता वासुदेव ने भागवत कथा आयोजन कराया था। कहा कि मानव जीवन भक्ति करने के लिए हुआ है लेकिन, दुनियादारी के भौतिकवाद में फंसकर हम भगवान को भुल जाते हैं। जीवन का असल मकसद ही भक्ति करना है। भक्ति करने से इंसान भगवान के करीब पहुंचता है। उन्होंने कहा कि मानव को जीवन में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ साथ ही भगवान से भी प्रेम करना चाहिए। इस अवसर पर डा. मनीष चौहान, राजाराम, अमर सिंह, भरत, लल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।
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तिगरी के श्रीकृष्ण कुंज में पूजा अर्चना के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा वाचक आचार्य विजय स्वरुप जी महाराज ने कथा के सुनने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि कथा का श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं भागवत कथा से संकट दूर हो जाते हैं। खुद भगवान श्रीकृष्ण के संकट को दूर करने के लिए उनके पिता वासुदेव ने भागवत कथा आयोजन कराया था। कहा कि मानव जीवन भक्ति करने के लिए हुआ है लेकिन, दुनियादारी के भौतिकवाद में फंसकर हम भगवान को भुल जाते हैं। जीवन का असल मकसद ही भक्ति करना है। भक्ति करने से इंसान भगवान के करीब पहुंचता है। उन्होंने कहा कि मानव को जीवन में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ साथ ही भगवान से भी प्रेम करना चाहिए। इस अवसर पर डा. मनीष चौहान, राजाराम, अमर सिंह, भरत, लल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।
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