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गेहूं खरीद में फिसड्डी साबित हुआ जिला, मात्र 26.4
Updated Mon, 12 Jun 2017 01:50 AM IST
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अब तक 26 फीसदी खरीद, चार दिन में कैसे होगा लक्ष्य पूरा
- जिले को मिला था 77 हजार टन का लक्ष्य, 15 जून को बंद होनी है खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। गेहूं की बंपर पैदावार के बावजूद अफसरों की उदासीनता से जिले में खरीद पिछड़ गई है। अब खरीद कार्य बंद होने में चार दिन ही बचे हैं और महज 26 फीसदी खरीद हो सकी है। यह हाल तब है जब जिले को 77 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था।
बता दें कि जनपद में 98 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल बोई गई थी। इस बार मौसम फसल के मुफीद रहने के कारण जिले में गेहूं की बंपर पैदवार हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि, पांच लाख मीट्रिक टन तक गेहूं का उत्पादन हुुुआ है, जो पिछले वर्ष से करीब पचास हजार मीट्रिक टन अधिक है। बावजूद इसके जिला गेहूं खरीद लक्ष्य के नजदीक भी नहीं पहुंच सका है। जिले में खरीद सीजन में 77 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। इसके लिए जिले में 55 क्रय केंद्र खोले गए थे, लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अभी तक 26.48 प्रतिशत कुल 20389.6 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हुई है। यह औसत से भी काफी कम है। पंद्रह जून से खरीद बंद हो जाएगी, ऐसे में आंकड़े में बहुत सुधार की उम्मीद कम है। कई दिनों से अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
रेट बढ़ने की उम्मीद में किया स्टॉक
पब्लिक का कहना है कि, जिले में गेहूं खरीद कम होने की एक वजह मंडी और बाजार भाव अधिक होना है। दूसरी प्रमुख वजह किसानों ने भाव बढ़ने की उम्मीद से गेहूं का स्टॉक किया है। रेट बढ़ने पर किसान गेहूं को बेचेंगे। तीसरी प्रमुख वजह गेहूं खरीद में बिचौलिया हावी हैं। बिचौलियों ने सस्ते दामों पर किसानों से खेतों पर ही गेहूं खरीद कर महंगे दामों पर जिले से बाहर भेज रहे हैं।
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बयान
गेहूं खरीद में जिला मंडल में दूसरे स्थान पर रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में गेहूं खरीद कम हुई है, हालांकि गत वर्ष से जिले में अधिक गेहूं खरीद हुई है। पंद्रह जून से गेहूं खरीद बंद हो जाएगी। चरन सिंह, प्रभारी डिप्टी आरएमओ
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- जिले को मिला था 77 हजार टन का लक्ष्य, 15 जून को बंद होनी है खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। गेहूं की बंपर पैदावार के बावजूद अफसरों की उदासीनता से जिले में खरीद पिछड़ गई है। अब खरीद कार्य बंद होने में चार दिन ही बचे हैं और महज 26 फीसदी खरीद हो सकी है। यह हाल तब है जब जिले को 77 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था।
बता दें कि जनपद में 98 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल बोई गई थी। इस बार मौसम फसल के मुफीद रहने के कारण जिले में गेहूं की बंपर पैदवार हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि, पांच लाख मीट्रिक टन तक गेहूं का उत्पादन हुुुआ है, जो पिछले वर्ष से करीब पचास हजार मीट्रिक टन अधिक है। बावजूद इसके जिला गेहूं खरीद लक्ष्य के नजदीक भी नहीं पहुंच सका है। जिले में खरीद सीजन में 77 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। इसके लिए जिले में 55 क्रय केंद्र खोले गए थे, लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अभी तक 26.48 प्रतिशत कुल 20389.6 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हुई है। यह औसत से भी काफी कम है। पंद्रह जून से खरीद बंद हो जाएगी, ऐसे में आंकड़े में बहुत सुधार की उम्मीद कम है। कई दिनों से अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
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रेट बढ़ने की उम्मीद में किया स्टॉक
पब्लिक का कहना है कि, जिले में गेहूं खरीद कम होने की एक वजह मंडी और बाजार भाव अधिक होना है। दूसरी प्रमुख वजह किसानों ने भाव बढ़ने की उम्मीद से गेहूं का स्टॉक किया है। रेट बढ़ने पर किसान गेहूं को बेचेंगे। तीसरी प्रमुख वजह गेहूं खरीद में बिचौलिया हावी हैं। बिचौलियों ने सस्ते दामों पर किसानों से खेतों पर ही गेहूं खरीद कर महंगे दामों पर जिले से बाहर भेज रहे हैं।
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गेहूं खरीद में जिला मंडल में दूसरे स्थान पर रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में गेहूं खरीद कम हुई है, हालांकि गत वर्ष से जिले में अधिक गेहूं खरीद हुई है। पंद्रह जून से गेहूं खरीद बंद हो जाएगी। चरन सिंह, प्रभारी डिप्टी आरएमओ