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मृतक के नाम 6 लाख ऋण निकालकर किया हड़प, बैंक में हंगामा
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:39 AM IST
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मृतक के नाम 6 लाख ऋण निकालकर किया हड़प, बैंक में हंगामा
गजरौला (अमरोहा)।
जहां एक तरफ सरकार कर्जमाफ कर किसानों को राहत पहुंचा रही है वहीं नामचीन बैंकों में दलालों से हमसाज होकर कुछ कर्मचारी किसानों के साथ लूट खसोट करते नजर आ रहे हैं। गजरौला के पीएनबी बैंक अफसरों की मिलीभगत से मृत किसान के नाम केसीसी बनाकर 5.85 लाख का ऋण निकालकर हड़प कर लिया गया। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा कई दिन पहले डीएम व एसपी से भी की जा चुकी है। कोई सुनवाई नहीं होने पर सोमवार को पीड़ित परिवार ने बैंक पहुंच जमकर हंगामा किया। पुलिस मामले में रिपोर्ट लिखने की तैयारी कर रही है।
हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव कनेटा निवासी किसान इश्हाक (90) की बीमारी के चलते तीन माह पहले मृत्यु हो चुकी है। इश्हाक के बेटे इंतजार के परिवार में शादी का कार्यक्रम है। पैसे की जरूरत पड़ी तो इंतजार ने बैंक से ऋण निकालने का मन बनाया। किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने के लिए पहले तहसील से बारहसाला लेनी होती है। बारहसाला के माध्यम से मालूम हुआ कि उक्त भूमि पर तो एक माह पहले ही 5.85 लाख का ऋण पीएनबी गजरौला की शाखा से हुआ है। पीड़ित परिवार के लोगों ने संबंधित बैंक से संपर्क किया तो सच्चाई सामने आई। यहां मालूम हुआ कि लोन की फाइल पास करते समय गांव का ही एक व्यक्ति का फोटो इश्हाक के फोटो के स्थान पर लगाकर फर्जीवाड़ा किया गया। पीड़ित परिवार ने सात अक्टूबर को इसकी शिकायत डीएम व एसपी से की थी। आरोप है कि इसके बाद बैंक कर्मियों व दलालों के माध्यम से पीड़ित परिवार पर फैसले का दबाव भी बनाया गया। सोमवार को पीड़ित परिवार फिर बैंक पहुंचा और मृतक किसान के नाम फर्जी तरीके से लोन करने का विरोध किया। इस दौरान बैंक प्रबंधक के साथ नोकझोंक भी हुई। जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार ने मामले की तहरीर थाने में दी। पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
लोन जमा करने की भी चर्चा
गजरौला। मृतक किसान के नाम फर्जीवाड़ा करके ऋण निकालने के बाद जब पोल खुली तो बैंक प्रबंधक व लोन अफसर हरकत में आ गए। चर्चा है कि डीएम व एसपी तक मामला पहुंचने के बाद बैंक अफसरों की गर्दन फंसने का खतरा था। इससे पहले ही बैंक अफसरों द्वारा स्वयं ही ऋण जमा कर पीड़ित परिवार को नो ड्यूज देने की तैयारी की जा रही है। लेकिन सवाल है कि क्या ऐसा करके फर्जीवाड़ा करने वाले लोग बच सकते हैं।
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गजरौला (अमरोहा)।
जहां एक तरफ सरकार कर्जमाफ कर किसानों को राहत पहुंचा रही है वहीं नामचीन बैंकों में दलालों से हमसाज होकर कुछ कर्मचारी किसानों के साथ लूट खसोट करते नजर आ रहे हैं। गजरौला के पीएनबी बैंक अफसरों की मिलीभगत से मृत किसान के नाम केसीसी बनाकर 5.85 लाख का ऋण निकालकर हड़प कर लिया गया। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा कई दिन पहले डीएम व एसपी से भी की जा चुकी है। कोई सुनवाई नहीं होने पर सोमवार को पीड़ित परिवार ने बैंक पहुंच जमकर हंगामा किया। पुलिस मामले में रिपोर्ट लिखने की तैयारी कर रही है।
हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव कनेटा निवासी किसान इश्हाक (90) की बीमारी के चलते तीन माह पहले मृत्यु हो चुकी है। इश्हाक के बेटे इंतजार के परिवार में शादी का कार्यक्रम है। पैसे की जरूरत पड़ी तो इंतजार ने बैंक से ऋण निकालने का मन बनाया। किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने के लिए पहले तहसील से बारहसाला लेनी होती है। बारहसाला के माध्यम से मालूम हुआ कि उक्त भूमि पर तो एक माह पहले ही 5.85 लाख का ऋण पीएनबी गजरौला की शाखा से हुआ है। पीड़ित परिवार के लोगों ने संबंधित बैंक से संपर्क किया तो सच्चाई सामने आई। यहां मालूम हुआ कि लोन की फाइल पास करते समय गांव का ही एक व्यक्ति का फोटो इश्हाक के फोटो के स्थान पर लगाकर फर्जीवाड़ा किया गया। पीड़ित परिवार ने सात अक्टूबर को इसकी शिकायत डीएम व एसपी से की थी। आरोप है कि इसके बाद बैंक कर्मियों व दलालों के माध्यम से पीड़ित परिवार पर फैसले का दबाव भी बनाया गया। सोमवार को पीड़ित परिवार फिर बैंक पहुंचा और मृतक किसान के नाम फर्जी तरीके से लोन करने का विरोध किया। इस दौरान बैंक प्रबंधक के साथ नोकझोंक भी हुई। जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार ने मामले की तहरीर थाने में दी। पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
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लोन जमा करने की भी चर्चा
गजरौला। मृतक किसान के नाम फर्जीवाड़ा करके ऋण निकालने के बाद जब पोल खुली तो बैंक प्रबंधक व लोन अफसर हरकत में आ गए। चर्चा है कि डीएम व एसपी तक मामला पहुंचने के बाद बैंक अफसरों की गर्दन फंसने का खतरा था। इससे पहले ही बैंक अफसरों द्वारा स्वयं ही ऋण जमा कर पीड़ित परिवार को नो ड्यूज देने की तैयारी की जा रही है। लेकिन सवाल है कि क्या ऐसा करके फर्जीवाड़ा करने वाले लोग बच सकते हैं।
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