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Amroha News: बाढ़ प्रभावित गांवों में मरीजों की देखने के लिए 13 टीमें गठित
Sat, 09 Aug 2025 02:18 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 09 Aug 2025 02:18 AM IST
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अमरोहा। जिले में गंगा उफान पर है। बाढ़ के हालात बने हुए हैं। हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील के दो दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में है। फसलों में पानी आ गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बीमारी फैलने का खतरा है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सीएमओ ने गांव में मरीजों की देखने के लिए 13 टीमें गठित की हैं जबकि आंगनबाड़ी और आशाओं को लगातार लोगों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। अगर किसी मरीज को खांसी-जुकाम या बुखार की शिकायत है तो उन्हें तुरंत दवाई दी जानी है। साथ ही डॉक्टरों की टीम बाढ़ चौकियाें पर लगातार बैठेगी। जरूर पड़ने पर गांव का मूवमेंट करेगी।
बाढ़ की आहट के बीच हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में 11 अस्थायी चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। यहां पर स्वास्थ्य की 12 टीम एवं राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है जो ग्रामीणों व प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हुए बाढ़ पीड़ितों के इलाज के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने काम कर रहे हैं। मालूम रहे कि पिछले दिनों बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के बाद गंगा उफान पर है।
बान और गांगन भी उफान पर
बान और गांगन समेत सभी नदियों में पानी बढ़ा गया है। जिले में गंगा तेजी से कटान कर रही है। पिछले साल बाढ़ का पानी इन गांवों में भर जाने के बाद दहशतजदा ग्रामीणों ने अपने पालतू पशुओं के संग पलायन करना शुरू कर दिया था। मंडी धनौरा व हसनपुर तहसील बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित होती है। जिले में गंगा नदी कुल लंबाई 85 किलोमीटर है। तिगरी में 202.00 मीटर और ब्रजघाट में 199.34 मीटर पर उच्चतम बाढ़ खतरा बन जाता है। इन दिनों गंगा खतरे के निशान के नजदीक है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमें निगरानी कर रही हैं। इसके लिए 13 टीमें लगाई हैं। ग्राम प्रधानों को एंटी लार्वा व अन्य दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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बाढ़ की आहट के बीच हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में 11 अस्थायी चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। यहां पर स्वास्थ्य की 12 टीम एवं राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है जो ग्रामीणों व प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हुए बाढ़ पीड़ितों के इलाज के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने काम कर रहे हैं। मालूम रहे कि पिछले दिनों बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के बाद गंगा उफान पर है।
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बान और गांगन भी उफान पर
बान और गांगन समेत सभी नदियों में पानी बढ़ा गया है। जिले में गंगा तेजी से कटान कर रही है। पिछले साल बाढ़ का पानी इन गांवों में भर जाने के बाद दहशतजदा ग्रामीणों ने अपने पालतू पशुओं के संग पलायन करना शुरू कर दिया था। मंडी धनौरा व हसनपुर तहसील बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित होती है। जिले में गंगा नदी कुल लंबाई 85 किलोमीटर है। तिगरी में 202.00 मीटर और ब्रजघाट में 199.34 मीटर पर उच्चतम बाढ़ खतरा बन जाता है। इन दिनों गंगा खतरे के निशान के नजदीक है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमें निगरानी कर रही हैं। इसके लिए 13 टीमें लगाई हैं। ग्राम प्रधानों को एंटी लार्वा व अन्य दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ