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बैयनामे दर बैयनामे का खुल रहा राज, जांच अधिकारी जुटा रहे दस्तावेज
Updated Thu, 15 Jun 2017 02:27 AM IST
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बैनामे दर बैनामे का खुल रहा राज, जांच अधिकारी जुटा रहे दस्तावेज
पालिका कर्मी के परिवार की महिला का नाम भी दुकान बेचने में सामने आया
अंदरखाने पड़ताल पूरी करने में जुटे अधिकारी, स्टाफ में भी रह गया सन्न
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
अपने कारनामों को लेकर नगर पालिका परिषद सुर्खियों में है। फर्जीवाड़ा कर बेची गई दुकान के मामले में एक और खुलासा हुआ है। जिस महिला द्वारा दुकान बेचे जाने की बात बताई जा रही है, वह पालिका के एक कर्मचारी के परिवार से ताल्लुक रखती है। अंदरखाने जांच अधिकारी उससे दस्तावेज एकत्र कर अपने सुबूत पक्के कर रहे हैं। अचानक सामने आए इस मामले को लेकर नगर पालिका का स्टाफ बेचैन है। फिलहाल अफसर फर्जीवाड़े की जांच को गंभीरता से ले रहे हैं। किसी भी समय सभी सुबूत व पत्रावली एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स तलब कर सकती है, इसलिए उनकी धड़कनें तेज हैं।
शहर के आजाद मार्ग के किनारे अर्जुन टाकिज मार्केट में स्थित पालिका की दुकान नंबर 10 का फर्जी बैनामा करने का मामला सामने आने के बाद अफसरों ने विभागीय जांच बैठा दी थी। ईओ ने कर निर्धारण अधिकारी को पड़ताल का कार्य सौंपा था। उन्होंने दो निरीक्षकों को जांच की जिम्मेदारी दी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे फर्जीवाड़े के नए राज खुलते जा रहे हैं। बैनामा कराने वाले शख्स चमन सिंह के खिलाफ पालिका अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है।
सूत्रों की बात पर भरोसा करें तो चमन को एक महिला ने दुकान दी थी। हालांकि पूछताछ में महिला उसको समझौते के आधार पर दुकान देने की बात कह रही है। दूसरे को उसने दुकान बेची है। बैनामे दर बैनामे का राजफाश होने पर जांच अधिकारी भी सन्न हैं। एक-एक कर उनके द्वारा दस्तावेजों को जमा किया जा रहा है। जिस महिला का नाम सामने आया है, वह एक पालिका कर्मी के परिवार की रिश्ते की सदस्या है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में बड़ी कार्रवाई करने की बात अफसर कह रहे हैं।
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बयान........
अभी मामले की जांच चल रही है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। जांच के दौरान कई लोग ऐसे मिले हैं, जिनसे मालूमात की जाना बेहद आवश्यक है। जो भी फर्जीवाड़े में शरीक होगा, उसके खिलाफ एफआईआर लिखाई जाएगी।
महेंद्र कुमार, कर निर्धारण अधिकारी
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पालिका कर्मी के परिवार की महिला का नाम भी दुकान बेचने में सामने आया
अंदरखाने पड़ताल पूरी करने में जुटे अधिकारी, स्टाफ में भी रह गया सन्न
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
अपने कारनामों को लेकर नगर पालिका परिषद सुर्खियों में है। फर्जीवाड़ा कर बेची गई दुकान के मामले में एक और खुलासा हुआ है। जिस महिला द्वारा दुकान बेचे जाने की बात बताई जा रही है, वह पालिका के एक कर्मचारी के परिवार से ताल्लुक रखती है। अंदरखाने जांच अधिकारी उससे दस्तावेज एकत्र कर अपने सुबूत पक्के कर रहे हैं। अचानक सामने आए इस मामले को लेकर नगर पालिका का स्टाफ बेचैन है। फिलहाल अफसर फर्जीवाड़े की जांच को गंभीरता से ले रहे हैं। किसी भी समय सभी सुबूत व पत्रावली एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स तलब कर सकती है, इसलिए उनकी धड़कनें तेज हैं।
शहर के आजाद मार्ग के किनारे अर्जुन टाकिज मार्केट में स्थित पालिका की दुकान नंबर 10 का फर्जी बैनामा करने का मामला सामने आने के बाद अफसरों ने विभागीय जांच बैठा दी थी। ईओ ने कर निर्धारण अधिकारी को पड़ताल का कार्य सौंपा था। उन्होंने दो निरीक्षकों को जांच की जिम्मेदारी दी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे फर्जीवाड़े के नए राज खुलते जा रहे हैं। बैनामा कराने वाले शख्स चमन सिंह के खिलाफ पालिका अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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सूत्रों की बात पर भरोसा करें तो चमन को एक महिला ने दुकान दी थी। हालांकि पूछताछ में महिला उसको समझौते के आधार पर दुकान देने की बात कह रही है। दूसरे को उसने दुकान बेची है। बैनामे दर बैनामे का राजफाश होने पर जांच अधिकारी भी सन्न हैं। एक-एक कर उनके द्वारा दस्तावेजों को जमा किया जा रहा है। जिस महिला का नाम सामने आया है, वह एक पालिका कर्मी के परिवार की रिश्ते की सदस्या है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में बड़ी कार्रवाई करने की बात अफसर कह रहे हैं।
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अभी मामले की जांच चल रही है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। जांच के दौरान कई लोग ऐसे मिले हैं, जिनसे मालूमात की जाना बेहद आवश्यक है। जो भी फर्जीवाड़े में शरीक होगा, उसके खिलाफ एफआईआर लिखाई जाएगी।
महेंद्र कुमार, कर निर्धारण अधिकारी