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Amroha News: बेस्ट क्रॉप फैक्टरी के 11 रिएक्टर बंद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 01 Oct 2025 02:56 AM IST
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11 reactors of Best Crop Factory shut down
गजरौला। जहरीली गैस का रिसाव कर लोगों की परेशानी का सबब बनी बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के 11 रिएक्टर बंद कराए गए है। यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिजनौर की टीम ने राजस्व व बिजली विभाग के साथ मिलकर की है। बिजली विभाग ने उनकी बिजली काट दी। फैक्टरी प्रबंधन ने बाकी रिएक्टर बंद करने के लिए दस अक्तूबर तक का समय मांगा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिजनौर के क्षेत्रीय अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बीते सोमवार को बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक सुरेश चंद्र त्रिपाठी, सहायक पर्यावरण अभियंता माहिर हुसैन गजरौला भेजे गए थे। जहां पर उन्होंने थाना पुलिसकर्मी, नायब तहसीलदार राजपाल गंगवार, बिजली विभाग के एसडीओ चंद्रेश विश्वकर्मा को साथ लिया। इसके बाद कार्रवाई के लिए औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में पहुंचे यहां उन्होंने गैस रिसाव करने वाले 11 रिएक्टर को बंद कराए।
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बिजली विभाग की टीम ने बंद किए गए रिएक्टर की बिजली काट दी। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने रिएक्टर सील कर दिए। बंद कराए गए इन रिएक्टर में रिएक्शन कार्य पूरा हो गया था। इस कारण बंद करा दिए गए। बाकी रिएक्टर बंद कराए जाएंगे। बताया जा रहा है कि फैक्टरी प्रबंधन ने सभी रिएक्टर बंद कराए जाने के लिए प्रशासन से 10 अक्तूबर तक का समय मांगा है। उधर क्षेत्रीय अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि रिएक्टर में केमिकल की प्रकिया जैसे-जैसे पूरी होती जाएगी, वैसे-वैसे ही उनको बंद और सील की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अबतक 21 रिएक्टर बंद करा दिए गए हैं।
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गैस का रिसाव वाली फैक्टरी में हैं 69 रिएक्टर

गजरौला। औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेस्ट क्रॉप साइंस लिमिटेड में कुल 69 रिएक्टर हैं। टीम में शामिल एक विभाग के अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि फैक्टरी में 69 रिएक्टर हैं। सभी को बंद कराया जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। उधर, सहायक पर्यावरण अभियंता माहिर हुसैन ने बताया कि प्रत्येक रिएक्टर में कच्चा माल डालकर उसमें अलग-अलग रसायन डाले जाते हैं। इसके बाद उनका रिएक्शन कराया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद तैयार माल बनता है।

टीम में शामिल बिजली विभाग के एसडीओ चंद्रेश विश्वकर्मा का कहना है कि फैक्टरी कच्चे माल को रिएक्टर में डाल कर रिएक्शन कराती है। इसके बाद इनमें तैयार माल बनता है। बीच में रिएक्शन रुक जाने पर रिएक्टर में ब्लास्ट हो सकता है। वह फट सकता है। जिससे किसी की जान जा सकती है। लीक होने पर उससे गैस का रिसाव हो सकता है। जिससे लोगों के जीवन को खतरा पैदा हो सकता है।
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