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हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा में फिर छोड़ा गया 43 हजार क्यूसेक पानी
Updated Mon, 03 Jul 2017 01:59 AM IST
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हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार गंगा में पानी छोड़े जाने से गंगा उफान पर
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाको में हो रही लगातार बारिश और हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़े जा रहे पानी का असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। शनिवार को हरिद्वार और बिजनौर बैराज से 52 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया था। इसके बाद रविवार को भी 43 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। जिससे गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहा है। धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। आंशका है कि अभी गंगा का जलस्तर और बढ़ेगा। हालांकि गंगा खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है। बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
पहाड़ी इलाको में कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मानसून ने मैदानी इलाकों में भी दस्तक दे दी है। इससे गंगा का जलस्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। गंगा में हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गुरूवार व शुक्रवार को ब्रजघाट व तिगरी गंगा में करीब सत्तर सेमी जलस्तर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। शनिवार सुबह को हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में 52 हजार क्सूसेक पानी छोड़ा गया था। जिसका असर मैदानी इलाकों में रविवार सुबह चार से छह बजे तक देखा गया। पांच सेमी गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद फिर से वहीं पहुंच गया। रविवार सुबह को भी हरिद्वार बैराज से करीब 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया वहीं बिजनौर बैराज से पच्चीस हजार क्सूसेक पानी छोड़ा गया। दोनों स्थानों से गंगा में करीब 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी मात्रा में गंगा में छोड़े गए पानी का असर मैदानी इलाके में सोमवार तड़के देखने को मिल सकता है। यानी आज गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। शनिवार सुबह को बृजघाट का जलस्तर 199.10 गेज मीटर व तिगरी का 199.70 गेज मीटर दर्ज किया गया था। जबकि रविवार की सुबह बृजघाट का जलस्तर 199.20 गेज मीटर और तिगरी का 199.50 गेज मीटर दर्ज किया गया। गंगा में जल स्तर बढ़ने से तटों पर स्थित झोपड़ियों में रहने वाले पुरोहित व दुकानदार या तो दूर चले गए हैं। या पूरी तरह से उन्होंने तटों को छोड़ दिया। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान, ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से काफी दूर है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क है।
तिगरी बाढ़ चौकी पर तैनात जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि गंगा खतरे के निशान से काफी दूर है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाको में हो रही लगातार बारिश और हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़े जा रहे पानी का असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। शनिवार को हरिद्वार और बिजनौर बैराज से 52 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया था। इसके बाद रविवार को भी 43 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। जिससे गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहा है। धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। आंशका है कि अभी गंगा का जलस्तर और बढ़ेगा। हालांकि गंगा खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है। बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
पहाड़ी इलाको में कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मानसून ने मैदानी इलाकों में भी दस्तक दे दी है। इससे गंगा का जलस्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। गंगा में हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गुरूवार व शुक्रवार को ब्रजघाट व तिगरी गंगा में करीब सत्तर सेमी जलस्तर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। शनिवार सुबह को हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में 52 हजार क्सूसेक पानी छोड़ा गया था। जिसका असर मैदानी इलाकों में रविवार सुबह चार से छह बजे तक देखा गया। पांच सेमी गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद फिर से वहीं पहुंच गया। रविवार सुबह को भी हरिद्वार बैराज से करीब 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया वहीं बिजनौर बैराज से पच्चीस हजार क्सूसेक पानी छोड़ा गया। दोनों स्थानों से गंगा में करीब 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी मात्रा में गंगा में छोड़े गए पानी का असर मैदानी इलाके में सोमवार तड़के देखने को मिल सकता है। यानी आज गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। शनिवार सुबह को बृजघाट का जलस्तर 199.10 गेज मीटर व तिगरी का 199.70 गेज मीटर दर्ज किया गया था। जबकि रविवार की सुबह बृजघाट का जलस्तर 199.20 गेज मीटर और तिगरी का 199.50 गेज मीटर दर्ज किया गया। गंगा में जल स्तर बढ़ने से तटों पर स्थित झोपड़ियों में रहने वाले पुरोहित व दुकानदार या तो दूर चले गए हैं। या पूरी तरह से उन्होंने तटों को छोड़ दिया। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान, ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से काफी दूर है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क है।
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तिगरी बाढ़ चौकी पर तैनात जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि गंगा खतरे के निशान से काफी दूर है।
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