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Amethi News: महिलाओं ने शुरू किया निर्जला व्रत
Mon, 27 Oct 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:43 AM IST
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गौरीगंज बाजार में सूप व दउरा खरीदती महिलाएं। -संवाद
अमेठी सिटी। सूर्य उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ के दूसरे दिन रविवार को महिलाओं ने पूरे दिन खरना व्रत रखा और बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास किया। शाम को मिट्टी के नए चूल्हे पर गुड़ की खीर, रोटी और केले का प्रसाद बनाकर भगवान सूर्य को अर्पित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद महिलाओं ने 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत की।
गौरीगंज निवासी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि खरना आत्मसंयम, पवित्रता और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसी के साथ छठ व्रत का सबसे कठिन चरण प्रारंभ होता है। सोमवार को व्रती महिलाएं घाटों और तालाबों पर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। डॉ. अंतिमा मिश्र, शोभा और सिंधु देवी ने बताया कि वे सोमवार शाम परिवार सहित गौरीगंज के लोदीबाबा घाट पर भगवान सूर्य की आराधना करेंगी। इसके लिए घाटों पर तैयारियां की गई हैं।
सूप और दउरा में रखी पूजन सामग्री में गन्ना, नारियल, ठेकुआ, चावल का लड्डू, मूली, कंदमूल, फूल और फल शामिल हैं। पारंपरिक गीतों के साथ जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी। सूर्यास्त के बाद श्रद्धालु दीप जलाकर घर लौटेंगे और अगले दिन की तैयारी करेंगे। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ यह लोक आस्था का महापर्व संपन्न होगा।
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गौरीगंज निवासी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि खरना आत्मसंयम, पवित्रता और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसी के साथ छठ व्रत का सबसे कठिन चरण प्रारंभ होता है। सोमवार को व्रती महिलाएं घाटों और तालाबों पर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। डॉ. अंतिमा मिश्र, शोभा और सिंधु देवी ने बताया कि वे सोमवार शाम परिवार सहित गौरीगंज के लोदीबाबा घाट पर भगवान सूर्य की आराधना करेंगी। इसके लिए घाटों पर तैयारियां की गई हैं।
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सूप और दउरा में रखी पूजन सामग्री में गन्ना, नारियल, ठेकुआ, चावल का लड्डू, मूली, कंदमूल, फूल और फल शामिल हैं। पारंपरिक गीतों के साथ जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी। सूर्यास्त के बाद श्रद्धालु दीप जलाकर घर लौटेंगे और अगले दिन की तैयारी करेंगे। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ यह लोक आस्था का महापर्व संपन्न होगा।
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