फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   women inspector died due to hanging

हैंगिंग से हुई थी महिला दरोगा की मौत

Sat, 23 Apr 2022 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 10:42 PM IST
विज्ञापन
women inspector died due to hanging
गौरीगंज (अमेठी)। मोहनगंज थाने के अपने आवास में शुक्रवार दोपहर तीन बजे फंदे से लटकती मिली महिला दरोगा के शव का पोस्टमॉर्टम तीन चिकित्सकों के पैनल ने वीडियो कैमरे की नजर में किया। पोस्टमॉर्टम के दौरान दरोगा के शव पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए। चिकित्सकों ने हैंगिंग को मौत का कारण बताते हुए अपनी रिपोर्ट पुलिस विभाग को भेज दी है।
विज्ञापन

लखनऊ की मूल निवासी दरोगा रश्मि यादव तिलोई विधानसभा क्षेत्र के मोहनगंज थाने में तैनात थीं। शुक्रवार दोपहर तीन बजे रश्मि का शव उनके कमरे में फंदे से लटकता मिला था। वर्दी में महिला दरोगा का शव फंदे से लटका मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। सूचना पर पहुंचे उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में रश्मि के शव को नीचे उतारा गया। रश्मि की सर्विस रिवॉल्वर इस दौरान भी उनकी कमर में बेल्ट के सहारे बंधे होलेस्टर में थी।
विज्ञापन

शव को नीचे उतारकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम पर उंगली न उठे इसके लिए डीएम राकेश कुमार मिश्र के आदेश पर सीएमओ डॉ. सीमा मेहरा ने डॉ. पीतांबर कनौजिया, डॉ. काजल साहू व डॉ. संतोष कुमार का पैनल गठित किया था। तीन चिकित्सकों के पैनल ने शुक्रवार रात 11 बजे शव का पोस्टमॉर्टम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वीडियो कैमरे की नजर में पूरी हुई इस प्रक्रिया के दौरान महिला दरोगा के शव पर किसी भी प्रकार के चोट का निशान नहीं पाए गये। पैनल की ओर से पुलिस विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में हैंगिंग व इसके चलते ऑक्सीजन बाधित होने को मौत का कारण बताया गया है। पैनल में शामिल डॉ. पीतांबर कनौजिया ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस विभाग को भेज दी गई है।
अब तक नहीं दर्ज हुई कोई प्राथमिकी
तिलोई (अमेठी)। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आई हैंगिंग के साथ अन्य कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल में जुटी है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि आखिरकार महिला दरोगा को ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। वहीं दरोगा के पिता ने बेटी की मौत पर हत्या की आशंका जाहिर की है। हालांकि पिता की ओर से अब तक इस मामले में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। तहरीर नहीं मिलने के कारण महिला दरोगा रश्मि यादव की मौत के 24 घंटे बाद भी घटना को लेकर किसी तरह का केस दर्ज नहीं किया गया है।
थानाध्यक्ष मोहनगंज अमर सिंह से हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया गया था। पूरे प्रकरण में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल की जा रही है। घटना में किसी प्रकार का अभी तक कोई केस मोहनगंज थाने में पंजीकृत नहीं किया गया। घटना के दूसरे दिन भी थाना परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। मौजूद पुलिसकर्मी भी साथी की हुई मौत पर कुछ बोलने से बचते नजर आए। सभी घटना के बारे में कोई खास जानकारी न होने की बात कहते रहे। थाना परिषद पूरी तरह से आमजन व फरियादियों से खाली रहा। पूरे परिसर में महज पुलिस कर्मी ही नजर आते दिखे।
चर्चा में दरोगा के व्हाट्सएप स्टेटस पर लगी तस्वीर
महिला दरोगा का शव शुक्रवार को सरकारी आवास पर फंदे पर लटकता मिलने से पहले उनके पर्सनल व्हाट्सएप नंबर पर लगे स्टेटस को महकमे ने संज्ञान लिया है। स्टेटस पर लगी तस्वीर क्षेत्र में चर्चा का विषय भी बनी हुई है। स्टेटस पर दो हाथों के मिलने की एक तस्वीर लगी हुई है जिसमें एक हाथ धुंधला नजर आ रहा है। जिसको एसपी दिनेश सिंह ने संज्ञान लिया है।
पुलिस टीम ने शव को पहुंचाया पैतृक गांव
महिला दरोगा के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद शनिवार की भोर लगभग तीन बजे के करीब अमेठी की गार्ड व स्थानीय मोहनगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने साथी महिला दरोगा का शव उनके पैतृक गांव मलौली थाना गोसाईगंज जनपद लखनऊ पहुंचकर परिजनों के सुपुर्द किया। शनिवार को महिला दरोगा के पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार विधि-विधान के साथ किया गया।
निजी जीवन का अवसाद पड़ा भारी
गौरीगंज (अमेठी)। फांसी के फंदे पर लटकी मिली महिला दरोगा पर निजी जीवन का अवसाद भारी पड़ा। रश्मि के मोबाइल व उनके कमरे से भी पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। मामले की तह तक जाया जा सके इसके लिए दरोगा के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। पुलिस का भी मानना है कि दरोगा नितांत निजी जीवन के अवसाद से गुजर रही थीं।
लखनऊ जिले की मूल निवासी महिला दरोगा रश्मि यादव वर्ष 2018 से जिले में तैनात थीं। गौरीगंज व जगदीशपुर के अलावा मोहनगंज थाने में भी इनकी तैनाती रही। सभी तैनाती वाले थानों में रश्मि अपनी कार्यशैली व अन्य वजहों से चर्चा में रहीं। किसी पर भी भड़क जाना व किसी पर भी हाथ उठा देना उनका शगल था। सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पूर्व मोहनगंज थाने के तत्कालीन एसएचओ भूपेंद्र सिंह की मौजूदगी में 72 साल के एक बुजुर्ग को भी उन्होंने जन सुनवाई के दौरान सरेआम थप्पड़ जड़ दिया था। पिछले कुछ दिनों से उनके रवैये में आए बदलाव से भी यह प्रतीत होता था कि वे अवसाद में हैं।

सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को महिला दरोगा की मौत के बाद अफसरों की मौजूदगी में जब उनका कमरा खंगाला गया तो पुलिस को उनके अवसाद में होने के कारणों से जुड़े कई ठोस तथ्य हाथ लगे। हालांकि विभाग की छवि को बचाए रखने के लिए पुलिस इन तथ्यों को सार्वजनिक नहीं कर रही है। बताते हैं कि दरोगा के मोबाइल की अंतिम कॉल से लेकर उनके मोबाइल की कॉल रिकार्डिंग तक ने काफी हद तक तस्वीर साफ कर दी हैं। बावजूद इसके पुलिस महिला दरोगा के मोबाइल को कब्जे में लेकर उसका सीडीआर खंगालने में जुटी है। एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि महिला दरोगा की मौत नितांत निजी जिंदगी में उपजे अवसाद का नतीजा थी। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed