फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Women are earning Rs 50 lakh from Munj products while sitting at home.

Amethi News: मूंज उत्पादों से महिलाएं घर बैठे कमा रहीं 50 लाख

Tue, 10 Feb 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Tue, 10 Feb 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
Women are earning Rs 50 lakh from Munj products while sitting at home.
जगदीशपुर के मऊ अतवारा गांव में मूंज उत्पादों के साथ मौजूद महिलाएं और युवतियां।स्रोत-संगठन
अमेठी सिटी। जगदीशपुर के मऊ अतवारा की महिलाओं ने घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आत्मनिर्भरता की एक ऐसी प्रेरणादायक मिसाल पेश की है, जो चर्चा का केंद्र बन गया है। ये महिलाएं मूंज से बाध और फिर डलवा, सूप आदि उपयोगी उत्पाद बनाकर आर्थिक तरक्की की राह पकड़ चुकी हैं। इसी गांव में 22 समूहों से जुड़ी 450 महिलाएं घर बैठे प्रतिवर्ष 50 लाख रुपये कमा रही हैं। देश में नहीं बल्कि विदेश में भी इनके बनाए मूंज उत्पादों की मांग बढ़ी है। इस पहल ने न केवल इन महिलाओं को समाज में एक नई पहचान दिलाई है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी पहले के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत और स्वतंत्र होती जा रही हैं।
विज्ञापन



एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत अमेठी में मूंज उत्पादों को बढ़ावा दिया जाना है। वर्तमान में प्रतिवर्ष मूंज उत्पाद का कारोबार 1.62 करोड़ रुपये है। मूंज उत्पादों को बढ़ावा देने और बाजार उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2021 में अमेठी मूंज प्रोडक्ट उद्योग संगठन का गठन किया गया। जगदीशपुर और बाजारशुकुल क्षेत्र की महिलाएं मूंज उत्पाद बनाने में सबसे आगे हैं। दोनों ब्लॉक गोमती नदी के किनारे बसे हैं, जिसके चलते मूंज उत्पादों के लिए सरपत आसानी से मिल जाता है। सालाना कारोबार की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा योगदान जगदीशपुर के मऊ अतवारा गांव की महिलाओं का है। खासकर निषाद समुदाय की महिलाएं मूंज उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर हो गई हैं।
विज्ञापन





प्रेमवती ने संभाली कमान
मऊ अतवारा गांव का पुरवा है रुदापुर। यहां की प्रेमवती निषाद समुदाय से हैं। शादी के पांच वर्ष बाद इनके पति की मौत हो गई। वह करीब 30 वर्षों से अपने परिवार को संभाल रही हैं। पहले वह मूंज से बाध बनाती थी और आसपास के बाजारों में बेचती थी। वर्ष 2018 में उन्हें मूंज उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। उसी समय उन्होंने गांव की 25 महिलाओं को अपने साथ जोड़ा और काम शुरू किया। वर्ष 2021 में वह अमेठी मूंज प्रोडक्ट उद्योग की सदस्य बनीं। अब उनके साथ गांव की 150 महिलाएं इसी उद्यम के जरिए ठीकठाक आमदनी कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन उत्पादों की डिमांड ज्यादा
मऊ अतवारा की महिलाएं अब केवल डलवा और सूप बनाने तक सीमित नहीं रहीं। इनके बनाए पेन होल्डर, चपाती बॉक्स, गमला बॉक्स, फ्लावर स्टैंड, पूजा डाली, ट्रे, टेबल मैट, टी-कोस्टर, लॉन्ड्री बॉक्स, चप्पल, बक्कल, झुमकी, चूड़ी-कड़ा जैसे आधुनिक उत्पाद बाजार में खूब बिक रहे हैं।


450 महिलाओं की बदली आर्थिक दशा
अमेठी मूंज प्रोडक्ट उद्योग के अध्यक्ष भवानी प्रसाद के मुताबिक, मऊ अतवारा की 450 महिलाएं मूंज उत्पाद बना रही हैं। इनमें कुछ महिलाएं ऐसी हैं, जो प्रतिवर्ष दो से तीन लाख रुपये आमदनी कर रही हैं। इनमें प्रेमवती भी शामिल हैं। उन्होंने ये भी बताया कि यहां बने मूंज उत्पाद लखनऊ, दिल्ली, नोएडा, बंगलुरु, गोरखपुर और वाराणसी में खूब बिक रहे हैं। उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का काम उनका संगठन कर रहा है। देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी यहां के बने उत्पाद जैसे चप्पल, बक्कल, झुमकी और चूड़ी-कड़ा हैंडीक्राफ्ट विभाग की ओर से भेजे जा रहे हैं।

मऊ अतवारा की महिलाएं बहुत अच्छा काम कर रही हैं। उनको मूंज उत्पाद बनाने की नई तकनीक सिखाने संग टूलकिट देने की व्यवस्था विभाग की ओर से की जा रही है।
-दिनेश कुमार चौरसिया, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed