{"_id":"61f42b09a26c6d50bf2f92cd","slug":"wild-boars-made-farmers-sleep-amethi-news-lko6153844149","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगली सूकरों ने उड़ाई किसानों की नींद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगली सूकरों ने उड़ाई किसानों की नींद
विज्ञापन
संग्रामपुर : जंगली सूकर द्वारा नष्ट की गई आलू की फसल। -संवाद
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संग्रामपुर (अमेठी)। ग्रामीण क्षेत्र में बेसहारा मवेशियों की समस्या दूर नहीं हुई थी इसी बीच जंगली सूकरों (सुअर) ने भी किसानों की नींद उड़ा दी है। सूकर सबसे अधिक आलू की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मेहनत से तैयार आलू की फसल को बचाया जा सके इसके लिए किसान रात दिन निगरानी में लगे हैं।
संग्रामपुर में जंगली सूकर इतने अधिक हो गए हैं कि किसान तबाह होते जा रहे हैं। हालत यह है कि इन पर कटीले तारों का सुरक्षा घेरा भी बेअसर है। जंगली सूकर सबसे अधिक नुकसान आलू की फसल को पहुंचा रहे हैं। किसान बताते हैं कि यह जिस खेत में पहुंच जाते हैं, उस खेत की चार-पांच बिस्वा फसल बर्बाद कर देते हैं। मजबूरी में किसान कच्ची आलू खोद कर औने पौने दामों में बेच रहे हैं।
शुकुलपुर, तारापुर, पतापुर, कुटीवा, शंकरपुर, टिकरिया, अमिलहना, कसारा, पूरे हरिवंश, कोलवा आदि दर्जनों गांवों में जंगली सूकरों का आतंक लगातार जारी है। किसान रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि अभी तक बेसहारा मवेशियों की ही समस्या थी। अब जंगली सूकर भी आफत बन गए हैं। किसान जगदंबा प्रसाद मिश्र, ओमप्रकाश शुक्ल, स्वामीनाथ, कत्ल बहादुर यादव, रितेश विश्कर्मा आदि किसानों ने बताया कि पूरी रात आलू की फसल की रखवाली करते हैं। एक दिन भी चूक हो जाए तो पूरी फसल नष्ट हो जाती है। रखवाली के दौरान जान का खतरा हमेशा बना रहता है। जंगली सूकर रात में रखवाली कर रहे किसानों पर हमलावर भी हो उठते हैं।
विज्ञापन
मदद करे प्रशासन
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि प्रशासन को उनकी समस्या का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। प्रशासन ने समस्या को संज्ञान में लेकर कोई उपाय नहीं खोजा तो सूकर किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे।
विज्ञापन
संग्रामपुर में जंगली सूकर इतने अधिक हो गए हैं कि किसान तबाह होते जा रहे हैं। हालत यह है कि इन पर कटीले तारों का सुरक्षा घेरा भी बेअसर है। जंगली सूकर सबसे अधिक नुकसान आलू की फसल को पहुंचा रहे हैं। किसान बताते हैं कि यह जिस खेत में पहुंच जाते हैं, उस खेत की चार-पांच बिस्वा फसल बर्बाद कर देते हैं। मजबूरी में किसान कच्ची आलू खोद कर औने पौने दामों में बेच रहे हैं।
विज्ञापन
शुकुलपुर, तारापुर, पतापुर, कुटीवा, शंकरपुर, टिकरिया, अमिलहना, कसारा, पूरे हरिवंश, कोलवा आदि दर्जनों गांवों में जंगली सूकरों का आतंक लगातार जारी है। किसान रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि अभी तक बेसहारा मवेशियों की ही समस्या थी। अब जंगली सूकर भी आफत बन गए हैं। किसान जगदंबा प्रसाद मिश्र, ओमप्रकाश शुक्ल, स्वामीनाथ, कत्ल बहादुर यादव, रितेश विश्कर्मा आदि किसानों ने बताया कि पूरी रात आलू की फसल की रखवाली करते हैं। एक दिन भी चूक हो जाए तो पूरी फसल नष्ट हो जाती है। रखवाली के दौरान जान का खतरा हमेशा बना रहता है। जंगली सूकर रात में रखवाली कर रहे किसानों पर हमलावर भी हो उठते हैं।
विज्ञापन
मदद करे प्रशासन
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि प्रशासन को उनकी समस्या का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। प्रशासन ने समस्या को संज्ञान में लेकर कोई उपाय नहीं खोजा तो सूकर किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे।