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Amethi News: समस्याओं के दशानन से कब मिलेगी मुक्ति

Mon, 23 Oct 2023 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 23 Oct 2023 11:10 PM IST
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When will we get freedom from the clutches of problems?
विशुनदासपुर ​स्थित निर्माणाधीन दीवानी न्यायालय। संवाद
जिला सृजन के 13 साल बाद भी आज तक सुविधा की कमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी। आज का दिन खास है। विजयदशमी पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम रावण के दंभ चूर करेंगे। ऐसे में अमेठी में समस्या रूपी दशानन से कब निजात मिलेगी, यह एक बड़ा सवाल है। कहीं नागरिक सुविधाओं की कमी है तो कहीं परिवहन की मुश्किल। अमर उजाला ने शहर की प्रमुख दस समस्याओं को उजागर किया है। अब देखना यह है कि यह कब दूर होती हैं।समस्या-एक: कब छूटेगा पिछड़ेपन का दंश
वर्ष 2010 में सुल्तानपुर व रायबरेली से अलग करके अमेठी को जिला तो बना दिया गया लेकिन, जिले के चार ब्लॉक अभी तक आकांक्षात्मक श्रेणी में शामिल हैं। ऐसे में विकास गति नहीं पकड़ पा रहा। हालांकि प्रशासनिक मशीनरी इसको लेकर प्रयास कर रही ।
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समस्या दो- सफर में मुश्किलजिला मुख्यालय के बाद भी गौरीगंज में एक अदद बस स्टेशन का निर्माण नहीं हो सका है। बस स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव कागजों में उलझा हुआ है। इसके कारण रात के समय गौरीगंज के रास्ते से होकर रोडवेज से सफर का कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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समस्या तीन- बीमार स्वास्थ्य सेवाएं
असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बीमार है। ह्दय रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ का अभाव है। इसके कारण मरीजों को समस्या हो रही है। ब्लड बैंक के लिए उपकरण आ गए हैं लेकिन, लाइसेंस नहीं मिल सका है। इसके कारण समस्या पर खून के लिए मरीजों को रायबरेली या सुल्तानपुर का चक्कर काटना पड़ता है।
समस्या चार- महंगाई कर रही परेशान
महंगाई लोगों को परेशान कर रही है। डीजल पेट्रोल के साथ ही गृहस्थी की कीमतों में भी इजाफा होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। बारिश के कारण सब्जियों के नुकसान होने के कारण भी समस्या आ रही है।
समस्या पांच-शिक्षा
जिले के आज तक डायट का संचालन नहीं होने से शिक्षा विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशिक्षु शिक्षकों को सुल्तानपुर जिले की दौड़ लगानी पड़ रही है। शिक्षा विभाग को योजना संचालन में परेशानी हो रही है। इसके अतिरिक्त तमाम कोशिश के बावजूद कई स्कूल व कॉलेजों मेंं आज भी अवस्थापना की कमी का सामना विद्यार्थी कर रहे है।
समस्या छह -अपराध
जिले में पुलिस की तमाम कोशिश के बावजूद अपराध थम नहीं रहा है। पारिवारिक रिश्ते शर्मशार हुए तो हत्या की घटना में बढ़तरी हुई है। चोरी की घटना भी पुलिस विभाग के लिए चुनौती बन रहे है। नशा मुक्त अभियान के तहत कार्रवाई के बजाए जिले में व्यापार बंद नहीं हो पा रहा है। महिला अपराध की रोकथाम के लिए संचालित अभियान के बावजूद दुष्कर्म जैसी घटना प्रकाश में आती रहती है।

समस्या सात- उद्योग
औद्योगिक वातावरण तैयार करने की कोशिश भले ही जिले में लगातार की जा रही है लेकिन बंद पड़े कारखाने लोगों के सपने को तोड़ रहे है। उद्योग की स्थापना होती है कुछ दिन संचालन भी होता है लेकिन बाद में बंद हो जाते है। जबकि जिले के कई औद्याेगिक क्षेत्र है लेकिन उस अनुसार फैक्टरी का संचालन नहीं हो रहा है। जो कंपनियां संचातिलत भी उनके कुछ पदों को छोड़ कर बाहरी की नियुक्ति होने से जिले के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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