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Amethi News: घर से एक साथ उठी मां-बेटे की अर्थी तो रो पड़ा पूरा गांव
Mon, 20 Jan 2025 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:44 AM IST
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शाहगढ़ (अमेठी)। एक साथ घर से मां-बेटे की अर्थी उठी तो पूरा गांव रो पड़ा। गांव के बाहर बाग में अलग-अलग चिताओं पर अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार को सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत के बाद तीन दिन से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के समशेरिया गांव निवासी राकेश कुमार (24) व घुटूरा (55) की शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल होने के बाद सुल्तानपुर जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। इसे बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। रविवार सुबह मां-बेटे की अर्थी एक साथ उठी तो परिजनों की करुण वेदना सुनुकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव के बाहर अलग-अलग मां-बेटे की चिता को बाबूलाल ने मुखाग्नि दी तो सभी की आंखों से आंसू निकल पड़े।
मृतका घुटूरा की बेटी रीता, सुनीता, विनीता, संगीता व शिवांशी का रो-रोकर बुरा हाल है तो मृतक राकेश की पत्नी क्रांति बेसुध है। पिता को खोने के बाद से पुत्र आयुष व पीयूष गमगीन हैं। पत्नी व बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद बदहवास बाबूलाल के मुंह से सिर्फ एक ही बात निकलती है कि अब घर की जिम्मेदारी कौन लेगा, कमाने वाला बेटा, घर संभालने वाली पत्नी दोनों दुनिया को एक साथ अलविदा कर चले गए। अब हमारी कौन देखभाल करेगा।
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घर पर शोक संवेदना जताने वाले भी पहुंच रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष काशी प्रसाद मिश्र, पूर्व प्रधान राम प्यारे यादव, ब्लाॅक प्रमुख उमेश सिंह ने पीड़ित के घर पहुंच कर ढाढ़स बंधाते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
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मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के समशेरिया गांव निवासी राकेश कुमार (24) व घुटूरा (55) की शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल होने के बाद सुल्तानपुर जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। इसे बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। रविवार सुबह मां-बेटे की अर्थी एक साथ उठी तो परिजनों की करुण वेदना सुनुकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव के बाहर अलग-अलग मां-बेटे की चिता को बाबूलाल ने मुखाग्नि दी तो सभी की आंखों से आंसू निकल पड़े।
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मृतका घुटूरा की बेटी रीता, सुनीता, विनीता, संगीता व शिवांशी का रो-रोकर बुरा हाल है तो मृतक राकेश की पत्नी क्रांति बेसुध है। पिता को खोने के बाद से पुत्र आयुष व पीयूष गमगीन हैं। पत्नी व बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद बदहवास बाबूलाल के मुंह से सिर्फ एक ही बात निकलती है कि अब घर की जिम्मेदारी कौन लेगा, कमाने वाला बेटा, घर संभालने वाली पत्नी दोनों दुनिया को एक साथ अलविदा कर चले गए। अब हमारी कौन देखभाल करेगा।
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घर पर शोक संवेदना जताने वाले भी पहुंच रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष काशी प्रसाद मिश्र, पूर्व प्रधान राम प्यारे यादव, ब्लाॅक प्रमुख उमेश सिंह ने पीड़ित के घर पहुंच कर ढाढ़स बंधाते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।