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गांव पहुंचा जवान का पार्थिव शरीर, मचा कोहराम
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8 : तिलोई : सैनिक का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद रोते-बिलखते परिवारीजन। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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तिलोई (अमेठी)। ड्यूटी के दौरान गंभीर बीमारी से ग्रसित सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर रविवार रात पैत्रिक गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार सुबह गांव में सीओ के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने गार्ड आफ ऑनर दिया।
इसके बाद परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर ऊंचाहार स्थित गंगा नदी के घाट ले गए जहां पर लखनऊ से आए सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी तो बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि व क्षेत्र के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
तिलोई तहसील के पूरे इच्छाराम पंडित मजरे कुटमरा गांव निवासी विजय नारायण मिश्र (47) सीआरपीएफ की 177 बटालियन श्रीनगर में सिपाही के पद पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान 25 सितंबर को तबीयत खराब होने पर सैन्य अफसरों ने उन्हें श्रीनगर स्थित सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान विजय नारायण की देर रात मौत हो गई।
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मौत के बाद रविवार देर रात सैनिक का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो रोते-रोते सूख चुके परिवार के सदस्यों के आंसू एक बार फिर बह निकले। पार्थिव शरीर घर आने की सूचना सार्वजनिक हुई तो देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच गए। परिवारवालों के साथ दूर दराज से आए लोगों ने भी सैनिक के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
सोमवार सुबह गांव में सीओ अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस कर्मियों ने सम्मान के साथ गार्ड ऑफ आनर दिया। गार्ड ऑफ आनर के बाद परिवार ने सैनिक का अंतिम संस्कार गंगा नदी तट पर करने की इच्छा जाहिर की। परिवार की इच्छा के बाद सैनिक का पार्थिव शरीर आरक्षित वाहन से रायबरेली के ऊंचाहार स्थित गंगा नदी के तट पर ले जाया गया, जहां लखनऊ से आए सीआरपीएफ कर्मियों ने सैनिक को सैन्य सम्मान दिया तो बड़े पुत्र विकास ने चिता को मुखाग्नि दी।
अंतिम बार फोन पर की थी पत्नी से बात
परिवारीजनों के अनुसार विजय कुमार ने शनिवार सुबह फोन पर पत्नी से बात कर परिवार व पुत्रों के साथ अन्य जानकारी की थी। फोन कटने के कुछ देर बाद ही विजय की तबीयत खराब होने व मौत की सूचना मिली। सूचना के बाद एक बार तो किसी को भी भरोसा नहीं हुआ।
दीपावली पर घर आने वाले थे विजय
परिवार के मुताबिक जुलाई माह में अवकाश पर विजय नारायण घर आए थे। अवकाश समाप्त होने के बाद 12 अगस्त को वह वापस ड्यूटी पर गए थे। ड्यूटी पर जाते समय विजय ने दीपावली परिवार के साथ मनाने की बात कहते हुए आने का वादा दिया था। लेकिन दीपावली के पहले विजय का शव गांव पहुंचने से सभी हतप्रद व सदमे में हैं।
अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़
विजय नारायणन मिश्र का शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार सुबह अंतिम यात्रा निकलने तक लोगों की भीड़ जमा रही। हर कोई उनके शव का अंतिम दर्शन करने की कोशिश में लगा रहा। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, भाजपा नेता राकेश त्रिपाठी, अमर नाथ पांडेय, राजकुमार व ग्राम प्रधान राजेश कुमार पांडेय तथा बैजनाथ समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
थम नहीं रहे आंसू
सैनिक विजय नारायण की मौत की सूचना मिलने के बाद से पत्नी जयश्री व दो पुत्र विकास कुमार मिश्र (25) व आकाश कुमार मिश्र (21) का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मौत की सूचना से पूरे गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों के अनुसार विजय मिलसार थे। हर कोई विजय की मौत से दुखी है।
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इसके बाद परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर ऊंचाहार स्थित गंगा नदी के घाट ले गए जहां पर लखनऊ से आए सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी तो बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि व क्षेत्र के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
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तिलोई तहसील के पूरे इच्छाराम पंडित मजरे कुटमरा गांव निवासी विजय नारायण मिश्र (47) सीआरपीएफ की 177 बटालियन श्रीनगर में सिपाही के पद पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान 25 सितंबर को तबीयत खराब होने पर सैन्य अफसरों ने उन्हें श्रीनगर स्थित सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान विजय नारायण की देर रात मौत हो गई।
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मौत के बाद रविवार देर रात सैनिक का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो रोते-रोते सूख चुके परिवार के सदस्यों के आंसू एक बार फिर बह निकले। पार्थिव शरीर घर आने की सूचना सार्वजनिक हुई तो देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच गए। परिवारवालों के साथ दूर दराज से आए लोगों ने भी सैनिक के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
सोमवार सुबह गांव में सीओ अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस कर्मियों ने सम्मान के साथ गार्ड ऑफ आनर दिया। गार्ड ऑफ आनर के बाद परिवार ने सैनिक का अंतिम संस्कार गंगा नदी तट पर करने की इच्छा जाहिर की। परिवार की इच्छा के बाद सैनिक का पार्थिव शरीर आरक्षित वाहन से रायबरेली के ऊंचाहार स्थित गंगा नदी के तट पर ले जाया गया, जहां लखनऊ से आए सीआरपीएफ कर्मियों ने सैनिक को सैन्य सम्मान दिया तो बड़े पुत्र विकास ने चिता को मुखाग्नि दी।
अंतिम बार फोन पर की थी पत्नी से बात
परिवारीजनों के अनुसार विजय कुमार ने शनिवार सुबह फोन पर पत्नी से बात कर परिवार व पुत्रों के साथ अन्य जानकारी की थी। फोन कटने के कुछ देर बाद ही विजय की तबीयत खराब होने व मौत की सूचना मिली। सूचना के बाद एक बार तो किसी को भी भरोसा नहीं हुआ।
दीपावली पर घर आने वाले थे विजय
परिवार के मुताबिक जुलाई माह में अवकाश पर विजय नारायण घर आए थे। अवकाश समाप्त होने के बाद 12 अगस्त को वह वापस ड्यूटी पर गए थे। ड्यूटी पर जाते समय विजय ने दीपावली परिवार के साथ मनाने की बात कहते हुए आने का वादा दिया था। लेकिन दीपावली के पहले विजय का शव गांव पहुंचने से सभी हतप्रद व सदमे में हैं।
अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़
विजय नारायणन मिश्र का शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार सुबह अंतिम यात्रा निकलने तक लोगों की भीड़ जमा रही। हर कोई उनके शव का अंतिम दर्शन करने की कोशिश में लगा रहा। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, भाजपा नेता राकेश त्रिपाठी, अमर नाथ पांडेय, राजकुमार व ग्राम प्रधान राजेश कुमार पांडेय तथा बैजनाथ समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
थम नहीं रहे आंसू
सैनिक विजय नारायण की मौत की सूचना मिलने के बाद से पत्नी जयश्री व दो पुत्र विकास कुमार मिश्र (25) व आकाश कुमार मिश्र (21) का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मौत की सूचना से पूरे गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों के अनुसार विजय मिलसार थे। हर कोई विजय की मौत से दुखी है।