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Amethi News: ईयर फोन लगा ट्रैक के पास टहल रहे दो मजदूर ट्रेन की चपेट में आए, मौत
Sun, 29 Sep 2024 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 29 Sep 2024 01:25 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज थाना क्षेत्र में एक गोदाम बनाने आए दो मजदूरों की शनिवार की सुबह ऐंधी गांव के पास कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक युवक बच गया। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक कान में ईयर फोन लगाए थे। माना जा रहा है कि वह ईयर फोन की वजह से ट्रेन की आवाज नहीं सुन पाए और हादसे का शिकार हो गए। मृतकों में एक लखीमपुर खीरी व एक युवक सीतापुर जनपद का निवासी है।
गौरीगंज थाना क्षेत्र के ऐंधी गांव निवासी अनिल मिश्र के निर्माणाधीन अनाज गोदाम में सीतापुर व लखीमपुर खीरी जिले के श्रमिक काम रहे हैं। शनिवार को सुबह लखीमपुर खीरी जिले के खमिरया थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी रोहित विश्वकर्मा (24) व इसी जिले के खीरी थाना क्षेत्र के जखसर गांव निवासी दिलीप कुमार व सीतापुर जिले के तंबौर थाना क्षेत्र के गुरेरा गांव निवासी प्रमोद कुमार (34) ऐंधी गांव के करीब ही रेल ट्रैक के पास टहल रहे थे। रोहित व प्रमोद अपने कान में ईयर फोन लगए थे।
इसी बीच कानपुर से प्रतापगढ़ जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस गुजरी। रोहित व प्रमोद ट्रेन की चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिलीप कुमार ट्रेन की आवाज सुनकर बच निकला। हादसे के बाद बाबूगंज गेट मैन ने सूचना स्टेशन मास्टर अजय कुमार को दी। स्टेशन मास्टर ने मेमो भेजकर गौरीगंज पुलिस व आरपीएफ को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों श्रमिकों संग काम करने वाले मजदूर व ठेकेदार की मदद से उनके परिजनों को सूचना दी। पोस्टमार्टम के पुलिस ने दोनों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। एसएचओ श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कान में ईयर फोन लगाने के कारण हादसा हुआ है।
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छिन गया मां की आंखों का तारा
लखीमपुर खीरी के खमिरया थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी रोहित विश्वकर्मा के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। माता चंद्रकली रोहित से बहुत स्नेह करती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अविवाहित रोहित अपने बड़े भाई जय प्रकाश, महेश व पंकज का सहयोग करने के लिए गौरीगंज के ऐंधी आया था। रोहित ने शुक्रवार की रात फोन पर मां से बात कर नवरात्र में घर आने की बात कही थी, लेकिन उससे पहले ही वह कॉल के गाल में समा गया। भाई जय प्रकाश ने बताया कि रोहित की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। किसी को भी इस अनहोनी की सूचना पर भरोसा नहीं हो रहा है। कहा कि घर जाकर मां को कैसे बताऊंगा कि उनकी आंखों का तारा छिन गया है।
पत्नी कर रही थी फोन का इंतजार, मिली मौत की खबर
सीतापुर के तंबौर क्षेत्र के गुरेरा गांव निवासी प्रमोद कुमार प्रतिदिन सुबह पत्नी को फोन करता था। मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे ग्राम प्रधान कौशल किशोर ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने से प्रमोद मजदूरी करने करीब सात दिन पहले गौरीगंज आया था। शनिवार को सुबह पत्नी प्रमोद के फोन का इंतजार कर रही थी, लेकिन इसी बीच एक फोन ने परिवार को गमगीन कर दिया। बताया कि प्रमोद के पिता की पहले मौत हो चुकी है। घर पर मां शिवरानी के साथ ही पत्नी शैलेंद्री, पांच साल का बेटा भोलू, सात साल की बेटी अंकिता व तीन साल की बेटी नीशू है। मौत की सूचना पर परिजनों का हाल बेहाल है। हरनाम व राजकिशोर भी भाई की मौत से गमगीन हैं।
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गौरीगंज थाना क्षेत्र के ऐंधी गांव निवासी अनिल मिश्र के निर्माणाधीन अनाज गोदाम में सीतापुर व लखीमपुर खीरी जिले के श्रमिक काम रहे हैं। शनिवार को सुबह लखीमपुर खीरी जिले के खमिरया थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी रोहित विश्वकर्मा (24) व इसी जिले के खीरी थाना क्षेत्र के जखसर गांव निवासी दिलीप कुमार व सीतापुर जिले के तंबौर थाना क्षेत्र के गुरेरा गांव निवासी प्रमोद कुमार (34) ऐंधी गांव के करीब ही रेल ट्रैक के पास टहल रहे थे। रोहित व प्रमोद अपने कान में ईयर फोन लगए थे।
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इसी बीच कानपुर से प्रतापगढ़ जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस गुजरी। रोहित व प्रमोद ट्रेन की चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिलीप कुमार ट्रेन की आवाज सुनकर बच निकला। हादसे के बाद बाबूगंज गेट मैन ने सूचना स्टेशन मास्टर अजय कुमार को दी। स्टेशन मास्टर ने मेमो भेजकर गौरीगंज पुलिस व आरपीएफ को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों श्रमिकों संग काम करने वाले मजदूर व ठेकेदार की मदद से उनके परिजनों को सूचना दी। पोस्टमार्टम के पुलिस ने दोनों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। एसएचओ श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कान में ईयर फोन लगाने के कारण हादसा हुआ है।
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छिन गया मां की आंखों का तारा
लखीमपुर खीरी के खमिरया थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी रोहित विश्वकर्मा के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। माता चंद्रकली रोहित से बहुत स्नेह करती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अविवाहित रोहित अपने बड़े भाई जय प्रकाश, महेश व पंकज का सहयोग करने के लिए गौरीगंज के ऐंधी आया था। रोहित ने शुक्रवार की रात फोन पर मां से बात कर नवरात्र में घर आने की बात कही थी, लेकिन उससे पहले ही वह कॉल के गाल में समा गया। भाई जय प्रकाश ने बताया कि रोहित की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। किसी को भी इस अनहोनी की सूचना पर भरोसा नहीं हो रहा है। कहा कि घर जाकर मां को कैसे बताऊंगा कि उनकी आंखों का तारा छिन गया है।
पत्नी कर रही थी फोन का इंतजार, मिली मौत की खबर
सीतापुर के तंबौर क्षेत्र के गुरेरा गांव निवासी प्रमोद कुमार प्रतिदिन सुबह पत्नी को फोन करता था। मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे ग्राम प्रधान कौशल किशोर ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने से प्रमोद मजदूरी करने करीब सात दिन पहले गौरीगंज आया था। शनिवार को सुबह पत्नी प्रमोद के फोन का इंतजार कर रही थी, लेकिन इसी बीच एक फोन ने परिवार को गमगीन कर दिया। बताया कि प्रमोद के पिता की पहले मौत हो चुकी है। घर पर मां शिवरानी के साथ ही पत्नी शैलेंद्री, पांच साल का बेटा भोलू, सात साल की बेटी अंकिता व तीन साल की बेटी नीशू है। मौत की सूचना पर परिजनों का हाल बेहाल है। हरनाम व राजकिशोर भी भाई की मौत से गमगीन हैं।