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Amethi News: भक्ति से दूर हो जाती हैं परेशानियां
Sun, 27 Apr 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 27 Apr 2025 12:51 AM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के यूपीसीडा सेक्टर पांच स्थित होलिका जन कल्याण पार्क में आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को वृंदावन से आए प्रवाचक अगम कृष्ण महराज ने कहा कि मनुष्य से गलती होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन समय रहते यदि उसमें सुधार और प्रायश्चित न किया जाए, तो वह गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।
प्रवाचक ने पांडवों के जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया और बताया कि कैसे परीक्षित ने कलयुग के प्रभाव से ऋषि द्वारा श्रापित होने के बाद शुकदेव जी के पास जाकर उसका पश्चाताप किया। उन्होंने बताया कि भक्ति एक उत्तम निवेश है, जो जीवन की परेशानियों का समाधान करती है और मोक्ष की प्राप्ति भी सुनिश्चित करती है।
कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्य की उपासना कर अक्षयपात्र प्राप्त किया और हमारे पूर्वजों ने हमेशा पृथ्वी का पूजन और रक्षण किया, जिसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। उन्होंने कहा कि भागवत के श्रोता में जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए, क्योंकि परमात्मा हर किसी में बसता है, वह दिखाई नहीं देता।
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प्रवाचक ने पांडवों के जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया और बताया कि कैसे परीक्षित ने कलयुग के प्रभाव से ऋषि द्वारा श्रापित होने के बाद शुकदेव जी के पास जाकर उसका पश्चाताप किया। उन्होंने बताया कि भक्ति एक उत्तम निवेश है, जो जीवन की परेशानियों का समाधान करती है और मोक्ष की प्राप्ति भी सुनिश्चित करती है।
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कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्य की उपासना कर अक्षयपात्र प्राप्त किया और हमारे पूर्वजों ने हमेशा पृथ्वी का पूजन और रक्षण किया, जिसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। उन्होंने कहा कि भागवत के श्रोता में जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए, क्योंकि परमात्मा हर किसी में बसता है, वह दिखाई नहीं देता।
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