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Amethi News: ट्राॅमा का डॉक्टर सीएचसी में, फार्मासिस्ट के भरोसे इमरजेंसी

Tue, 22 Jul 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Tue, 22 Jul 2025 12:31 AM IST
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Trauma doctor in CHC, emergency dependent on pharmacist
ट्रॉमा सेंटर में पर्चा काउंटर के बाहर धूप में खड़े मरीज और तीमारदार। -संवाद
अमेठी सिटी। जगदीशपुर में संचालित ट्राॅमा सेंटर खुद ही बीमार है। ट्रॉमा में ड्यूटी होने के बावजूद चिकित्सक 200 मीटर दूर सीएचसी में बैठे मिले। उनकी जगह फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज करता मिला। ओपीडी और वार्डों में मरीज बेहाल मिले। अव्यवस्थाओं के बाबत अधीक्षक डॉ. संजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मीटिंग के बाद जवाब देंगे।
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सोमवार सुबह 10:30 बजे इमरजेंसी के बगल पर्चा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की कतार लगी मिली। सभी धूप में खड़े थे। इमरजेंसी में चिकित्सक डॉ. शरद चंद्र वर्मा ड्यूटी पर नहीं मिले। पूछने पर स्टाफ ने बताया कि वह 200 मीटर दूर सीएचसी में ओपीडी कर रहे हैं। उनकी जगह इमरजेंसी में फार्मासिस्ट अजय तिवारी मरीजों को देखते व दवाएं लिखते मिले।
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इमरजेंसी के बगल आईसीयू वार्ड में मशीनें लगी थी, लेकिन एसी नहीं था। इमरजेंसी वार्ड में एसी नहीं लगा था, सिर्फ पंखा चल रहा था। तीमारदार घर से हाथ पंखा लाकर मरीज को झलते मिले। ओपीडी का गलियारा मरीजों से खचाखच भरा था। पर्याप्त सीटें नहीं होने से अधिकांश मरीज जमीन पर बैठक कर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
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नर्सिंग के छात्र दे रहे दवाएं
ट्राॅमा सेंटर की ओपीडी में चिकित्सक डॉ. एमके त्रिपाठी, डॉ. अमित कुमार और डॉ. केडी शर्मा मरीजों को देखते मिले। दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट नहीं थे। ट्रेनी नर्सिंग के छात्र मरीजों को दवा वितरित कर रहे थे। चिकित्सकों के कक्ष में एसी थी, लेकिन कक्ष के बाहर मरीज गर्मी से बेहाल थे।




बाहर से लिखी जाती हैं दवाएं
जगदीशपुर निवासी राज सिंह को तेज बुखार होने पर रविवार को इमरजेंसी में भर्ती कराया है। उनके घरवालों ने बताया कि कुछ दवाएं व इंजेक्शन अंदर से लगाए गए तो कुछ बाहर की दवाएं लिखी गई हैं। मरीज शालिनी वर्मा ने बताया कि चिकित्सक को दिखाया है। तीन दवाएं अंदर की लिखी गई हैं और तीन दवाएं बाहर से लेने के लिए कहा गया है। दिखौली निवासी मरीज अमित कुमार ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में पूरी जांच नहीं होती, चिकित्सक को दिखाया तो कई जांच बाहर से करानी पड़ी। पूरे चोपई मिश्र प्रभात कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बाद भी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है।





सीएचसी पर भी दिखीं अव्यवस्थाएं
सुबह 11:00 बजे सीएचसी और ट्रॉमा सेंटर के अधीक्षक संजय कुमार ओपीडी में बैठे एक कर्मी से बात कर रहे थे। बाहर मरीज जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. पुलक यादव की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। लाइट नहीं होने से एक्सरे कक्ष के बाहर मरीज जांच कराने का इंतजार करते रहे।





जांच कर कार्रवाई की जाएगी
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि सभी दवाएं और जांच की निशुल्क व्यवस्था है। जन औषधि केंद्र पर भी सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध हैं। कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही संग बाहर की दवा व जांच लिखने वाले संबंधित की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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