फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Toilet buildings built without land verification

बिना भूमि सत्यापन के बन गए प्रसाधन भवन

Fri, 03 Dec 2021 12:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:27 AM IST
विज्ञापन
Toilet buildings built without land verification
संग्रामपुर (अमेठी)। सार्वजनिक प्रसाधन भवनों के निर्माण पर जिले में पानी की तरह पैसा बहाया गया है। सरकार का उद्देश्य था कि सार्वजनिक प्रसाधन भवन बनने से ग्रामीणों को प्रसाधन के लिए बाहर जाने से छुटकारा मिलेगा। बावजूद इसके जमीन का सत्यापन किए बगैर बनाए गए प्रसाधन भवनों का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा।
विज्ञापन

जिले के साथ संग्रामपुर ब्लॉक की तकरीबन सभी ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक प्रसाधन भवनों का निर्माण कराया गया है। जिस उद्देश्य से प्रसाधन भवनों का निर्माण कराया गया वह पूरे क्षेत्र में अब फ्लाप साबित हो रहा है। आलम यह है कि अधिकांश गांवों में बने सार्वजनिक प्रसाधन भवन या तो बंद पड़े हैं या फिर निष्प्रयोज्य।
विज्ञापन

प्रसाधन भवनों के निष्प्रयोज्य पड़े होने का कारण उनका आबादी से दूर बनाया जाना है। अधिकांश प्रसाधन ऐसे स्थानों पर बने हैं जहां न तो जाने का रास्ता है और न ही लोग उधर जाते हैं। प्रसाधन भवनों पर ताला पड़ा रहता है। साफ-सफाई के लिए आवंटित सामग्री का पैसा भी फर्जी तरीके से निकाला जा रहा है। ज्यादातर प्रसाधन भवन अधोमानक बने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई ग्राम पंचायतों में तो बिना सटीक सत्यापन के प्रसाधन भवन का निर्माण बंद परिसर में करा दिया गया है। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि क्षेत्र में लोगों को वाह्य प्रसाधन सेे मुक्ति दिलाने के लिए कराए गए सार्वजनिक प्रसाधन भवनों का निर्माण बेमतलब है। एडीओ पंचायत की ओर से सटीक सत्यापन रिपोर्ट नहीं देने को इसका कारण बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायत कंसापुर में सार्वजनिक प्रसाधन का निर्माण जल निगम की पानी की टंकी के परिसर के अंदर करा दिया। जल निगम के जिस परिसर में प्रसाधन भवन बनाया गया, वहां परिसर के गेट पर अक्सर ताला लटका रहता है। ऐसे में लोग कैसे सामुदायिक प्रसाधन का प्रयोग करेंगे।
ग्रामीणों के विरोध पर काम बंद हुआ, मगर तब तक पैसा निकाल लिया गया था। शौचालय न बनने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक प्रसाधन का मतलब होता है सभी लोग आएं-जाएं। ये जब बाउंड्रीवॉल के अंदर है तो लोग कैसे हमेशा इसका प्रयोग कैसे कर सकेंगे।
ग्राम पंचायत मिश्रौली बड़गांव पूर्व प्रधान द्वारा आबादी से काफी दूर वीरान जंगल में बिना सत्यापन के निर्माण कराया गया। वहीं निर्माण अधूरा छोड़ के प्रधान पैसा खा के किनारे हो गए। ग्रामीणों को आज भी जंगल में प्रसाधन के लिए जाना पड़ रहा है। प्रसाधन भवन तक जाने के लिए मार्ग भी नहीं है।

यहां भी फर्जी तरीके से ग्राम सचिव व प्रधान की मिलीभगत से पैसा निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि आबादी से इतनी दूर प्रसाधन का निर्माण जबरन करा दिया गया। भवन पर छत भी नहीं पड़ी है। काम अधूरा छोड़ प्रधान किनारे हो गए। ऐसे में हम लोगों को प्रसाधन के लिए जंगल में जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed