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जिले के संग्रामपुर व भादर ब्लॉक पहुंचा टिड्डी दल

Sat, 27 Jun 2020 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2020 10:51 PM IST
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tiddi attack
गौरीगंज (अमेठी)। प्रतापगढ़ जिले से शुक्रवार देर शाम व शनिवार अलसुबह निकला टिड्डी दल भादर व संग्रामपुर के कई गांवों में पहुंच गया। बड़ी संख्या में टिड्डियों को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कृषि विभाग व जिला प्रशासन को देते हुए शोर मचाकर उन्हें भगाने की कोशिश शुरू की। सक्रिय अफसर व कर्मी प्रभावित गांव पहुंचकर टिड्डियों के दल को भगाने के लिए उन पर दवा का छिड़काव व शोर मचाने की व्यवस्था करते हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।
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पंजाब, हरियाणा व राजस्थान प्रदेशों में आतंक व फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद आगे बढ़ रहे टिड्डी दल प्रतापगढ़ के रास्ते शुक्रवार देर शाम भादर ब्लॉक के छीड़ा, भागीपुर, त्रिसुंडी, रायपुर, संसारीपुर, अग्रेसर, सोनारी, त्रिलोकपुर, ढेमा, रतापुर, मंगरा, मवइया, बहादुरपुर, परसोइया व भावापुर समेत दर्जनों गांवों में पहुंच गया। रात में टिड्डी दल पहुंचने की ग्रामीणों ने मामले की सूचना जिला प्रशासन व कृषि विभाग को दी। सूचना के बाद सक्रिय एसडीएम योगेंद्र सिंह व जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने विभागीय कर्मियों के साथ ग्रामीणों की मदद से रात में शोर मचाते हुए टिड्डी दल को भागने की कोशिश शुरू की।
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रात में आया दल अभी भाग भी नहीं पाया था कि शनिवार अलसुबह दूसरा टिड्डी दल संग्रामपुर ब्लॉक के सहजीपुर, नेवादा कनू, रघईपुर, खरेथू, भावलपुर, खौपुर बुजुर्ग, मोहनपुर, बनबीरपुर, छाछा व चंडेरिया समेत कई गांव तो भादर ब्लॉक के घोरहा, अमटाही, भादर, इस्माइलपुर, कल्यानपुर व नेवढिय़ा समेत कई गांव पहुंच गया। टिड्डी दल के पहुंचने की सूचना पर अफसर किसानों की मदद से डीजे, टिन, थाली, पटाखा समेत अन्य कई माध्यम से शोर मचाते हुए भागने की कोशिश के साथ दवाओं के छिड़काव में जुट गए।
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शोर मचाने के बाद टिड्डी दल सुल्तानपुर की तरफ जाने लगा। टिड्डी दल के आने पर आसमान में जहां चारों तरफ अंधेरा हो गया वहीं पेड़ व धान की बेहन तक नजर नहीं आ रही थी। टिड्डी दल के जाने के बाद कृषि विभाग दल के आक्रमण से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटा है। हालांकि अफसर टिड्डी दल के रात्रि विश्राम नहीं करने से फसलों को नुकसान नहीं होने का दावा कर रहे हैं।
टिड्डी दल के जाने के बाद ग्रामीणों में पुन: उनके वापस आने का भय बना हुआ है तो विभाग भी बचाव कार्य को अंतिम रूम देने के साथ ग्राम पंचायतवार कर्मियों की तैनाती कर निगरानी व दवा का छिड़काव करने में जुटा है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार देर शाम व शनिवार अलसुबह भादर व संग्रामपुर ब्लॉक पहुंचा दल सुल्तानपुर की तरफ जा चुका है। दोपहर तक जिले में टिड्डी दल नहीं बचा है।
टिड्डी दल से फसलों का ऐसे करें बचाव
कृषि विभाग ने टिड्डी दल के आक्रमण से फसलों का बचाव करने के लिए किसानों से टिन के डब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचाने, तथा बसंत के मौसम में बलुई मिट्टी में टिड्डी के प्रजनन एवं अंडे देने की संभावना को देखते हुए जलभराव करने व जुताई कराने को कहा है। विभाग ने टिड्डी दल के न्यून/मध्यम प्रकोप की दशा में एक साथ खेतों में क्लोरपाइरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करने और रसायन मैलाथियान 96 प्रतिशत यूएलबी का छिड़काव करने की सलाह दी है।

किसान इन नंबरों पर दे सकते सूचना
टिड्डी दल के आगमन व उसे जिले से भगाने के बाद सक्रिय कृषि विभाग ने किसानों से टिड्डी दल के प्रवेश की दशा में ग्राम प्रधान, लेखपाल, पंचायत सचिव, सफाई कर्मी व कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों को सूचना देने की अपील की। विभाग ने स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर 9889226686 के साथ 9452292447 व 9450340403 मोबाइल नंबर भी जारी किया है।
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