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Amethi News: काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कसेगा शिकंजा
Sat, 08 Mar 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 08 Mar 2025 12:02 AM IST
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गौरीगंज स्थित जिला पंचायत कार्यालय पर आयोजित बैठक में मौजूद जिला पंचायत सदस्य।
अमेठी सिटी। हंगामे की बीच संपन्न हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में चर्चा के बाद 7213 लाख रुपये का बजट अनुमोदन के बाद पारित हुआ। सभागार कक्ष में आयोजित बोर्ड बैठक में निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर सदस्यों ने हंगामा काटा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसा जाएगा। जो ठेकेदार अनुबंध के बाद कार्य में देरी करेगा, उनका नवीनीकरण नहीं होगा।
इस दौरान हुई चर्चा के बाद मूल बजट 4263 लाख रुपये और जिला पंचायत विकास योजना में 2950 लाख रुपये का अनुमोदन सदस्यों की ओर से किया गया। इस तरह से कुल 7213 लाख रुपये राशि के बजट का अनुमोदन किया गया। इस दौरान वार्डों में हो रहे निर्माण कार्यों की देरी, साफ सफाई व बिजली की समस्या से जुड़े मामलों को लेकर सदस्यों ने हंगामा भी किया।
निर्माण कार्यों की हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए सदस्यों ने कहा कि अनुबंध के बाद भी ठेकेदार कार्य में देरी कर रहे हैं। इस दौरान जिले के शहीदों के नाम से गेट बनाने का मुद्दा भी सदस्यों ने उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में ढीले बिजली तारों से लगने वाली आग के बारे में चर्चा करते हुए सदस्यों ने कहा कि इसे फौरन ठीक करवाया जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी ने कहा कि अब ठेकेदार संबंधित जिला पंचायत सदस्य को बुलाकर नारियल फोड़े व माला पहनाए, तब कोई कार्य शुरू करे। टेंडर होने के बाद जो ठेकेदार सदस्यों या अधिकारियों का फोन नहीं उठाते, उन्हें भी चिह्नित कर आगे कोई कार्य देने से रोका जाएगा।
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बोर्ड बैठक जल्दी खत्म करने के प्रस्ताव पर कई सदस्यों ने जोरदार विरोध करते हुए कहा कि सभी समस्याएं सुने बिना बैठक खत्म करना गलत है। इस दौरान एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकृष्ण भारती, अपर मुख्य अधिकारी नरेंद्र बहादुर सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सरकारी दवा बाजार में मिली तो देंगे इस्तीफा
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में भादर से सदस्य जय श्याम यादव ने सदन में आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की सरकारी दवाएं प्राइवेट मेडिकल स्टोरों पर बिक रही हैं। इस मामले में जांच के बाद सिर्फ फार्मासिस्ट का स्थानांतरण किया गया है। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की गई थी, जिसमें आरोप सत्य नहीं पाए गए हैं। यदि सरकारी दवा बाहर बिकती मिली तो वह इस्तीफा देने तक को तैयार हैं।
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इस दौरान हुई चर्चा के बाद मूल बजट 4263 लाख रुपये और जिला पंचायत विकास योजना में 2950 लाख रुपये का अनुमोदन सदस्यों की ओर से किया गया। इस तरह से कुल 7213 लाख रुपये राशि के बजट का अनुमोदन किया गया। इस दौरान वार्डों में हो रहे निर्माण कार्यों की देरी, साफ सफाई व बिजली की समस्या से जुड़े मामलों को लेकर सदस्यों ने हंगामा भी किया।
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निर्माण कार्यों की हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए सदस्यों ने कहा कि अनुबंध के बाद भी ठेकेदार कार्य में देरी कर रहे हैं। इस दौरान जिले के शहीदों के नाम से गेट बनाने का मुद्दा भी सदस्यों ने उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में ढीले बिजली तारों से लगने वाली आग के बारे में चर्चा करते हुए सदस्यों ने कहा कि इसे फौरन ठीक करवाया जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी ने कहा कि अब ठेकेदार संबंधित जिला पंचायत सदस्य को बुलाकर नारियल फोड़े व माला पहनाए, तब कोई कार्य शुरू करे। टेंडर होने के बाद जो ठेकेदार सदस्यों या अधिकारियों का फोन नहीं उठाते, उन्हें भी चिह्नित कर आगे कोई कार्य देने से रोका जाएगा।
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बोर्ड बैठक जल्दी खत्म करने के प्रस्ताव पर कई सदस्यों ने जोरदार विरोध करते हुए कहा कि सभी समस्याएं सुने बिना बैठक खत्म करना गलत है। इस दौरान एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकृष्ण भारती, अपर मुख्य अधिकारी नरेंद्र बहादुर सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सरकारी दवा बाजार में मिली तो देंगे इस्तीफा
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में भादर से सदस्य जय श्याम यादव ने सदन में आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की सरकारी दवाएं प्राइवेट मेडिकल स्टोरों पर बिक रही हैं। इस मामले में जांच के बाद सिर्फ फार्मासिस्ट का स्थानांतरण किया गया है। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की गई थी, जिसमें आरोप सत्य नहीं पाए गए हैं। यदि सरकारी दवा बाहर बिकती मिली तो वह इस्तीफा देने तक को तैयार हैं।