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Amethi News: टीबी अस्पताल में नहीं है आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम
Wed, 20 Dec 2023 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 20 Dec 2023 12:11 AM IST
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अमेठी। लखनऊ के एसजीपीजीआई में आग से मरीज की मौत के मामले के बाद भले ही अस्पतालों में आग से बचाव को लेकर सतर्कता के निर्देश जारी किए गए हो लेकिन, हकीकत अलग है। जिला अस्पताल परिसर के बगल स्थित टीबी अस्पताल में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज आते हैं।
यहां पर आग से बचाव को लेकर कोई प्रबंध नहीं है, न तो कहीं पर अग्निशमन उपकरण लगे हैं न ही किसी को आग से बचाव के बारे में कोई जानकारी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. दीपक सिंह भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनके यहां पर आग से बचाव को लेकर कोई उपकरण नहीं लगा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जेठू मवई में अग्निशमन उपकरण वर्ष 2019 में लगाया गया था। वहां पर जाले लगे हैं। पूछने पर एक स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि जब से लगा है, तब से एक बार भी चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ी। संयंत्र चलाने संचालन की जानकारी पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
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प्रशिक्षित दिखे कर्मी
- असैदापुर स्थित जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम लगा हुआ है। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी कई जगह लगे हुए हैं। कर्मियों को इसे चलाने का पूरा ज्ञान भी है। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल का कहना है कि सीओ मयंक द्विवेदी की देखरेख में कर्मियों का प्रशिक्षण कराया गया था।
94 नर्सिंग होम का है पंजीकरण
- एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद का कहना है कि जिले में 94 नर्सिंग होम का पंजीकरण है। फायर व प्रदूषण बोर्ड की एनओसी के बाद ही रजिस्ट्रेशन किया जाता है। टीबी अस्पताल के बारे में पूछने पर कहा कि पता कराता हूं। इसके बाद ही बता पाएंगे।
कल दे पाएंगे जानकारी
- अमेठी के प्रभारी व रायबरेली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील सिंह से जब जिले के अस्पतालों की फायर एनओसी के बाबत बात की गई तो उनका कहना था कि टाइम दीजिए, पता करके कल बता देंगे।
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यहां पर आग से बचाव को लेकर कोई प्रबंध नहीं है, न तो कहीं पर अग्निशमन उपकरण लगे हैं न ही किसी को आग से बचाव के बारे में कोई जानकारी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. दीपक सिंह भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनके यहां पर आग से बचाव को लेकर कोई उपकरण नहीं लगा है।
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उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जेठू मवई में अग्निशमन उपकरण वर्ष 2019 में लगाया गया था। वहां पर जाले लगे हैं। पूछने पर एक स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि जब से लगा है, तब से एक बार भी चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ी। संयंत्र चलाने संचालन की जानकारी पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
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प्रशिक्षित दिखे कर्मी
- असैदापुर स्थित जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम लगा हुआ है। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी कई जगह लगे हुए हैं। कर्मियों को इसे चलाने का पूरा ज्ञान भी है। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल का कहना है कि सीओ मयंक द्विवेदी की देखरेख में कर्मियों का प्रशिक्षण कराया गया था।
94 नर्सिंग होम का है पंजीकरण
- एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद का कहना है कि जिले में 94 नर्सिंग होम का पंजीकरण है। फायर व प्रदूषण बोर्ड की एनओसी के बाद ही रजिस्ट्रेशन किया जाता है। टीबी अस्पताल के बारे में पूछने पर कहा कि पता कराता हूं। इसके बाद ही बता पाएंगे।
कल दे पाएंगे जानकारी
- अमेठी के प्रभारी व रायबरेली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील सिंह से जब जिले के अस्पतालों की फायर एनओसी के बाबत बात की गई तो उनका कहना था कि टाइम दीजिए, पता करके कल बता देंगे।