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दूसरे दिन भी बैंकोें में लटके रहे ताले
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गौरीगंज : कर्मियों की हड़ताल से बंद पड़ी शहर स्थित केनरा बैंक शाखा। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। लगातार दूसरे दिन भी 187 बैंक शाखाओं में तालाबंदी होने से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। बैंकों में जमा-निकासी करने पहुंचे लोगों को बैरंग जाना पड़ा तो एटीएम के कैशलेस होने से उपभोक्ताओं को दिक्कतें हुईं। बैंक कर्मियों की हड़ताल से दो दिन में करीब 20 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंक में कार्यरत कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। कर्मियों ने केंद्र सरकार के राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि बैंकों के निजीकरण से कॉर्पोरेट घरानों को फायदा होगा। किसान व मजदूर को परेशानी होगी तो कर्मियों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। कर्मियों ने संगठन की लंबित मांगें पूरी करने के साथ बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की दशा में वृहद आंदोलन किया जाएगा।
बैंक कर्मियों की हड़ताल से दूसरे दिन शुक्रवार को भी जिले में संचालित 187 बैंक शाखाओं में ताला बंद रहा। शाखा में तालाबंदी होने से बैंक में पैसा जमा करने या निकालने आए उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल से जिले के अधिकांश एटीएम भी खाली रहे। ऐसे में आवश्यक कार्य के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल से जिले में करीब 30 करोड़ रुपये का लेनदेने प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
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बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंक में कार्यरत कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। कर्मियों ने केंद्र सरकार के राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि बैंकों के निजीकरण से कॉर्पोरेट घरानों को फायदा होगा। किसान व मजदूर को परेशानी होगी तो कर्मियों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। कर्मियों ने संगठन की लंबित मांगें पूरी करने के साथ बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की दशा में वृहद आंदोलन किया जाएगा।
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बैंक कर्मियों की हड़ताल से दूसरे दिन शुक्रवार को भी जिले में संचालित 187 बैंक शाखाओं में ताला बंद रहा। शाखा में तालाबंदी होने से बैंक में पैसा जमा करने या निकालने आए उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल से जिले के अधिकांश एटीएम भी खाली रहे। ऐसे में आवश्यक कार्य के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल से जिले में करीब 30 करोड़ रुपये का लेनदेने प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
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