{"_id":"684b20e077ec4ea095049669","slug":"the-couple-was-cremated-on-the-same-pyre-amethi-news-c-96-1-ame1002-142398-2025-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: एक ही चिता पर दंपती का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: एक ही चिता पर दंपती का अंतिम संस्कार
Fri, 13 Jun 2025 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 13 Jun 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
संग्रामपुर के मड़ौली गांव में रोते-बिलखते सेवानिवृत्त फौजी के परिजन। संवाद
अमेठी। संग्रामपुर के मड़ौली गांव में बुधवार सुबह हुए विस्फोट में दंपती की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनके इकलौते बेटे विपिन के देर से घर पहुंचने के कारण बुधवार को अंतिम संस्कार नहीं हो सका। बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज होने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की।
मड़ौली से दो अर्थियां एक साथ उठीं तो परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। बेटे विपिन ने कांपते हाथों से माता-पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख ग्रामीणों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों ने बताया कि नवरंग सिंह और अनुसुइया सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर यात्राओं तक एक-दूसरे के साथ रहते थे।
एक-दूसरे का ख्याल रखना ही उनकी दिनचर्या थी। अब उनकी एक साथ मौत और विदाई ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा मंजर नहीं देखा। घटना के दूसरे दिन तक कई घरों में चूल्हा नहीं जला। लोग गम में डूबे रहे और रिश्तेदारों का जमावड़ा गांव में लगा रहा।
विज्ञापन
परिजनों की पीड़ा देख हर आंख हुई नम : बुधवार सुबह विस्फोट के बाद मचा कोहराम अब मातमी सन्नाटे में बदल गया है। मृतक की बेटी प्रीती सिंह और बहू ललिता सिंह चीख-पुकार करती रहीं, जिनकी पीड़ा सुनकर हर आंख नम हो गई। मासूम नाती सक्षम और हनी दादा-दादी की मौत के बाद लगातार रोते रहे। परिजनों की चीखें पूरे गांव में गूंजती रहीं। किसी अनहोनी की आशंका से पुलिस गांव में सतर्क रही। हर मोड़ पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
विज्ञापन
मड़ौली से दो अर्थियां एक साथ उठीं तो परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। बेटे विपिन ने कांपते हाथों से माता-पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख ग्रामीणों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों ने बताया कि नवरंग सिंह और अनुसुइया सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर यात्राओं तक एक-दूसरे के साथ रहते थे।
विज्ञापन
एक-दूसरे का ख्याल रखना ही उनकी दिनचर्या थी। अब उनकी एक साथ मौत और विदाई ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा मंजर नहीं देखा। घटना के दूसरे दिन तक कई घरों में चूल्हा नहीं जला। लोग गम में डूबे रहे और रिश्तेदारों का जमावड़ा गांव में लगा रहा।
विज्ञापन
परिजनों की पीड़ा देख हर आंख हुई नम : बुधवार सुबह विस्फोट के बाद मचा कोहराम अब मातमी सन्नाटे में बदल गया है। मृतक की बेटी प्रीती सिंह और बहू ललिता सिंह चीख-पुकार करती रहीं, जिनकी पीड़ा सुनकर हर आंख नम हो गई। मासूम नाती सक्षम और हनी दादा-दादी की मौत के बाद लगातार रोते रहे। परिजनों की चीखें पूरे गांव में गूंजती रहीं। किसी अनहोनी की आशंका से पुलिस गांव में सतर्क रही। हर मोड़ पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।