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Amethi News: समर्पण व कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है भरत का चरित्र
Fri, 09 Oct 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:42 AM IST
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.तिलोई स्थित राजा विश्वनाथ शरण सिंह इंटर कॉलेज के प्रांगण श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आ
तिलोई। आरबीएस इंटर कॉलेज तिलोई के प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन बृहस्पतिवार को प्रवाचक आचार्य शांतनु महाराज ने भरत चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भरत का चरित्र निष्ठा, समर्पण और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। जीवन में जिम्मेदारी मिलने पर निजी हित से ऊपर कर्तव्य को रखना चाहिए।
प्रवाचक ने बताया कि पिता दशरथ की मृत्यु और श्रीराम के वन जाने का समाचार मिलने पर भरत दुखी हुए। उन्होंने माता कैकेयी के निर्णय पर नाराजगी जताई। कौशल्या के समझाने के बाद भरत श्रीराम से मिलने चित्रकूट पहुंचे। प्रजा भी उनके साथ गई। चित्रकूट में श्रीराम से भेंट के बाद भरत उनकी पादुकाएं लेकर अयोध्या लौटे। उन्होंने पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित किया और स्वयं राजसुख से दूर रहकर श्रीराम के प्रतिनिधि के रूप में राजकाज संभाला।
उन्होंने कहा कि यह प्रसंग बताता है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और मर्यादा होती है। परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना जीवन को सार्थक बनाता है। इस मौके पर राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, सीतापुर के एमएलसी पवन सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत, जिलाधिकारी शशांक चौधरी, मनीष सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि पिता दशरथ की मृत्यु और श्रीराम के वन जाने का समाचार मिलने पर भरत दुखी हुए। उन्होंने माता कैकेयी के निर्णय पर नाराजगी जताई। कौशल्या के समझाने के बाद भरत श्रीराम से मिलने चित्रकूट पहुंचे। प्रजा भी उनके साथ गई। चित्रकूट में श्रीराम से भेंट के बाद भरत उनकी पादुकाएं लेकर अयोध्या लौटे। उन्होंने पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित किया और स्वयं राजसुख से दूर रहकर श्रीराम के प्रतिनिधि के रूप में राजकाज संभाला।
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उन्होंने कहा कि यह प्रसंग बताता है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और मर्यादा होती है। परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना जीवन को सार्थक बनाता है। इस मौके पर राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, सीतापुर के एमएलसी पवन सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत, जिलाधिकारी शशांक चौधरी, मनीष सिंह आदि मौजूद रहे।
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