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साक्ष्य न देने पर सफाई कर्मी बर्खास्त

Tue, 17 May 2022 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 10:45 PM IST
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sweeper suspended for not providing documents proof
गौरीगंज (अमेठी)। फर्जी शैक्षिक अभिलेख लगाकर नौकरी हासिल करने वाले सफाई कर्मी को डीपीआरओ ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। जांच के शुरुआती दौर में डीपीआरओ ने उसे निलंबित करते हुए संग्रामपुर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया था।
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जिला फर्रुखाबाद के छिबरामऊ निवासी सुशील कुमार बाजार शुकुल ब्लॉक में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। गोरखपुर के मोहल्ला बक्शीपुर जुबली सिनेमा रोड निवासी व्यंकेश्वरनाथ तिवारी ने सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर को शिकायती पत्र देकर उक्त सफाई कर्मी पर फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया था।
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सीडीओ ने 23 मार्च को जांच कमेटी गठित की थी। जांच समिति की जांच में प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर डीपीआरओ ने पांच अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बावजूद इसके उसके द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर डीपीआरओ ने 23 अप्रैल को सुशील कुमार को निलंबित कर दिया।
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इस बीच नामित जांच अधिकारी डीडीओ तेजभान सिंह, डीपीआरओ श्रीकांत यादव तथा वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा रामेंद्र कुमार मौर्य ने सफाई कर्मी द्वारा नौकरी के समय पर लगाए गए शैक्षिक अभिलेखों का संबंधित स्कूलों से सत्यापन कराया। इस दौरान सफाई कर्मी द्वारा लगाया गया स्थानांतरण प्रमाणपत्र में उल्लिखित प्रवेशांक 632 पर सुशील कुमार पुत्र लल्लू सिंह के स्थान पर मैनपुरी जिले के टिकरई करहल निवासी अरुना देवी पुत्री परशुराम सिंह का नाम अंकित पाया गया।
इसी तरह जूनियर हाई स्कूल भवानीपुर में सुशील कुमार का किसी भी कक्षा में प्रवेश नहीं पाया गया। उसे एक अंतिम अवसर प्रदान करते हुए नोटिस भेजकर 12 मई तक अपने पक्ष में कोई साक्ष्य अथवा गवाह उपस्थित करने के लिए समय दिया था। पांच दिन बाद तक आरोपी कर्मी द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर डीपीआरओ ने सोमवार को सफाई कर्मी सुशील कुमार के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।

पते पर भेजी जाएगी कार्रवाई की प्रति
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने बताया कि जांच के दौरान सफाई द्वारा नौकरी के समय लगाए गए सभी शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। बावजूद इसके आरोपी कर्मी को अपने पक्ष में साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत करने का पर्याप्त समय दिया गया। अंतिम अवसर के लिए निहित समय के पांच दिन बाद तक कोई साक्ष्य नहीं देने पर कर्मचारी को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। कहा कि आदेश की प्रति उसके पते पर भेजी जा रही है।
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