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Amethi News: साहब मुझे जिंदा कर दीजिए... का पोस्टर गले में टांग महिला मांग रही न्याय
Thu, 17 Aug 2023 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 17 Aug 2023 11:51 PM IST
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पोस्टर लटका कर तहसील में प्रदर्शन करती महिला
अमेठी। संग्रामपुर ब्लॉक के ठेंगहा गांव की एक महिला अपने को जीवित साबित करने के लिए गले में पोस्टर टांगकर अफसरों का चक्कर काट रही है। कागजों में मृत दिखा नाबालिग पुत्रों के नाम जमीन वरासत करने का मामला आने के बाद पीड़िता बृहस्पतिवार को गले में साहब मुझे जिंदा कर दीजिए.. का पोस्टर टांग अफसरों से मिलने तहसील पहुंच गई। इसके बाद प्रकरण का खुलासा हुआ। जिम्मेदार जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
कागजों में मृत हो चुके जीवित व्यक्ति की कहानी खूब देखी और सुनी गई होगी। ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार को जिले में सामने आया। फिल्मों में रिश्तेदार संपत्ति के लिए जीवित को मृत बनाते थे लेकिन, अमेठी में पति ने अपनी ही पत्नी को ही मुर्दा साबित कर संपत्ति नाबालिग बच्चों के नाम वरासत करा दी। बृहस्पतिवार को संग्रामपुर थानाक्षेत्र के गांव ठेंगहा निवासी शशि महिला गले में साहब मुझे जिंदा कर दीजिए.. का पोस्टर टांग कर अफसरों से गुहार लगाई।
पीड़िता ने बताया कि जिंदा है, लेकिन अभिलेखों में मुर्दा हो चुकी है। पति ने उसके नाम दर्ज भूमि अभिलेखों में मुर्दा दिखाकर उसके नाबालिग बेटे के नाम वरासत करा दी है। फर्जी तरीके से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा कर गलत वरासत कराने की जानकारी उसे भूमि से जुड़े दस्तावेजों की नकल निकलवाने पर हुई। बृहस्पतिवार को शशि ने गले में पोस्टर टांग कर प्रदर्शन शुरू किया तो राजस्व कर्मियों की लापरवाही व कारगुजारी सामने आ गई।
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एसडीएम प्रीति तिवारी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। शिकायती पत्र लेकर तहसीलदार कोर्ट में केस दर्ज करने समेत प्रक्रिया की जानकारी महिला को दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच तहसीलदार से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पति सूर्य प्रकाश ओझा ने बताया कि वह फरीदाबाद में रहते हैं। अप्रैल माह में उनकी दूसरी पत्नी (जिसका भी नाम शशि था) निधन हो गया था। पहली पत्नी से उनका तलाक हो गया है। वरासत के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। अभी मृतक पत्नी का प्रमाण पत्र नहीं बनवा सका। मेरी बूढ़ी मां और 9 वर्ष का बेटा है। मेरी ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।
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कागजों में मृत हो चुके जीवित व्यक्ति की कहानी खूब देखी और सुनी गई होगी। ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार को जिले में सामने आया। फिल्मों में रिश्तेदार संपत्ति के लिए जीवित को मृत बनाते थे लेकिन, अमेठी में पति ने अपनी ही पत्नी को ही मुर्दा साबित कर संपत्ति नाबालिग बच्चों के नाम वरासत करा दी। बृहस्पतिवार को संग्रामपुर थानाक्षेत्र के गांव ठेंगहा निवासी शशि महिला गले में साहब मुझे जिंदा कर दीजिए.. का पोस्टर टांग कर अफसरों से गुहार लगाई।
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पीड़िता ने बताया कि जिंदा है, लेकिन अभिलेखों में मुर्दा हो चुकी है। पति ने उसके नाम दर्ज भूमि अभिलेखों में मुर्दा दिखाकर उसके नाबालिग बेटे के नाम वरासत करा दी है। फर्जी तरीके से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा कर गलत वरासत कराने की जानकारी उसे भूमि से जुड़े दस्तावेजों की नकल निकलवाने पर हुई। बृहस्पतिवार को शशि ने गले में पोस्टर टांग कर प्रदर्शन शुरू किया तो राजस्व कर्मियों की लापरवाही व कारगुजारी सामने आ गई।
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एसडीएम प्रीति तिवारी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। शिकायती पत्र लेकर तहसीलदार कोर्ट में केस दर्ज करने समेत प्रक्रिया की जानकारी महिला को दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच तहसीलदार से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पति सूर्य प्रकाश ओझा ने बताया कि वह फरीदाबाद में रहते हैं। अप्रैल माह में उनकी दूसरी पत्नी (जिसका भी नाम शशि था) निधन हो गया था। पहली पत्नी से उनका तलाक हो गया है। वरासत के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। अभी मृतक पत्नी का प्रमाण पत्र नहीं बनवा सका। मेरी बूढ़ी मां और 9 वर्ष का बेटा है। मेरी ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।