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यूक्रेन से घर लौटा सैफ

Wed, 02 Mar 2022 11:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 11:50 PM IST
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saif of amethi returns from ukraine
जायस (अमेठी)। रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच फंसा छात्र पांच दिन बाद अपने घर जायस पहुंचा। पोते को देखते ही दादा-दादी फफककर रो पड़े। 18 छात्रों के जत्थे से छात्र किसी तरह एयरपोर्ट पहुंचा था। वहां से इंडिगो की जहाज से अपने देश पहुंचा। जायस कस्बा के वार्ड नंबर 11 के शेखाना मोहल्ला निवासी मो. चांद का पुत्र सैफ खान 2019 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। सैफ इन दिनों इवानो फ्रेंकिस नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में तृतीय वर्ष का छात्र था। पहले से ही 27 फरवरी 2022 को उसका वतन वापसी का टिकट था। इसी बीच यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध शुरू हो जाने की वजह से वह फंस गया।
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घर पहुंचे सैफ ने कहा कि 25 फरवरी की सुबह वह अपने 18 दोस्तों के साथ एक मिनी बस से निकला और 26 की दोपहर हंगरी बार्डर के समीप पहुंचा। बार्डर से बहुत पहले ही बस वाले ने उतार दिया। इसके बाद पैदल चलकर जब वे लोग सीमा तक पहुंचे तो हंगरी पुलिस ने यह कहते हुए रोक दिया कि उन्हें भारतीय दूतावास की तरफ से किसी प्रकार की सूचना नहीं मिली है। इसके बाद बार्डर के समीप एक एक छोटी सी कॉफी शॉप संचालक ने रुकने की जगह दे दी। उस समय रात के एक बज रहे थे और तापमान दो डिग्री सेल्सियस था।
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उन लोगों ने कई बार फोन पर भारतीय दूतावास से बात करने की कोशिश की लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। किसी तरह इंडियन एंबेसी में मिस्टर एसएम से बात हुई। उन्होंने कहा कि सुबह नेताओं एवं अधिकारियों से बात करेंगे, अभी सब सो रहे हैं। फिर हम लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भेजना शुरू कर दिया। 26 फरवरी की सुबह एंबेसी से डॉ. अमरीक हैलोन उनके पास पहुंचे और कहा कि वे इंडियन एंबेसी की तरफ से आए हैं और उन लोगों की पूरी मदद करेंगे।
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वे सभी 18 छात्रों को एक हॉस्टल ले गए। वहां उन्होंने बताया कि आप लोगों को 6-6 करके भेजा जाएगा। किसी तरह हम लोग हंगरी एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। एयरपोर्ट के कर्मियों व पुलिस ने उन्हें घेर लिया और कहा कि आप लोगों के आने की कोई भी जानकारी नहीं मिली है। इसके बाद उन लोगों ने हंगरी में भारतीय दूतावास से बात की और हम लोगों को उनके सदस्य एक हॉस्टल में ले गए। रात करीब एक बजे चार लोग आए और बताया कि एक घंटे बाद इंडिया के लिए फ्लाइट है।

उनका जत्था एक मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा। जहां पर मौजूद भारत सरकार के मंत्रियों ने उनका स्वागत किया और यूपी हाऊस भेजा। दिल्ली से कार के माध्यम से दो मार्च को हम सकुशल घर तक पहुंचे। सैफ के सकुशल घर पहुंचने पर उसकी मां राबिया व पिता चांद ने भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से आज हमारा बेटा हमारे पास पहुंच गया है। वहीं सैफ को देखते ही उनके बूढ़े दादा अब्दुल हसीन खान, दादी रजिया बानो फफक कर रो पड़ीं और पोते को गले से लगा लिया।
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