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वन्य जीव की सुरक्षा एवं संरक्षण सबकी जिम्मेदारी
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अमेठी। वन विभाग की ओर से गुरुवार को वन्य जीव संरक्षण सप्ताह का शुभारंभ किया गया। एक से सात अक्टूबर तक चलने वाले से वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के दौरान अलग-अलग तरह के कार्यक्रम होंगे।
वन्य जीव संरक्षण सप्ताह का शुभारंभ गुरुवार को शहर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हुआ। कार्यक्रम वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ। कार्यक्रम में उप प्रभागीय वन अधिकारी एके द्विवेदी ने ऑनलाइन जुड़ी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वन एवं वन्य जीव का संरक्षण करना हमारा नैतिक दायित्व है।
उन्होंने वन्यजीव संरक्षण संस्था पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में वन व वन्य जीव केवल कागज पर ना रह जाए, इसके लिए हम सभी को अपने आसपास के जीव-जंतु, पक्षी जो इस प्रकृति के अभिन्न अंग हैं, को बचाना होगा।
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प्रधानाचार्य डॉ. फूलकली गुप्ता ने कहा कि प्रकृति मानव की सहचरी है। प्रकृति है तभी मनुष्य है। प्रधानाचार्य ने छात्राओं से वन एवं वन्य जीव के संरक्षण की अपील की। इस दौरान निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी मो. अकबर, वन दरोगा रविशंकर सिंह, घेर्राऊ गौतम, रूबी सिंह, रुचिका सिंह, कुमुद सिंह, शशि बाला देवी व डॉ. ऋचा आदि मौजूद रहे।
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वन्य जीव संरक्षण सप्ताह का शुभारंभ गुरुवार को शहर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हुआ। कार्यक्रम वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ। कार्यक्रम में उप प्रभागीय वन अधिकारी एके द्विवेदी ने ऑनलाइन जुड़ी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वन एवं वन्य जीव का संरक्षण करना हमारा नैतिक दायित्व है।
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उन्होंने वन्यजीव संरक्षण संस्था पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में वन व वन्य जीव केवल कागज पर ना रह जाए, इसके लिए हम सभी को अपने आसपास के जीव-जंतु, पक्षी जो इस प्रकृति के अभिन्न अंग हैं, को बचाना होगा।
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प्रधानाचार्य डॉ. फूलकली गुप्ता ने कहा कि प्रकृति मानव की सहचरी है। प्रकृति है तभी मनुष्य है। प्रधानाचार्य ने छात्राओं से वन एवं वन्य जीव के संरक्षण की अपील की। इस दौरान निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी मो. अकबर, वन दरोगा रविशंकर सिंह, घेर्राऊ गौतम, रूबी सिंह, रुचिका सिंह, कुमुद सिंह, शशि बाला देवी व डॉ. ऋचा आदि मौजूद रहे।