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Amethi News: गांव के कचरा प्रबंधन में खर्च होंगे 33 करोड़ रुपये
Mon, 29 Apr 2024 03:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 29 Apr 2024 03:14 AM IST
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अमेठी सिटी। गांव को स्वच्छ बनाने के लिए कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में गांवों की स्वच्छता के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से कई उपाय किए जा रहे हैं। इन उपायों को अमलीजामा पहनाने के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से करीब 33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार की जा रही है।
जिले में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 682 है जिनमें से 338 गांवों के लिए ठोस-द्रव कचरा प्रबंधन पर कार्य होना बाकी है। इसके लिए पंचायतीराज विभाग के पास करीब 33 करोड़ रुपये बैंक खाते में पड़े हुए थे जो वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर लैप्स हो गए थे। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि यही बची हुई रकम फिर से विभाग को मिल गई है जिससे बचे हुए कार्य पूरे किए जाएंगे।
आरआरसी, फिल्टर चैंबर का होगा निर्माण
सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में आरआरसी यानी कि रिसोर्स रिकवरी सेंटर व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए जाने हैं। जहां गांव के कूड़े को एकत्र कर उसकी छंटाई की जाएगी। प्लास्टिक व मेटल आदि के कचरे को अलग से निस्तारित किया जाएगा। इसी तरह गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाली व गंदे पानी को साफ करने के लिए फिल्टर चैंबर का निर्माण किया जाना है। इसी तरह गांवों में वाटर रिचार्ज व पानी निकासी के लिए सोख्ता गड्ढे का निर्माण किया जाना है।
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जिले में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 682 है जिनमें से 338 गांवों के लिए ठोस-द्रव कचरा प्रबंधन पर कार्य होना बाकी है। इसके लिए पंचायतीराज विभाग के पास करीब 33 करोड़ रुपये बैंक खाते में पड़े हुए थे जो वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर लैप्स हो गए थे। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि यही बची हुई रकम फिर से विभाग को मिल गई है जिससे बचे हुए कार्य पूरे किए जाएंगे।
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आरआरसी, फिल्टर चैंबर का होगा निर्माण
सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में आरआरसी यानी कि रिसोर्स रिकवरी सेंटर व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए जाने हैं। जहां गांव के कूड़े को एकत्र कर उसकी छंटाई की जाएगी। प्लास्टिक व मेटल आदि के कचरे को अलग से निस्तारित किया जाएगा। इसी तरह गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाली व गंदे पानी को साफ करने के लिए फिल्टर चैंबर का निर्माण किया जाना है। इसी तरह गांवों में वाटर रिचार्ज व पानी निकासी के लिए सोख्ता गड्ढे का निर्माण किया जाना है।
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