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Amethi News: रामकथा भगवत प्राप्ति का सरल माध्यम
Fri, 12 Dec 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:31 AM IST
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मुसाफिरखाना के सहोदरपुर पलिया पश्चिम में सुनते श्रद्धालु। स्त्रोत : आयोजक
अमेठी सिटी। सहोदरपुर पलिया पश्चिम में अशोक कुमार त्रिपाठी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय रामकथा का समापन बृहस्पतिवार को हुआ। अंतिम दिन प्रवाचक जानकीदास महाराज ने बताया कि श्रीराम कथा कलयुग में भगवत प्राप्ति का सरल माध्यम है। उन्होंने कहा कि सौभाग्यशाली लोगों को ही यह कथा सुनने का अवसर मिलता है।
प्रवाचक ने कहा कि रामकथा सुनने से भगवान की छवि मन में स्थापित होती है, जिससे भगवत दर्शन की लालसा उत्पन्न होती है। इसी भावना से साधक आगे का मार्ग तय करता है। उन्होंने गुरु की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के अनुसार ईश्वर की प्राप्ति में सद्गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण है। गुरु खोजने से नहीं मिलते, उनके दर्शन होते हैं।
प्रवाचक ने राम नाम की महिमा समझाते हुए कहा कि कलयुग में योग, यज्ञ, जप, तप और व्रत जैसे मार्ग कठिन हैं, मगर भगवान का नाम स्मरण व्यक्ति को सही दिशा देता है। प्रवचन के दौरान ध्रुव की कथा सुनाई गई। बताया कि किस प्रकार पांच वर्ष के बालक ध्रुव ने दृढ़ संकल्प से परम पद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि रामकथा सुनने से भगवान की छवि मन में स्थापित होती है, जिससे भगवत दर्शन की लालसा उत्पन्न होती है। इसी भावना से साधक आगे का मार्ग तय करता है। उन्होंने गुरु की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के अनुसार ईश्वर की प्राप्ति में सद्गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण है। गुरु खोजने से नहीं मिलते, उनके दर्शन होते हैं।
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प्रवाचक ने राम नाम की महिमा समझाते हुए कहा कि कलयुग में योग, यज्ञ, जप, तप और व्रत जैसे मार्ग कठिन हैं, मगर भगवान का नाम स्मरण व्यक्ति को सही दिशा देता है। प्रवचन के दौरान ध्रुव की कथा सुनाई गई। बताया कि किस प्रकार पांच वर्ष के बालक ध्रुव ने दृढ़ संकल्प से परम पद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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