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Amethi News: बारिश से खेतों में बिछ गए किसानों के अरमान
Mon, 04 Mar 2024 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:19 AM IST
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अमेठी। जिले में शनिवार से लेकर रविवार तक हुई10 मिमी बारिश से शहर से लेकर गांवाें तक लोग परेशान रहे। तेज हआसे गेहूं, आलू और सरसों की फसल को नुकसान हुआ। जबकि शनिवार की रात में बहुत छोटे आकार के कुछ स्थानों पर ओला गिरे हैं। रविवार की सुबह से दिनभर बादलों की लुकाछिपी चलती रही। बदलते मौसम का रुख देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। यदि बारिश और हुई तो तिलहनी फसल चौपट होने का डर है।
जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। यदि तेज बारिश हुई तो दलहन-तिलहन की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हो सकता है। पिछले साल मार्च में हुई बेमौसम बारिश से गेंहू की फसल चौपट हो गई थी। इस बार भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। मार्च के पहले सप्ताह में मौसम का रुख बदल गया। बारिश के कारण किसान सरसों की कटी हुई फसल को छायादार स्थान पर रखने को मजबूर हुए। सरसों की फसल खेतों में पड़ी है, वह खराब हो रही हैं। गेहूं सहित अन्य फसलें तेज हवा से खेतों में गिर गई हैं, जिससे उनकी उपज पर प्रभाव पड़ेगा।
अधूरी पड़ी सर्विस रोड बनी मुसीबत
बारिश के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों व संपर्क मार्ग कीचड़ युक्त हो गए हैं। सड़काें पर फिसलन बढ़ने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। शहर के ककवा रोड स्थित अधूरा पड़ा सर्विस रोड लोगों के लिए परेशानी का सबक बना है। स्थानीय लोगों के साथ राहगीर और ग्राहक कीचड़ युक्त रास्ता होने से गिर कर चोटिल हो रहे हैं। लोगों की लगातार मांग के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
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बारिश के कारण सैठा तराहा, विकास नगर समेत अन्य रास्ते कीचड युक्त हो गए हैं। बादलों की दिनभर लुका छुपी से रविवार को आयोजित होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों के आयोजक परेशान दिखे, और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था में लगे दिखाई पड़े।
आलू के साथ हरी सब्जियों को नुकसान
अमेठी। अगेती गेहूं, सरसों व मटर की फसलें खेतों में ही बिछ गईं। आलू सहित सभी सब्जियों को नुकसान हुआ है। इससे खेत में ही काटकर छोड़ी गई राई, मटर व मसूर की फसल बारिश से भीगने से दाने झड़ गए। सरसों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की अगेती फसल खेत में गिर गई। जिले भर में हुई बरसात से किसान मायूस हो गए हैं। बारिश से टमाटर, सरसों, आलू, मूली, गोभी समेत सभी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
सेहत का रखें ख्याल
कभी बारिश तो कभी तेज ठंडी हवा कभी धूप निकल रही है। ऐसे में सेहत के प्रति जरा सी भी लापरवाही न बरतें, जरा सी लापरवाही के चलते लोग तत्काल बीमार पड़ सकते हैं। डॉ. आलोक तिवारी ने बताया कि बदलते मौसम को देखते हुए सेहत का पूरी तरह ख्याल रखें। बारिश में भीगने से बचें और अगर ठंड महसूस हो रही है तो गर्म कपड़े जरूर पहनें। बदलते मौसम में सर्दी जुकाम, बुखार की आशंका बढ़ जाती है। तबीयत खराब होने पर तत्काल निजी चिकित्सालय दिखाएं।
सब्जी उत्पादन होगा प्रभावित
जगदीशपुर (अमेठी)। रमेश कुमार मौर्या रसूलपुर ने बताया कि बरसात से सब्जी फसल को नुकसान हो रहा है। बताया कि बंद गोभी की पांच बीघा खेती की है। पिछली बारिश में गोभी खराब हो गई थी। 50 हजार का नुकसान हुआ था। 20 से 25 क्विंतल गोभी खराब हो गई है। 20 रुपये किलो फुटकर बिक्री व थोक में 12 से 15 सौ रुपये में बिकती है। बताया कि गांव के अन्य किसानों की पालक पानी लगने पर सड़ रही है। सोया भी पीला पड़ जाता हैं। खेतों में पानी भरा है।
गौरीगंज के भनियापुर निवासी किसान नंदलाल ने बताया कि बरसात से खीरा, तरबूजा व खरबूजा, करेला समेत अन्य सीजन सब्जी के लिए बरसात नुकसानदायक है।
फसलों को 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान
अमेठी सिटी। जिले में मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार शनिवार से लेकर रविवार तक 10 मिमी बरसात हुई। बरसात से 10-15 प्रतिशत का नुकसान होने की संभावना है। जिले में 129616 हेक्टेयर में गेहूं की बोआई है। जिले में तिलहनी फसल करीब 2898 हेक्टयर में तैयार है।
आलू 35 सौ हेक्टेयर तो अलग-अलग सब्जी 650 हेक्टेयर में बोई गई है। बिगडे़ मौसम से बागवानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो बागवानी की कई फसलें अधिक नमी व जलभराव के कारण नष्ट हो सकती हैं। आलू पर बरसात का फिलहाल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि खेत में जलभराव की स्थिति होगी तो सड़ने की संभावना है।
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जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। यदि तेज बारिश हुई तो दलहन-तिलहन की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हो सकता है। पिछले साल मार्च में हुई बेमौसम बारिश से गेंहू की फसल चौपट हो गई थी। इस बार भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। मार्च के पहले सप्ताह में मौसम का रुख बदल गया। बारिश के कारण किसान सरसों की कटी हुई फसल को छायादार स्थान पर रखने को मजबूर हुए। सरसों की फसल खेतों में पड़ी है, वह खराब हो रही हैं। गेहूं सहित अन्य फसलें तेज हवा से खेतों में गिर गई हैं, जिससे उनकी उपज पर प्रभाव पड़ेगा।
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अधूरी पड़ी सर्विस रोड बनी मुसीबत
बारिश के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों व संपर्क मार्ग कीचड़ युक्त हो गए हैं। सड़काें पर फिसलन बढ़ने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। शहर के ककवा रोड स्थित अधूरा पड़ा सर्विस रोड लोगों के लिए परेशानी का सबक बना है। स्थानीय लोगों के साथ राहगीर और ग्राहक कीचड़ युक्त रास्ता होने से गिर कर चोटिल हो रहे हैं। लोगों की लगातार मांग के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
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बारिश के कारण सैठा तराहा, विकास नगर समेत अन्य रास्ते कीचड युक्त हो गए हैं। बादलों की दिनभर लुका छुपी से रविवार को आयोजित होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों के आयोजक परेशान दिखे, और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था में लगे दिखाई पड़े।
आलू के साथ हरी सब्जियों को नुकसान
अमेठी। अगेती गेहूं, सरसों व मटर की फसलें खेतों में ही बिछ गईं। आलू सहित सभी सब्जियों को नुकसान हुआ है। इससे खेत में ही काटकर छोड़ी गई राई, मटर व मसूर की फसल बारिश से भीगने से दाने झड़ गए। सरसों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की अगेती फसल खेत में गिर गई। जिले भर में हुई बरसात से किसान मायूस हो गए हैं। बारिश से टमाटर, सरसों, आलू, मूली, गोभी समेत सभी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
सेहत का रखें ख्याल
कभी बारिश तो कभी तेज ठंडी हवा कभी धूप निकल रही है। ऐसे में सेहत के प्रति जरा सी भी लापरवाही न बरतें, जरा सी लापरवाही के चलते लोग तत्काल बीमार पड़ सकते हैं। डॉ. आलोक तिवारी ने बताया कि बदलते मौसम को देखते हुए सेहत का पूरी तरह ख्याल रखें। बारिश में भीगने से बचें और अगर ठंड महसूस हो रही है तो गर्म कपड़े जरूर पहनें। बदलते मौसम में सर्दी जुकाम, बुखार की आशंका बढ़ जाती है। तबीयत खराब होने पर तत्काल निजी चिकित्सालय दिखाएं।
सब्जी उत्पादन होगा प्रभावित
जगदीशपुर (अमेठी)। रमेश कुमार मौर्या रसूलपुर ने बताया कि बरसात से सब्जी फसल को नुकसान हो रहा है। बताया कि बंद गोभी की पांच बीघा खेती की है। पिछली बारिश में गोभी खराब हो गई थी। 50 हजार का नुकसान हुआ था। 20 से 25 क्विंतल गोभी खराब हो गई है। 20 रुपये किलो फुटकर बिक्री व थोक में 12 से 15 सौ रुपये में बिकती है। बताया कि गांव के अन्य किसानों की पालक पानी लगने पर सड़ रही है। सोया भी पीला पड़ जाता हैं। खेतों में पानी भरा है।
गौरीगंज के भनियापुर निवासी किसान नंदलाल ने बताया कि बरसात से खीरा, तरबूजा व खरबूजा, करेला समेत अन्य सीजन सब्जी के लिए बरसात नुकसानदायक है।
फसलों को 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान
अमेठी सिटी। जिले में मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार शनिवार से लेकर रविवार तक 10 मिमी बरसात हुई। बरसात से 10-15 प्रतिशत का नुकसान होने की संभावना है। जिले में 129616 हेक्टेयर में गेहूं की बोआई है। जिले में तिलहनी फसल करीब 2898 हेक्टयर में तैयार है।
आलू 35 सौ हेक्टेयर तो अलग-अलग सब्जी 650 हेक्टेयर में बोई गई है। बिगडे़ मौसम से बागवानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो बागवानी की कई फसलें अधिक नमी व जलभराव के कारण नष्ट हो सकती हैं। आलू पर बरसात का फिलहाल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि खेत में जलभराव की स्थिति होगी तो सड़ने की संभावना है।