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संसद में पारित कृषि अध्यादेश पर भड़के आप कार्यकर्ता
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गौरीगंज (अमेठी)। केंद्र सरकार की ओर से संसद में पारित एग्रीकल्चर ऑर्डिनेंस बिल पर भड़के आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया। कार्यकर्ताओं ने पारित बिल के वापस लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संसद में पारित कृषि अध्यादेश को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने शहर स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक कर केंद्र सरकार को किसान विरोधी करार दिया। कार्यकर्ताओं ने कृषि अध्यादेश से धान व गेहूं फसल की एमएसपी समाप्त होने की बात कहते हुए उद्योगपतियों को लाभान्वित करने के लिए बिल पारित करने का आरोप लगाया है।
वक्ताओं ने पारित बिल से पूंजीपतियों की ओर से फसल खरीद कर भंडारन करने तथा मनचाहे दाम पर बिक्री करने की बात कहते हुए केंद्र सरकार को देश में निजीकरण व्यवस्था लागू करने का जिम्मेदार ठहराया। बैठक के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
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ज्ञापन में बिल को वापस करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने ऐसा न करने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिव प्रसाद कश्यप, आवेश हनफी, चंद्रजीत यादव, ठाकुर प्रसाद, सीतापति, रामनारायण व विजय कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।
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संसद में पारित कृषि अध्यादेश को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने शहर स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक कर केंद्र सरकार को किसान विरोधी करार दिया। कार्यकर्ताओं ने कृषि अध्यादेश से धान व गेहूं फसल की एमएसपी समाप्त होने की बात कहते हुए उद्योगपतियों को लाभान्वित करने के लिए बिल पारित करने का आरोप लगाया है।
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वक्ताओं ने पारित बिल से पूंजीपतियों की ओर से फसल खरीद कर भंडारन करने तथा मनचाहे दाम पर बिक्री करने की बात कहते हुए केंद्र सरकार को देश में निजीकरण व्यवस्था लागू करने का जिम्मेदार ठहराया। बैठक के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
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ज्ञापन में बिल को वापस करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने ऐसा न करने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिव प्रसाद कश्यप, आवेश हनफी, चंद्रजीत यादव, ठाकुर प्रसाद, सीतापति, रामनारायण व विजय कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।