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Amethi News: सरकारी परचे पर लिखते बाहर की दवा
Sat, 31 Jan 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:29 AM IST
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सरकारी परचे पर अस्पताल की फार्मेसी संग लिखी बाहर की दवाएं। - संवाद
अमेठी सिटी। सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने पर अंकुश नहीं लगा पा रहा। अस्पतालों में एक रुपये के परचे पर निशुल्क दवा व जांच आदि की व्यवस्था है, फिर भी ओपीडी हो या इमरजेंसी, सरकारी परचे पर बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को कई मरीज ऐसे मिले, जिन्हें बाहर की दवा लिखी गई थी। मरीजों के अनुसार, चार से पांच सौ रुपये की दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। उनके मुताबिक वो तो कंगाल हुए जा रहे हैं लेकिन मेडिकल स्टोर वाले खूब पैसा कमा रहे हैं।
प्रतापगढ़ के चंदौका पट्टी गांव निवासी ऊषा वर्मा ने बताया कि उनके हाथों में काफी दिनों झनझनाहट है। मनोरोग विभाग में दिखाया तो चिकित्सक ने सीटी स्कैन व खून जांच लिखी थी जो अस्पताल के अंदर हो गई। बताया कि छह दवाएं अंदर से लिखी थीं और चार दवाएं बाहर की। बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लेने जा रहे हैं। इसी विभाग में मिली सुरेमा ने बताया कि लगातार सिर दर्द की समस्या रहती है। चिकित्सक ने सरकारी परचे पर दवा लिखी है। बताया कि तीन दवाएं अंदर से मिली और चार दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर पर खरीदने जा रही हूं। कहा कि दवाएं महंगी हैं, लेकिन आराम मिल जाए बस।
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गौरीगंज निवासी प्रियंका ने बताया कि उन्हें फोड़ा हो गया है। ओपीडी में सर्जन को दिखाया है। बताया कि चार दवाएं अंदर मिल गई और सरकारी परचे पर पीछे लिखी एक दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ेगी। मरीज शीला ने बताया कि महिला चिकित्सक को दिखाया है। सरकारी परचे पर लिखी कुछ दवाएं अंदर से मिल गई, लेकिन कुछ दवाएं अंदर नहीं मिली। बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ेंगी।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। बाहरी दवाओं के लिखने पर रोक है। कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को कई मरीज ऐसे मिले, जिन्हें बाहर की दवा लिखी गई थी। मरीजों के अनुसार, चार से पांच सौ रुपये की दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। उनके मुताबिक वो तो कंगाल हुए जा रहे हैं लेकिन मेडिकल स्टोर वाले खूब पैसा कमा रहे हैं।
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प्रतापगढ़ के चंदौका पट्टी गांव निवासी ऊषा वर्मा ने बताया कि उनके हाथों में काफी दिनों झनझनाहट है। मनोरोग विभाग में दिखाया तो चिकित्सक ने सीटी स्कैन व खून जांच लिखी थी जो अस्पताल के अंदर हो गई। बताया कि छह दवाएं अंदर से लिखी थीं और चार दवाएं बाहर की। बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लेने जा रहे हैं। इसी विभाग में मिली सुरेमा ने बताया कि लगातार सिर दर्द की समस्या रहती है। चिकित्सक ने सरकारी परचे पर दवा लिखी है। बताया कि तीन दवाएं अंदर से मिली और चार दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर पर खरीदने जा रही हूं। कहा कि दवाएं महंगी हैं, लेकिन आराम मिल जाए बस।
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गौरीगंज निवासी प्रियंका ने बताया कि उन्हें फोड़ा हो गया है। ओपीडी में सर्जन को दिखाया है। बताया कि चार दवाएं अंदर मिल गई और सरकारी परचे पर पीछे लिखी एक दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ेगी। मरीज शीला ने बताया कि महिला चिकित्सक को दिखाया है। सरकारी परचे पर लिखी कुछ दवाएं अंदर से मिल गई, लेकिन कुछ दवाएं अंदर नहीं मिली। बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ेंगी।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। बाहरी दवाओं के लिखने पर रोक है। कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।