फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Police released the physiotherapist after questioning

Amethi News: पूछताछ के बाद फिजियोथेरेपिस्ट को पुलिस ने छोड़ा

Thu, 06 Jul 2023 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Thu, 06 Jul 2023 12:16 AM IST
विज्ञापन
Police released the physiotherapist after questioning
गौरीगंज (अमेठी)। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रमाणित कराने के नाम पर शिक्षक से 35 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पुलिस ने बुधवार को यूटर्न ले लिया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद फिजियोथेरेपिस्ट को हिरासत में लेने वाली पुलिस ने मंगलवार देरशाम पूछताछ के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारी इस मामले में साक्ष्य संकलन की बात कहकर पीछा छुड़ा ले रहे हैं। हालांकि प्रकरण की विभागीय जांच चल रही है।
विज्ञापन


अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में भारांक हासिल के लिए बाजारशुकुल के प्राथमिक स्कूल, काजीपुर में कार्यरत मुरादाबाद निवासी शिक्षक तैय्यब खान ने पत्नी हनीफा बेगम के ह्दय रोग से ग्रसित होने के प्रमाण पत्र लगाया था। कहा गया कि बीमारी के प्रमाणपत्र का सीएमओ से काउंटर होना जरूरी है।
विज्ञापन

इसी दौरान उसकी मुलाकात विभाग के फिजियोथेरेपिस्ट से हुई। उन्होंने इस काम के लिए 35 हजार रुपये लिए। बाद में उसे सीएमओ का काउंटर साइन किया प्रमाणपत्र दे दिया। विभाग ने जब इसका सत्यापन कराया तो सीएमओ ने अपना हस्ताक्षर होने से ही मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभाग ने नोटिस जारी किया तो मामले का धांधली का खुलासा हुआ। मंगलवार को शिक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फिजियोथेरेपिस्ट संतोष सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने फिजियोथेरेपिस्ट को हिरासत में ले लिया था। देरशाम को पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। सीओ मयंक द्विवेदी का कहना है कि प्रकरण की जांच चल रही है। साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इससे अधिक वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुए।
चार अन्य शिक्षक के भी प्रमाण पत्र मिले फर्जी
अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए शिक्षकों की ओर असाध्य रोग से स्वयं या परिजनों के ग्रसित होने का प्रमाण पत्र लगाया था। असाध्य रोग प्रमाण पत्र सीएमओ से प्रतिहस्ताक्षरित कराने के नाम पर बेसिक शिक्षा विभाग में जमकर खेल हुआ। आवेदनों की जांच के बाद पांच शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई। पुष्टि के नोटिस जारी हुई तो फर्जी प्रमाण पत्र व प्रतिहस्ताक्षरित कराने का राजफाश हुआ।
पांच में दो हो चुका तबादला
अंतर जनपदीय आवेदन के बाद फर्जी असाध्य रोग ग्रसित होने का प्रमाण पत्र लगाने वाले पांच में से दो शिक्षकों का तबादला भी हो चुका है। हालांकि विभाग ने दोनों शिक्षकों के रिलीविंग पर रोक लगा दी है। मामले में सचिव से मार्गदर्शन मांगा है। सचिव का निर्देश मिलने के बाद शिक्षा विभाग नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए कार्यालय पहुंच सीओ ने की जांचविवेचक सीओ मंयक द्विवेदी बुधवार को बीएसए दफ्तर पहुंचे। कार्यालय में मौजूद कर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ अंतर जनपदीय स्थानांतरण आवेदन में लगे असाध्य रोग प्रमाण पत्र व प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी हासिल की। इसके अतिरिक्त सीओ ने सीएमओ कार्यालय से जारी असाध्य रोग प्रमाण पत्र की सत्यता का परीक्षण करते हुए साक्ष्य संकलित किया। हालांकि सीओ साफ तौर पर कुछ बताने को तैयार नहीं हुए। सिर्फ इतना कहा कि साक्ष्य संकलित किया जा रहा है।

इनसेट
संविदा समाप्त करने की चल रही कार्रवाई
फिजियोथेरेपिस्ट संतोष सिंह की संविदा समाप्त करने के लिए पत्रावली तैयार कर जिला स्तरीय कमेटी के पास भेजा गया है। जिला स्तरीय कमेटी का अनुमोदन मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

संजय तिवारी-बीएसए

नियमानुसार हो रही कार्रवाई
शिक्षक की तहरीर पर केस दर्ज करने के बाद फिजियोथेरेपिस्ट संतोष सिंह को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। पूछताछ के बाद परिजनों को सिपुर्द किया गया है। सीओ पूरे प्रकरण की जांच कर साक्ष्य संकलित कर रहे हैं। साक्ष्य संकलित होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. इलामारन जी-एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed