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Amethi News: शुगर जांच के लिए पैथोलॉजी को मिली नई डीटेन मशीन
Sat, 04 Oct 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 04 Oct 2025 12:47 AM IST
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अमेठी सिटी। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में शुगर (एचबीए1सी) जांच के लिए नई डीटेन मशीन आ गई है। मरीजों को इस जांच के लिए निजी सेंटरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में अभी तक एचबीए1सी जांच की सुविधा नहीं थी। बृहस्पतिवार को पैथोलॉजी में कंपनी के इंजीनियर पहुंचकर शुगर जांच के लिए आई डीटेन मशीन को इंस्टॉल करने की कवायद में लगे रहे। चिकित्सकों के अनुसार 30 से अधिक उम्र के लोगों को डॉक्टर की सलाह पर हर छह महीने में शुगर की जांच जरूर कराते रहना चाहिए। एचबीए1सी जांच (ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट) कोई साधारण ब्लड टेस्ट नहीं, बल्कि पिछले दो से तीन माह के ब्लड शुगर कंट्रोल की पूरी रिपोर्ट आ जाती है। शुगर के एवरेज का पता लगाने में मदद मिलती है।
डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि जिन लोगों का वजन ज्यादा है। हाई ब्लडप्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है। डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री रही हो या गर्भावस्था के दौरान शुगर हो गई हो तो उन्हें डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से ये टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। समय पर ये टेस्ट करवाने से डायबिटीज की जटिलताओं जैसे हृदय पर इसके असर, किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी पर होने वाले असर को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस जांच के लिए सिर्फ खून का एक सैंपल लिया जाता है और रिपोर्ट में आपका औसत ब्लड शुगर प्रतिशत पता चल जाता है। बताया कि चिकित्सक की सलाह पर साल में दो से चार बार जांच करवाना चाहिए।
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में अभी तक एचबीए1सी जांच की सुविधा नहीं थी। बृहस्पतिवार को पैथोलॉजी में कंपनी के इंजीनियर पहुंचकर शुगर जांच के लिए आई डीटेन मशीन को इंस्टॉल करने की कवायद में लगे रहे। चिकित्सकों के अनुसार 30 से अधिक उम्र के लोगों को डॉक्टर की सलाह पर हर छह महीने में शुगर की जांच जरूर कराते रहना चाहिए। एचबीए1सी जांच (ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट) कोई साधारण ब्लड टेस्ट नहीं, बल्कि पिछले दो से तीन माह के ब्लड शुगर कंट्रोल की पूरी रिपोर्ट आ जाती है। शुगर के एवरेज का पता लगाने में मदद मिलती है।
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डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि जिन लोगों का वजन ज्यादा है। हाई ब्लडप्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है। डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री रही हो या गर्भावस्था के दौरान शुगर हो गई हो तो उन्हें डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से ये टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। समय पर ये टेस्ट करवाने से डायबिटीज की जटिलताओं जैसे हृदय पर इसके असर, किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी पर होने वाले असर को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस जांच के लिए सिर्फ खून का एक सैंपल लिया जाता है और रिपोर्ट में आपका औसत ब्लड शुगर प्रतिशत पता चल जाता है। बताया कि चिकित्सक की सलाह पर साल में दो से चार बार जांच करवाना चाहिए।
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