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Amethi News: अब एक क्लिक पर दिखेगा विद्यार्थियों का शैक्षणिक विवरण
Mon, 07 Oct 2024 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 07 Oct 2024 01:08 AM IST
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अमेठी सिटी। अब कक्षा एक से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक ब्यौरा एक क्लिक में देखा जा सकेगा। इसके लिए इंटरमीडिएट तक के बच्चों की अपार आईडी के माध्यम से शैक्षणिक कुंडली बनाई जाएगी। वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। शासन स्तर पर बस पोर्टल खुलना बाकी है। विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह में आईडी बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
यू डायस प्लस पोर्टल के माध्यम से ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी का सृजन किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेश पर इसके लिए जिले स्तर पर तैयारी की गई है। इसमें बच्चों से संबंधित सभी तरह का विवरण दर्ज किया जाएगा। योजना के तहत अमेठी जिले के 2572 विद्यालयों में पंजीकृत करीब 3.52 लाख विद्यार्थियों को इस योजना में पंजीकृत किया जाएगा। इसमें जिले के सभी परिषदीय विद्यालय, निजी विद्यालय, मदरसा बोर्ड, संस्कृत बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड आदि से जुड़े हुए छात्र-छात्राओं को इस आईडी के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि इस संबंध में विकासखंड के सभी विद्यालयों में एक विशेष अभिभावक शिक्षक बैठक करते हुए उनकी सहमति ली जाएगी। माता-पिता अभिभावक से सहमति पत्र एकत्रित करने के लिए गूगल सीट भी साझा की जाएगी। इसमें विद्यालयों की ओर से अपार आईडी से संबंधित सहमति पत्र भरवाए जांएगे।
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12 अंकों का जारी होगा यूनिक नंबर
अपार आईडी एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें भारत सरकार की ओर से स्कूली शिक्षा में अध्यनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए 12 अंकों का एक यूनिक नंबर जारी होगा। परमानेंट एजुकेशन नंबर के आधार पर तैयार इस आईडी को आधार कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। इसकी सहायता से भविष्य में सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की शैक्षिक प्रगति की ट्रैकिंग की जा सकेगी।
रोजगार व विभिन्न नौकरियों में होगी आसानी
अपार आईडी के माध्यम से रोजगार व अन्य नौकरियों में सेवायोजक को आसानी होगी। इस आईडी के माध्यम से वह छात्र-छात्राओं से जुड़ी हुई सभी तरह की डिटेल आसानी से देख सकेंगे। इसमें अलग से सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व का आकलन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। वहीं फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल करना आसान नहीं रह जाएगा। स्कूल के दौरान बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने वाले ड्रॉप आउट बच्चों को पहचान इस अपार आईडी के माध्यम से आसानी से किया जा सकेगा।
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यू डायस प्लस पोर्टल के माध्यम से ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी का सृजन किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेश पर इसके लिए जिले स्तर पर तैयारी की गई है। इसमें बच्चों से संबंधित सभी तरह का विवरण दर्ज किया जाएगा। योजना के तहत अमेठी जिले के 2572 विद्यालयों में पंजीकृत करीब 3.52 लाख विद्यार्थियों को इस योजना में पंजीकृत किया जाएगा। इसमें जिले के सभी परिषदीय विद्यालय, निजी विद्यालय, मदरसा बोर्ड, संस्कृत बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड आदि से जुड़े हुए छात्र-छात्राओं को इस आईडी के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि इस संबंध में विकासखंड के सभी विद्यालयों में एक विशेष अभिभावक शिक्षक बैठक करते हुए उनकी सहमति ली जाएगी। माता-पिता अभिभावक से सहमति पत्र एकत्रित करने के लिए गूगल सीट भी साझा की जाएगी। इसमें विद्यालयों की ओर से अपार आईडी से संबंधित सहमति पत्र भरवाए जांएगे।
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12 अंकों का जारी होगा यूनिक नंबर
अपार आईडी एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें भारत सरकार की ओर से स्कूली शिक्षा में अध्यनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए 12 अंकों का एक यूनिक नंबर जारी होगा। परमानेंट एजुकेशन नंबर के आधार पर तैयार इस आईडी को आधार कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। इसकी सहायता से भविष्य में सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की शैक्षिक प्रगति की ट्रैकिंग की जा सकेगी।
रोजगार व विभिन्न नौकरियों में होगी आसानी
अपार आईडी के माध्यम से रोजगार व अन्य नौकरियों में सेवायोजक को आसानी होगी। इस आईडी के माध्यम से वह छात्र-छात्राओं से जुड़ी हुई सभी तरह की डिटेल आसानी से देख सकेंगे। इसमें अलग से सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व का आकलन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। वहीं फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल करना आसान नहीं रह जाएगा। स्कूल के दौरान बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने वाले ड्रॉप आउट बच्चों को पहचान इस अपार आईडी के माध्यम से आसानी से किया जा सकेगा।