फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Not easy to reach district headquarters from Singhpur

सिंहपुर से जिला मुख्यालय पहुंचना आसान नहीं

Mon, 27 Dec 2021 09:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Dec 2021 09:21 PM IST
विज्ञापन
Not easy to reach district headquarters from Singhpur
सिंहपुर (अमेठी)। रायबरेली से कटकर 11 वर्ष पूर्व अमेठी जिले में शामिल होने का दंश सिंहपुर के लोग अभी तक भुगत रहे हैं। ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए कोई साधन मुहैया नहीं है। मुख्यालय तक सिर्फ वो ही जा सकते हैं जिनके पास निजी वाहन हैं।
विज्ञापन

अमेठी में शामिल होने से पहले सिंहपुर ब्लॉक रायबरेली जिले का हिस्सा था। पुराना जिला होने व मुख्यालय तक जाने के लिए परिवहन के अलावा पर्याप्त साधन होने के चलते लोगों का यहां तक पहुंचना आसान था। अमेठी जिले का पुनर्गठन एक जुलाई 2010 को हुआ तो सिंहपुर ब्लॉक को भी अमेठी का हिस्सा बना दिया गया।
विज्ञापन

जिले में शामिल होने के बाद लोगों को लगा कि जल्दी ही व्यवस्था दुरुस्त होगी और जिस तरह वे रायबरेली पहुंच पाते थे उसी तरह अमेठी के जिला मुख्यालय गौरीगंज तक पहुंच पाना भी आसान होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिला गठन होने के बाद से सरकारी बस सेवा (परिवहन) शुरू करने की मांग पूरी नहीं होने से लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसकी व्यवस्था नहीं होने से सिंहपुर क्षेत्र के लोगों के लिए यह जिला कष्टदायी साबित हो रहा है। जिनके पास निजी साधन नहीं है जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाता। 70 किलोमीटर का रास्ता यदि कोई साइकिल से तय करना चाहता है तो मुख्यालय पहुंचने तक अधिकारी उठ चुके होते हैं।
नहीं शुरू हो पाई बस सेवा
ब्लॉक क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए अब भी बस सेवा का इंतजार है। क्षेत्र के खरावां, कुसुंभी, टिकरी, कुकहा रामपुर, गोयन, जैतपुर, हथरोहाना, लवली व जगतपुर ऐसे गांव हैं जहां के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए 65 से 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। जिला पहुंचना इसलिए भी आसान नहीं है क्योंकि सिंहपुर से गौरीगंज के लिए कोई सीधा मार्ग नहीं है न ही एकबार में पहुंचाने वाला साधन।
लखनऊ जाना फिर भी आसान
जिन गांवों से जिला मुख्यालय की दूरी 65 से 70 किलोमीटर है उन गांवों से प्रदेश की राजधानी की दूरी भी लगभग इतनी ही है। किसी भी व्यक्ति के लिए लखनऊ का रास्ता एक घंटे से अधिक का नहीं है। हर पंद्रह मिनट पर साधन उपलब्ध हैं। गौरतलब होगा कि इस क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय व बैंकों तथा अन्य स्थानों पर नौकरी करने वाले लखनऊ से आते-जाते हैं।

क्षेत्रवासियों का दर्द
खरावां ग्राम पंचायत के राहुल मिश्र कहते हैं कि गौरीगंज पहुंचना है तो निजी साधन ही एकमात्र विकल्प है। कुकहा रामपुर के ग्राम प्रधान अशोक कुमार का कहना है कि आम आदमी जिला मुख्यालय तक पहुंच नहीं पाता। बीडीसी लॉली भीखू यादव का कहना है कि यदि हैदरगढ़ से जगदीशपुर और जगदीशपुर से साधन बदलकर वाया जामो जाना चाहें तो वहां भी टैंपो का सहारा लेना पड़ता है। इससे लोग समय पर गौरीगंज नहीं पहुंच पाते। टिकरी गांव के पूरे कुम्हार निवासी राम सुमिरन प्रजापति का कहना है कि शासन प्रशासन को यहां से परिवहन सेवा शुरू करनी चाहिए। सभी का कहना है कि हैदरगढ़ वाया शिवरतनगंज-सेमरौता-तिलोई-जायस होते हुए बस चलाई जाए तो लोगों को तहसील से लेकर मंडी और जिला मुख्यालय का जुड़ाव आसान हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed