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Amethi News: 14 विभागों में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
Tue, 28 Jan 2025 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:30 AM IST
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अमेठी सिटी। जिला मुख्यालय के गौरीगंज असैदापुर स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में 14 विभागों में सृजित 23 पदों के सापेक्ष एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। अन्य स्वीकृत पदों के सापेक्ष भी 53 चिकित्सकों व कर्मियों की कमी है। ऐसे में गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल व अन्य जिलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।
अमेठी को जिले का दर्जा मिले करीब डेढ़ दशक होने जा रहा है। मगर आज भी जिले में संसाधनों का टोटा बना हुआ है। संसाधन नहीं होने से जिले के लोगों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। सबसे जरूरी सुविधाओं में स्वास्थ्य सेवाएं हैं। 15 वर्ष बीतने को हैं, सीएचसी, पीएचसी की बात तो दूर, जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
जिला अस्पताल में कुल 36 अलग-अलग विभाग के सापेक्ष 97 पद सृजित हैं। इसमें कार्डियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ईसीजी टेक्नीशियन, डेंटल हाईजिनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, बायोमेडिकल इंचार्ज, डार्क रूम सहायक व वरिष्ठ सहायक के एक-एक पद तथा ओटी टेक्नीशियन, सहायक स्टोर कीपर, वाहन चालक, लैब टेक्नीशियन के दो-दो पद के सापेक्ष एक भी चिकित्सक व कर्मी की तैनाती नहीं है। इसके साथ ही ईएमओ के छह पदों के सापेक्ष एक की भी तैनाती नहीं है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने से गंभीर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को रेफर करने की स्थिति रहती है। ऐसे में मरीजों को निजी चिकित्सालय व अन्य जिलों का चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इन पदों पर भी है कमी
जिला अस्पताल में बाल रोग व एनेस्थेटिस्ट के चार-चार पद के सापेक्ष मात्र दो-दो, जनरल सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, वरिष्ठ स्त्री रोग परामर्शदाता, पैथाेलॉजिस्ट के दो-दो पद के सापेक्ष एक-एक की तैनाती है। वहीं, स्टाफ नर्स के 38 पदों के सापेक्ष नियमित के 18 पद रिक्त, फार्मासिस्ट के छह पद के सापेक्ष एक पद रिक्त है।
इन पदों पर संविदा पर कार्यरत हैं चिकित्सक व कर्मी
जिला अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के एक पद, चिकित्साधिकारी के चार पदों पर संविदा चिकित्सकों की तैनाती है। वहीं, 18 स्टाफ नर्स संविदा पर कार्यरत हैं।
चिकित्सकों की जल्द कराई जानी चाहिए तैनाती
किसान नेता रीता सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल में सभी विशेषज्ञ की तैनाती होनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से जिले के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान नेता नफीस चंदेल, हरीश सिंह, दिनेश कुमार तिवारी, हौंसिला प्रसाद यादव आदि ने कहा कि चेस्ट फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ईसीजी टेक्नीशियन, डेंटल हाईजिनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती की जानी चाहिए, जिससे मरीजों को सुविधा मिल सके। उन्हें निजी चिकित्सालयों के शोषण का शिकार न होना पड़े। लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती किए जाने का प्रयास करना चाहिए।
शासन को भेजा गया है पत्र
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मियों की तैनाती नहीं होने से कमी है। बताया कि रिक्त पदों को भरने के संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है।
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अमेठी को जिले का दर्जा मिले करीब डेढ़ दशक होने जा रहा है। मगर आज भी जिले में संसाधनों का टोटा बना हुआ है। संसाधन नहीं होने से जिले के लोगों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। सबसे जरूरी सुविधाओं में स्वास्थ्य सेवाएं हैं। 15 वर्ष बीतने को हैं, सीएचसी, पीएचसी की बात तो दूर, जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
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जिला अस्पताल में कुल 36 अलग-अलग विभाग के सापेक्ष 97 पद सृजित हैं। इसमें कार्डियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ईसीजी टेक्नीशियन, डेंटल हाईजिनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, बायोमेडिकल इंचार्ज, डार्क रूम सहायक व वरिष्ठ सहायक के एक-एक पद तथा ओटी टेक्नीशियन, सहायक स्टोर कीपर, वाहन चालक, लैब टेक्नीशियन के दो-दो पद के सापेक्ष एक भी चिकित्सक व कर्मी की तैनाती नहीं है। इसके साथ ही ईएमओ के छह पदों के सापेक्ष एक की भी तैनाती नहीं है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने से गंभीर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को रेफर करने की स्थिति रहती है। ऐसे में मरीजों को निजी चिकित्सालय व अन्य जिलों का चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इन पदों पर भी है कमी
जिला अस्पताल में बाल रोग व एनेस्थेटिस्ट के चार-चार पद के सापेक्ष मात्र दो-दो, जनरल सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, वरिष्ठ स्त्री रोग परामर्शदाता, पैथाेलॉजिस्ट के दो-दो पद के सापेक्ष एक-एक की तैनाती है। वहीं, स्टाफ नर्स के 38 पदों के सापेक्ष नियमित के 18 पद रिक्त, फार्मासिस्ट के छह पद के सापेक्ष एक पद रिक्त है।
इन पदों पर संविदा पर कार्यरत हैं चिकित्सक व कर्मी
जिला अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के एक पद, चिकित्साधिकारी के चार पदों पर संविदा चिकित्सकों की तैनाती है। वहीं, 18 स्टाफ नर्स संविदा पर कार्यरत हैं।
चिकित्सकों की जल्द कराई जानी चाहिए तैनाती
किसान नेता रीता सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल में सभी विशेषज्ञ की तैनाती होनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से जिले के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान नेता नफीस चंदेल, हरीश सिंह, दिनेश कुमार तिवारी, हौंसिला प्रसाद यादव आदि ने कहा कि चेस्ट फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ईसीजी टेक्नीशियन, डेंटल हाईजिनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती की जानी चाहिए, जिससे मरीजों को सुविधा मिल सके। उन्हें निजी चिकित्सालयों के शोषण का शिकार न होना पड़े। लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती किए जाने का प्रयास करना चाहिए।
शासन को भेजा गया है पत्र
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मियों की तैनाती नहीं होने से कमी है। बताया कि रिक्त पदों को भरने के संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है।