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Amethi News: फार्मासिस्ट नहीं, प्रशिक्षु छात्र मरीजों को बांट रहे दवा
Tue, 28 Oct 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 28 Oct 2025 12:35 AM IST
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जिला अस्पताल के फार्मेसी में दवा वितरित करते प्रशिक्षु। -संवाद
अमेठी सिटी। गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं सुधर रही हैं। यहां फार्मासिस्ट की जगह प्रशिक्षु छात्र दवाओं का वितरण कर रहे हैं। मरीजों के साथ सही बर्ताव नहीं किया जा रहा है। सोमवार को ओपीडी, दवा, पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी दिखी।
जिला अस्पताल में सोमवार को 1214 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिसमे 625 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। वहीं पैथोलॉजी में 244 मरीजों की जांच हुई। जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा वितरित कर रहे थे। दवा वितरण कक्ष के बाहर चीफ फार्मासिस्ट अपनी कुर्सी पर बैठकर कर पंखे की हवा ले रहे थे। मरीज राकेश ने बताया कि कई दिनों से बुखार, जुकाम है। यहां दवा काउंटर पर दवा ली, अंदर बच्चे दवा दे रहे हैं। आरती ने बताया कि जो दवाएं अंदर की थीं, दवा वितरण काउंटर पर वर्दी पहने बच्चों ने दी हैंं। इसी तरह पैथोलॉजी और इमरजेंसी में भी बगैर किसी जिम्मेदार के प्रशिक्षु छात्र मरीजों का सैंपल लेते व दवा देते मिले।
ऐंधी निवासी प्रिंस ने बताया कि 10 बजे वह अस्पताल में पंजीकरण कराने के लिए आए। बीच-बीच में यहां के कर्मी अपने लोगों को बीच में घुुसा कर परचा बनवा ले रहे थे। एक घंटे बाद किसी तरह परचा बना। उसके बाद चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने जांच लिखी है। जांच पंजीकरण काउंटर पर इससे भी बुरा हाल है। एक घंटे से लाइन में लगने के बाद नंबर आया। मानसिक रोग विभाग की ओपीडी के बाहर बैठे पीपरपुर के व्यक्ति ने बताया कि वह अपने बेटे का इलाज कराने आए थे। ओपीडी में जानकारी देना वाला कोई नहीं मिला। यहां अभी एक बाहरी व्यक्ति मिला, जो एमआरआई कराने की बात कहकर उन्हें निजी सेंटर पर लेकर चला गया। उन्होंने बिचौलियों के अस्पताल में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
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कराई जाएगी जांच
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को भीड़ अधिक थी। कहा कि एक ही फार्मासिस्ट हैं। फार्मासिस्ट की देखरेख में प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा बांट रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को गुमराह करने के मामले में उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला अस्पताल में सोमवार को 1214 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिसमे 625 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। वहीं पैथोलॉजी में 244 मरीजों की जांच हुई। जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा वितरित कर रहे थे। दवा वितरण कक्ष के बाहर चीफ फार्मासिस्ट अपनी कुर्सी पर बैठकर कर पंखे की हवा ले रहे थे। मरीज राकेश ने बताया कि कई दिनों से बुखार, जुकाम है। यहां दवा काउंटर पर दवा ली, अंदर बच्चे दवा दे रहे हैं। आरती ने बताया कि जो दवाएं अंदर की थीं, दवा वितरण काउंटर पर वर्दी पहने बच्चों ने दी हैंं। इसी तरह पैथोलॉजी और इमरजेंसी में भी बगैर किसी जिम्मेदार के प्रशिक्षु छात्र मरीजों का सैंपल लेते व दवा देते मिले।
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ऐंधी निवासी प्रिंस ने बताया कि 10 बजे वह अस्पताल में पंजीकरण कराने के लिए आए। बीच-बीच में यहां के कर्मी अपने लोगों को बीच में घुुसा कर परचा बनवा ले रहे थे। एक घंटे बाद किसी तरह परचा बना। उसके बाद चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने जांच लिखी है। जांच पंजीकरण काउंटर पर इससे भी बुरा हाल है। एक घंटे से लाइन में लगने के बाद नंबर आया। मानसिक रोग विभाग की ओपीडी के बाहर बैठे पीपरपुर के व्यक्ति ने बताया कि वह अपने बेटे का इलाज कराने आए थे। ओपीडी में जानकारी देना वाला कोई नहीं मिला। यहां अभी एक बाहरी व्यक्ति मिला, जो एमआरआई कराने की बात कहकर उन्हें निजी सेंटर पर लेकर चला गया। उन्होंने बिचौलियों के अस्पताल में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
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कराई जाएगी जांच
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को भीड़ अधिक थी। कहा कि एक ही फार्मासिस्ट हैं। फार्मासिस्ट की देखरेख में प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा बांट रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को गुमराह करने के मामले में उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।