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स्कूलों में न पीने का पानी, न शौचालय की सुविधा

Mon, 25 Apr 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 11:03 PM IST
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neither drinking water is availabe nor arrangement of toilets are there in government schools
संग्रामपुर (अमेठी)। कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों को अवस्थापना की सुविधा से लैस करने का दावा भले ही किया जा रहा है लेकिन स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। कई स्कूल में बाउंड्रीवॉल नहीं होने से बच्चे असुरक्षित हैं तो कहीं दूषित पानी पी रहे हैं। अधिकांश स्कूलों में उन्हेें प्रसाधन के लिए बाहर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार सिर्फ कागजों में लिखा पढ़ी का दावा कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं।
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संग्रामपुर ब्लॉक में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 96 परिषदीय स्कूलों का संचालन होता है। परिषदीय स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर संचालित करने के लिए पंचायत विभाग से आवंटित धनराशि से कायाकल्प योजना से सुंदरीकरण करने के साथ अवस्थापना से सुविधा से लैस किया जा रहा है।
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शासन से निर्धारित 19 बिंदु पर कायाकल्प योजना के तहत 14वें वित्त के बजट से स्कूलों में निर्माण के साथ ही अन्य कार्य पूरा करने की रिपोर्ट पंचायत विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन को भेजकर स्कूलों को अवस्थापना सुविधा से लैस होने का दावा किया है। लेकिन हकीकत यह है कि पानी की तरह सरकारी पैसा खर्च करने के बावजूद परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के बजाए और बदतर होती जा रही है।
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शासन के आदेश पर कायाकल्प अभियान चलाने के बाद भी संग्रामपुर के ज्यादातर विद्यालयों की तस्वीर नहीं बदल सकी है। क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय मे बाउंड्रीवाल नहीं हैं तो दो विद्यालय में आज तक प्रसाधन भवन नहीं बन पाया। अधिकांश स्कूलों में प्रसाधन भवन निर्मित होने के बावजूद स्थित सही नहीं है। इतना ही नहीं स्कूलों में निर्मित रसोई घर, स्टोर रूम व भवन भी जर्जर हो चुका है। स्कूलों में चहारदीवारी नहीं होने से नौनिहालों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है तो निराश्रित मवेशी विद्यालय परिसर में गंदगी कर देते हैं। इसके चलते विद्यालय परिसर में जहां-तहां गंदगी पसरी रहती है। इससे शिक्षक व छात्रों को समस्या से का सामना करना पड़ रहा है। चहारदीवारी के अभाव में अवांछनीय तत्व विद्यालय की खिड़की, दरवाजे आदि को भी नष्ट कर देते हैं।
इन स्कूलों में नहीं प्रसाधन भवन
ब्लॉक के दो विद्यालय में आज तक प्रसाधन भवन तैयार नहीं हो पाया है। इसके चलते विद्यालय में छात्र-छत्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय पूरे रमा चौहान स्थित विद्यालय में 57 बच्चे नामांकित हैं। इस विद्यालय में आज तक प्रसाधन भवन तैयार नहीं हो पाया है। इसके चलते छात्र-छात्राओं को प्रसाधन के लिए बाहर सीवान या जंगलों में जाना पड़ता है। विद्यालय में कई साल पहले प्रसाधन भवन का निर्माण शुरू हुआ लेकिन अधूरी स्थिति में काम बंद कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालय पुन्नपुर में भी कई साल पहले प्रसाधन भवन निर्माण शुरू तो हुआ पर प्रसाधन भवन का काम अब तक पूरा नहीं हुआ।
दूषित पानी पीने को मजबूर नौनिहाल
ग्राम सभा शुकुलपुर के प्राथमिक विद्यालय शुकुलपुर में बच्चे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। अमिलहना के आसपास खारे पानी की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। अधिकांश सभी नलों से दूषित पानी उगल रहा है। वहीं विद्यालय का भी नल दूषित पानी दे रहा है।

सड़क किनारे स्कूलों में भी बाउंड्रीवॉल नहीं
ब्लॉक क्षेत्र के कई विद्यालय संपर्क मार्ग पर स्थित हैं। उनमें भी बाउंड्रीवॉल नहीं होने से छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को डर बना रहता है। ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बेलखरी, प्राथमिक विद्यालय संग्रामपुर, कंपोजिट विद्यालय खेदा, प्राथमिक विद्यालय जरौटा, उच्च प्राथमिक विद्यालय मड़ौली सहित अधिक संख्या में ऐसे कई विद्यालय हैं, जो कि संपर्क मार्ग पर स्थित हैं पर इन विद्यालयों में बाउंड्री न होने से विद्यालय में पढने वाले बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
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