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Amethi News: वित्तीय वर्ष में करीब 1400 करोड़ खर्च, 10 करोड़ सरेंडर
Mon, 01 Apr 2024 05:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 01 Apr 2024 05:56 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले में विकास कार्य, वेतन, कार्यालय खर्च, एरियर आदि के भुगतान में वित्तीय वर्ष में करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जबकि करीब 10 करोड़ रुपये शासन को सरेंडर किए गए हैं। रविवार की देर शाम तक विभागीय कार्यालय गुलजार रहे। ट्रेजरी कार्यालय देर शाम तक खुला रहा। जिससे विभागीय अधिकारी, लेखाकार, बाबू आदि खर्च की गई धनराशि के बिल उपलब्ध कराते रहे।
वित्तीय वर्ष 2023-24 का समापन रविवार 31 मार्च को हो गया। वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ ही शासन से मिले धन का बिल अथवा बचा हुआ धन शासन को समर्पित कर दिया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी धन का हिसाब लगाने में जुटे रहे। यही कारण है कि रविवार के बाद भी कई विभागों के कार्यालय खुले रहे। कई विभागों ने अपने कार्यालय बंद रखे।
विकास भवन के विकास विभाग में रविवार दोपहर करीब दो बजे शासन से 70 हजार रुपये की धनराशि मिली, जिसका खर्च दिखाने के लिए विभागीय बाबू कसरत करते दिखे। जिले के विभिन्न बैंकों में भी मैनेजर व लेखाकार हिसाब करने में लगे रहे। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि पहले का कार्य उन्होंने पूरा कर लिया है। अब यह देखना है कि यदि कोई धनराशि अचानक से मिलती है तो उसका बिल आनन-फानन में बना कर सबमिट करना होगा।
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देर रात तक विभागीय बजट पर निगाह रखनी होगी। जिला कोषागार से प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जिला कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार के अनुसार विभिन्न विभागों की ओर से खर्च व सरेंडर उनके विभाग को सबमिट किया जाता है, ऐसे में निश्चित धनराशि की जानकारी उनके विभाग के पास नहीं है।
विभागों का खर्च व समर्पण धनराशि
अमेठी सिटी। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड में करीब 48 करोड़ रुपये का कुल बजट रहा। निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने बताया कि कुल करीब डेढ़ करोड़ रुपये शासन को सरेंडर किया गया है। इसी तरह करीब तीन करोड़ रुपये प्रांतीय खंड से भी शासन को सरेंडर होने की बात कही जा रही है। पंचायती राज विभाग में कुल चार प्रतिशत धन समर्पित किया गया तो 96 प्रतिशत का उपयोग किया गया। जिला पंचायत प्रशासन मद में कार्यालय व्यय के सापेक्ष 4538697 रुपये व्यय किए गए तो 497280 रुपये समर्पित किए गए। क्षेत्र पंचायत प्रशासन में 98 प्रतिशत का उपयोग, सफाई कर्मियों के वेतन मद में दो प्रतिशत का समर्पण किया गया। इस तरह करीब 21 लाख रुपये वापस किए गए। पशुपालन विभाग में करीब सात करोड़ रुपये वेतन मद में खर्च तो 34 लाख रुपये समर्पित हुए। जिला विकास विभाग में करीब 44 लाख रुपये शासन को समर्पित किए गए। मनरेगा में 100 प्रतिशत से ज्यादा धन खर्च किया गया। युवा कल्याण विभाग की ओर से पीआरडी ड्यूटी में पौने तीन करोड़ रुपये व्यय तो करीब 25 लाख रुपये सरेंडर किए गए। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 3.77 करोड़, बेसिक में 1.91 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वन विभाग में 2.3 लाख रुपये खर्च किए गए।
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वित्तीय वर्ष 2023-24 का समापन रविवार 31 मार्च को हो गया। वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ ही शासन से मिले धन का बिल अथवा बचा हुआ धन शासन को समर्पित कर दिया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी धन का हिसाब लगाने में जुटे रहे। यही कारण है कि रविवार के बाद भी कई विभागों के कार्यालय खुले रहे। कई विभागों ने अपने कार्यालय बंद रखे।
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विकास भवन के विकास विभाग में रविवार दोपहर करीब दो बजे शासन से 70 हजार रुपये की धनराशि मिली, जिसका खर्च दिखाने के लिए विभागीय बाबू कसरत करते दिखे। जिले के विभिन्न बैंकों में भी मैनेजर व लेखाकार हिसाब करने में लगे रहे। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि पहले का कार्य उन्होंने पूरा कर लिया है। अब यह देखना है कि यदि कोई धनराशि अचानक से मिलती है तो उसका बिल आनन-फानन में बना कर सबमिट करना होगा।
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देर रात तक विभागीय बजट पर निगाह रखनी होगी। जिला कोषागार से प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जिला कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार के अनुसार विभिन्न विभागों की ओर से खर्च व सरेंडर उनके विभाग को सबमिट किया जाता है, ऐसे में निश्चित धनराशि की जानकारी उनके विभाग के पास नहीं है।
विभागों का खर्च व समर्पण धनराशि
अमेठी सिटी। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड में करीब 48 करोड़ रुपये का कुल बजट रहा। निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने बताया कि कुल करीब डेढ़ करोड़ रुपये शासन को सरेंडर किया गया है। इसी तरह करीब तीन करोड़ रुपये प्रांतीय खंड से भी शासन को सरेंडर होने की बात कही जा रही है। पंचायती राज विभाग में कुल चार प्रतिशत धन समर्पित किया गया तो 96 प्रतिशत का उपयोग किया गया। जिला पंचायत प्रशासन मद में कार्यालय व्यय के सापेक्ष 4538697 रुपये व्यय किए गए तो 497280 रुपये समर्पित किए गए। क्षेत्र पंचायत प्रशासन में 98 प्रतिशत का उपयोग, सफाई कर्मियों के वेतन मद में दो प्रतिशत का समर्पण किया गया। इस तरह करीब 21 लाख रुपये वापस किए गए। पशुपालन विभाग में करीब सात करोड़ रुपये वेतन मद में खर्च तो 34 लाख रुपये समर्पित हुए। जिला विकास विभाग में करीब 44 लाख रुपये शासन को समर्पित किए गए। मनरेगा में 100 प्रतिशत से ज्यादा धन खर्च किया गया। युवा कल्याण विभाग की ओर से पीआरडी ड्यूटी में पौने तीन करोड़ रुपये व्यय तो करीब 25 लाख रुपये सरेंडर किए गए। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 3.77 करोड़, बेसिक में 1.91 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वन विभाग में 2.3 लाख रुपये खर्च किए गए।