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कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की नैट परीक्षा 20 को
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गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पंजीकृत विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर का आकलन करने के लिए 20 अक्तूबर को निपुण एसेसमेंट टेस्ट (नैट) परीक्षा आयोजित होगी। 90 मिनट की यह लर्निंग आउटकम परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जाएगी। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को सरल एप पर स्कैन किया जाएगा। इसके बाद तत्काल रिजल्ट भी पता चल जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट व 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल का संचालन करता है। इन विद्यालयों में दो लाख पांच हजार 20 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। बेहतर ढंग से शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग विविध कार्यक्रम संचालित कर रहा है। विभाग की ओर से संचालित निपुण भारत मिशन अभियान के तहत लागू की नई शिक्षा नीति को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए कक्षा एक से तीन तक नौनिहालों के भाषा व गणित तथा कक्षा चार से आठ तक अपेक्षित अधिगत स्तर पर सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारित शिक्षण कार्य किया जा रहा है।
अब तक निपुण भारत/लर्निंग आउटकम पर आधारित त्रैमासिक आकलन करने में बेसिक शिक्षा विभाग जुटा है।इसके लिए आगामी 20 अक्तूबर को नैट परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। परीक्षा में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की ओएमआर शीट पर नौ अंक की स्टूडेंट आईडी के साथ क्रमवार मौखिक रूप से प्रश्न पूछने के बाद उत्तर शिक्षक स्वयं ओएमआर शीट पर भरेंगे। शिक्षक सिर्फ उन्हीं प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर भरेंगे जिसका बच्चे ने सही उत्तर दिया हो।
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इसके अतिरिक्त कक्षा चार से आठ तक बच्चों को सिर्फ ओएमआर शीट भरने की विधि शिक्षक बताएंगे। उत्तर विद्यार्थी स्वयं भरेंगे। ओएमआर शीट से परीक्षा के लिए 90 मिनट निर्धारित किए गए हैं जिसमें 10 मिनट ओएमआर शीट भरने की विधि समझाएंगे तो 60 मिनट प्रश्नपत्र हल करने व 20 मिनट ओएमआर शीट भरने के लिए निर्धारित किया गया है। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट सरल एप पर स्कैन करने के बाद स्कूल में सुरक्षित रखी जाएगी।
एप से मूल्यांकन के बाद नौनिहालों के बौद्धिक स्तर का परीक्षण करते हुए शिक्षकों को सुधार के लिए प्रेषित करते हुए कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य को प्राप्त करते हुए शैक्षिक स्तर बेहतर बनाया जाएगा। ओएमआर शीट पर परीक्षा व सरल एप पर मूल्यांकन से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से एसआरजी, एआरपी व शिक्षकों को यू-ट्यूब सेशन आयोजित कर प्रशिक्षित किया जाएगा। ओएमआर शीट स्कैन करने के साथ अन्य विधि से जुड़ा वीडियो भी उन्हें दिया जाएगा।
बच्चों को स्कूल से मिलेगा पेन
त्रैमासिक परीक्षा में ओएमआर शीट भरने के लिए प्रति विद्यार्थी पांच रुपये की दर से स्कूल के पास मौजूद कंपोजिट राशि से धन आहरित कर काला बॉल पेन खरीदा जाएगा। परीक्षा के दौरान प्रधानाध्यापक विद्यार्थियों को पेन वितरित कर उपभोग की राशि का प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा करेंगे।
पर्यवेक्षक की होगी व्यवस्था
परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों के मुद्रण फाउंडेशन लिटरेसी एवं न्यूमरेसी तथा लर्निंग एनहान्समेंट प्रोग्राम मद से होगी। मुद्रण के बाद सीडी व ओएमआर शीट विशेष वाहक के माध्यम से बीएसए कार्यालय को भेजी जाएगी। शिक्षकों को परीक्षा के दिन शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थित सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है तो बीईओ को पर्यवेक्षक नामित कर निगरानी करने तथा जिला समन्वयक व बीएसए को परीक्षा की शुचिता कायम रखने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
बांटी गई जिम्मेदारी
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार 20 अक्तूबर को त्रैमासिक आकलन परीक्षा की तैयारियां की जा रही हैं। परीक्षा की शुचिता कायम रहे इसके लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। ओएमआर शीट से परीक्षा व सरल एप से मूल्यांकन होने से सही स्थिति का आकलन होगा। इसके बाद कार्ययोजना निर्धारित कर निपुण भारत का लक्ष्य पूरा करते हुए बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहतर बनाया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट व 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल का संचालन करता है। इन विद्यालयों में दो लाख पांच हजार 20 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। बेहतर ढंग से शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग विविध कार्यक्रम संचालित कर रहा है। विभाग की ओर से संचालित निपुण भारत मिशन अभियान के तहत लागू की नई शिक्षा नीति को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए कक्षा एक से तीन तक नौनिहालों के भाषा व गणित तथा कक्षा चार से आठ तक अपेक्षित अधिगत स्तर पर सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारित शिक्षण कार्य किया जा रहा है।
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अब तक निपुण भारत/लर्निंग आउटकम पर आधारित त्रैमासिक आकलन करने में बेसिक शिक्षा विभाग जुटा है।इसके लिए आगामी 20 अक्तूबर को नैट परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। परीक्षा में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की ओएमआर शीट पर नौ अंक की स्टूडेंट आईडी के साथ क्रमवार मौखिक रूप से प्रश्न पूछने के बाद उत्तर शिक्षक स्वयं ओएमआर शीट पर भरेंगे। शिक्षक सिर्फ उन्हीं प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर भरेंगे जिसका बच्चे ने सही उत्तर दिया हो।
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इसके अतिरिक्त कक्षा चार से आठ तक बच्चों को सिर्फ ओएमआर शीट भरने की विधि शिक्षक बताएंगे। उत्तर विद्यार्थी स्वयं भरेंगे। ओएमआर शीट से परीक्षा के लिए 90 मिनट निर्धारित किए गए हैं जिसमें 10 मिनट ओएमआर शीट भरने की विधि समझाएंगे तो 60 मिनट प्रश्नपत्र हल करने व 20 मिनट ओएमआर शीट भरने के लिए निर्धारित किया गया है। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट सरल एप पर स्कैन करने के बाद स्कूल में सुरक्षित रखी जाएगी।
एप से मूल्यांकन के बाद नौनिहालों के बौद्धिक स्तर का परीक्षण करते हुए शिक्षकों को सुधार के लिए प्रेषित करते हुए कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य को प्राप्त करते हुए शैक्षिक स्तर बेहतर बनाया जाएगा। ओएमआर शीट पर परीक्षा व सरल एप पर मूल्यांकन से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से एसआरजी, एआरपी व शिक्षकों को यू-ट्यूब सेशन आयोजित कर प्रशिक्षित किया जाएगा। ओएमआर शीट स्कैन करने के साथ अन्य विधि से जुड़ा वीडियो भी उन्हें दिया जाएगा।
बच्चों को स्कूल से मिलेगा पेन
त्रैमासिक परीक्षा में ओएमआर शीट भरने के लिए प्रति विद्यार्थी पांच रुपये की दर से स्कूल के पास मौजूद कंपोजिट राशि से धन आहरित कर काला बॉल पेन खरीदा जाएगा। परीक्षा के दौरान प्रधानाध्यापक विद्यार्थियों को पेन वितरित कर उपभोग की राशि का प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा करेंगे।
पर्यवेक्षक की होगी व्यवस्था
परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों के मुद्रण फाउंडेशन लिटरेसी एवं न्यूमरेसी तथा लर्निंग एनहान्समेंट प्रोग्राम मद से होगी। मुद्रण के बाद सीडी व ओएमआर शीट विशेष वाहक के माध्यम से बीएसए कार्यालय को भेजी जाएगी। शिक्षकों को परीक्षा के दिन शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थित सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है तो बीईओ को पर्यवेक्षक नामित कर निगरानी करने तथा जिला समन्वयक व बीएसए को परीक्षा की शुचिता कायम रखने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
बांटी गई जिम्मेदारी
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार 20 अक्तूबर को त्रैमासिक आकलन परीक्षा की तैयारियां की जा रही हैं। परीक्षा की शुचिता कायम रहे इसके लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। ओएमआर शीट से परीक्षा व सरल एप से मूल्यांकन होने से सही स्थिति का आकलन होगा। इसके बाद कार्ययोजना निर्धारित कर निपुण भारत का लक्ष्य पूरा करते हुए बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहतर बनाया जाएगा।