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जर्जर स्कूलों में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल
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बाजार शुकुल (अमेठी)। नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन स्कूलों की हालत जर्जर है। क्षेत्र के आठ प्राथमिक विद्यालयों के भवन पूरी तरह जर्जर पड़े हैं। बच्चों को अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
विकास खंड बाजार शुकुल में प्राथमिक विद्यालय माझगांव, दक्खिन गांव द्वितीय, दारानगर, बरसंडा, छज्जू मोहिद्दीन, पूरे पठान, बिराहिम बाजगढ़ व मरदानपुर के भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गए हैं। इसके चलते यहां नामांकित बच्चों को अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल भवन जर्जर होने की जानकारी के बावजूद जिम्मेदार अब तक कायाकल्प योजना से भी शैक्षिक भवन की मरम्मत करने की जहमत नहीं उठा सके हैं।
अतिरिक्त शिक्षण कक्ष में एक साथ बच्चों की पढ़ाई होने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है वहीं शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों ने मामले की सूचना विभाग को देते हुए जर्जर भवन ध्वस्त कराकर नए भवन के निर्माण की मांग की है।
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बीईओ शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रधानाध्यापकों ने पत्र भेजकर भवन पूरी तरह से जर्जर होने की जानकारी में है। जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण व नए भवन निर्माण का अनुमानित आगणन तैयार कराने के लिए पीडब्ल्यूडी से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही जर्जर भवनों का मूल्यांकन कराते हुए ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। लोगों ने राज्यमंत्री/विधायक सुरेश पासी व डीएम से नौनिहालों की सुरक्षा व शिक्षण के लिए नए भवन के निर्माण को मंजूरी दिलाने की मांग की है।
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विकास खंड बाजार शुकुल में प्राथमिक विद्यालय माझगांव, दक्खिन गांव द्वितीय, दारानगर, बरसंडा, छज्जू मोहिद्दीन, पूरे पठान, बिराहिम बाजगढ़ व मरदानपुर के भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गए हैं। इसके चलते यहां नामांकित बच्चों को अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल भवन जर्जर होने की जानकारी के बावजूद जिम्मेदार अब तक कायाकल्प योजना से भी शैक्षिक भवन की मरम्मत करने की जहमत नहीं उठा सके हैं।
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अतिरिक्त शिक्षण कक्ष में एक साथ बच्चों की पढ़ाई होने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है वहीं शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों ने मामले की सूचना विभाग को देते हुए जर्जर भवन ध्वस्त कराकर नए भवन के निर्माण की मांग की है।
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बीईओ शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रधानाध्यापकों ने पत्र भेजकर भवन पूरी तरह से जर्जर होने की जानकारी में है। जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण व नए भवन निर्माण का अनुमानित आगणन तैयार कराने के लिए पीडब्ल्यूडी से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही जर्जर भवनों का मूल्यांकन कराते हुए ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। लोगों ने राज्यमंत्री/विधायक सुरेश पासी व डीएम से नौनिहालों की सुरक्षा व शिक्षण के लिए नए भवन के निर्माण को मंजूरी दिलाने की मांग की है।